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Gonda News: 11 बंदियों में टीबी व तीन में एचआईवी के लक्षण
Wed, 22 Feb 2023 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 22 Feb 2023 11:36 PM IST
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जांच करते चिकित्सक।
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गोंडा। क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत दो दिनों की जांच में मंडलीय कारागार में निरुद्ध 11 बंदियों में टीबी व तीन में एचआईवी के लक्षण मिले हैं। जबकि दो दर्जन से बंदी अधिक कई महीनों से त्वचा रोगों से परेशान हैं।
बुधवार को मंडलीय कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों और सजायाफ्ता कैदियों की जांच की गई। जिसमें 11 बंदियों में टीबी के लक्षण मिले। उनके कफ का सैंपल लेकर जांच को भेजा गया। इस दौरान 495 बंदियों की एचआईवी जांच कराई गई। तीन मरीजों में एचआईवी संक्रमित होने के लक्षण मिले हैं।
बता दें कि क्षय रोग उन्मूलन के तहत बीस फरवरी से 23 फरवरी तक जिला जेल, नारी निकेतन, वृद्ध आश्रम, अनाथालय, बाल संरक्षण गृह, मदरसा व नवोदय विद्यालयों में सैंपल लेकर टीबी की जांच की जानी थी। इसके तहत मंडलीय कारागार में बंदियों की जांच कराई गई।
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इधर, कारागार में सजा काट रहे दो दर्जन से अधिक बंदी दाद, खुजली व चर्म रोगों से परेशान हैं। हाल ही में जामनत पर रिहा एक कैदी के अनुसार कारागार में इलाज का समुचित व्यवस्था नहीं है। चिकित्सीय शिविर लगाता है तो उसी में इलाज की खानापूर्ति की जाती है। बदलते मौसम की वजह से भी कैदी व बंदियों की बीमारियां बढ़ रही हैं।
मरीजों का सैंपल लेकर जांच को भेजा
अभियान के तहत जिला कारागार, बाल संरक्षण गृह, वृद्धाश्रम व 42 मदरसों में टीबी व एचआईवी की स्क्रीनिंग कराई गई। अन्य नवोदय विद्यालयों मे जांच कराई जाएगी। संभावित मरीजों का सैंपल लेकर जांच किया जाएगा। उसके बाद उनका इलाज शुरू होगा।
- डॉ. जय गोविंद, जिला क्षय रोग अधिकारी
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बुधवार को मंडलीय कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों और सजायाफ्ता कैदियों की जांच की गई। जिसमें 11 बंदियों में टीबी के लक्षण मिले। उनके कफ का सैंपल लेकर जांच को भेजा गया। इस दौरान 495 बंदियों की एचआईवी जांच कराई गई। तीन मरीजों में एचआईवी संक्रमित होने के लक्षण मिले हैं।
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बता दें कि क्षय रोग उन्मूलन के तहत बीस फरवरी से 23 फरवरी तक जिला जेल, नारी निकेतन, वृद्ध आश्रम, अनाथालय, बाल संरक्षण गृह, मदरसा व नवोदय विद्यालयों में सैंपल लेकर टीबी की जांच की जानी थी। इसके तहत मंडलीय कारागार में बंदियों की जांच कराई गई।
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इधर, कारागार में सजा काट रहे दो दर्जन से अधिक बंदी दाद, खुजली व चर्म रोगों से परेशान हैं। हाल ही में जामनत पर रिहा एक कैदी के अनुसार कारागार में इलाज का समुचित व्यवस्था नहीं है। चिकित्सीय शिविर लगाता है तो उसी में इलाज की खानापूर्ति की जाती है। बदलते मौसम की वजह से भी कैदी व बंदियों की बीमारियां बढ़ रही हैं।
मरीजों का सैंपल लेकर जांच को भेजा
अभियान के तहत जिला कारागार, बाल संरक्षण गृह, वृद्धाश्रम व 42 मदरसों में टीबी व एचआईवी की स्क्रीनिंग कराई गई। अन्य नवोदय विद्यालयों मे जांच कराई जाएगी। संभावित मरीजों का सैंपल लेकर जांच किया जाएगा। उसके बाद उनका इलाज शुरू होगा।
- डॉ. जय गोविंद, जिला क्षय रोग अधिकारी
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