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Gonda News: बिना रीजेंट सीएचसी पर धूल फांक रही करोड़ो की अत्याधुनिक मशीनें

Wed, 07 Dec 2022 11:52 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Dec 2022 11:52 PM IST
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गोंडा के नबावगंज सीएचसी पर रसायन के अभाव में पैक रखी मशीनें। -संवाद - फोटो : GONDA
गोंडा। जिले की 16 सीएचसी पर जिला अस्पताल की तर्ज पर एनसीडी (नान कम्युनिकेबल डिजीज) लैब की स्थापना की गई थी। इसमें करोड़ों की अत्याधुनिक नई मशीनें मंगाई गईं, पर अधिकारियों की लापरवाही से रीजेंट (रसायन) नहीं खरीदा गया। मशीनों में पर धूल जमीं है। वहीं, काम चलाऊं जांच कर रहीं पुरानी मशीनें भी रीजेंट के अभाव में ठप हो गईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच न होने से मरीजों को निजी पौथालॉजी में जाना पड़ता है।
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एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल की तर्ज पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एनसीडी लैब की स्थापना की गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 में करोड़ों की लागत से 16 सीएचसी के लिए सीबीसी, बायोकेमेस्ट्री एनालाइजर, ईएसआर एनालाइजर, कोगुलेशन एनालाइजर व इलेक्ट्राल एनालाइजर समेत अन्य मशीनों की खरीद की गईं। ये मशीनें अब लैब में पड़ी धूल फांक रही हैं। रीजेंट (रसायन) की खरीद न होने से मशीनें चालू नहीं हो सकीं।
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चार माह से नहीं हो रही सीबीसी जांच
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज में चार माह से सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) मशीन भी रीजेंट के अभाव में ठप पड़ी है। जिससे डेंगू व बुखार के मरीजों को प्लेटलेट्स काउंट के लिए सीबीसी जांच कराने के लिए भटकना पड़ता है। मरीज निजी पैथालॉजी पर 350 रुपये तक खर्च कर रहे हैं।
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सीएचसी कटरा बाजार में तैनात लैब टेक्नीशियन राकेश कुमार ने बताया कि यहां सीबीसी, हिमैटो एनालाइजर, बॉयोकेमिस्ट्री एनालाइजर आदि मशीनों के लिए रीजेंट नहीं है। सीएचसी अधीक्षक अमित कुमार चौधरी ने बताया कि रीजेंट के लिए डिमांड भेजा गया है।
वहीं, सीएचसी वजीरगंज बॉयोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन की रीजेंट न मिलने के कारण लिपिड प्रोफाइल, लीवर कार्यक्षमता परीक्षण (एलएफटी) व किडनी कार्यक्षमता परीक्षण (केएफटी) की जांच नहीं हो पा रही है। रसायन न होने से करोड़ों की मशीनें धूल फांक रही हैं।
जेनरेटर न चलने से ठप रहतीं जांचें
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हलधरमऊ पर सुबह से दोपहर तक अक्सर बिजली कटौती की जाती है। सीएचसी पर जेनरेटर तो है, लेकिन डीजल का बजट न होने की बात कहकर चालू नहीं किया जाता। जिससे ओपीडी के समय आने वाले मरीजों की जांच में दिक्कत होती है। सीएचसी अधीक्षक एसपी वर्मा ने बताया कि डीजल का बजट नहीं होने से जेनरेटर नहीं चलाया जा सकता।

रसायन उपलब्ध कराने के निर्देश
सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच मशीनों की व्यवस्था है। कुछ स्थानों पर रसायन न होने की जानकारी मिली है। जल्द ही रसायन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ
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