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दस्तक में मिले बुखार के चार हजार मरीज, 18 में डेंगू की पुष्टि
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जिला मेमोरियल चिकित्सालय में दवा लेने के लिए काउंटर पर जमा मरीज व तीमारदार- संवाद
- फोटो : BALRAMPUR
गोंडा। मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। इसके चलते ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुखार पीड़ितों को चिह्नित करने के लिए संचालित घर घर दस्तक अभियान में करीब 4 हजार बुखार पीड़ित मिले। इनमें से 18 में डेंगू की पुष्टि भी हुई है। इसके अलावा जांच में बड़ी संख्या में मलेरिया, टायफाइड व वायरल बुखार से पीड़ित मरीज भी मिले। 35 सौ स्वास्थ्य कर्मियों की अलग अलग टीमें गठित कर यह अभियान 7 से 21 अक्तूबर तक चला। इसमें बुखार पीड़ितों का परीक्षण कर उन्हें मुफ्त दवाओं के साथ बीमारी से बचाने को जागरूक भी किया गया।
अभियान में शामिल आशा बहू व एएनएम ने गांवों में मिले बुखार पीड़ितों की सूची भी तैयार की है। इस दौरान ज्यादा गंभीर मिले मरीजों को बेहतर इलाज सुविधा के लिए समीप स्थिति पीएचसी व सीएचसी में भर्ती भी कराया गया। टीम में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों ने गांवों में चौपाल लगाकर महिलाओं व बच्चों को संचारी रोगों से बचाव के बारे में जानकारी देकर जागरूक भी किया।
इसमें बताया गया कि मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए दिन में पूरी आस्तीन की कमीज व पैंट का इस्तेमाल ही करे। घरों के आसपास जलभराव न होने दें। घरों की छतों के ऊपर टूटे-फूटे बर्तन, टायर, कबाड़ा आदि में पानी का जमाव न होने दे। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि संचारी रोगों के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के लिए 7 से 21 अक्तूबर तक संचालित घर-घर दस्तक अभियान में बुखार पीड़ितों को खोजकर उनका इलाज कराया गया।
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अभियान में शामिल आशा बहू व एएनएम ने गांवों में मिले बुखार पीड़ितों की सूची भी तैयार की है। इस दौरान ज्यादा गंभीर मिले मरीजों को बेहतर इलाज सुविधा के लिए समीप स्थिति पीएचसी व सीएचसी में भर्ती भी कराया गया। टीम में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों ने गांवों में चौपाल लगाकर महिलाओं व बच्चों को संचारी रोगों से बचाव के बारे में जानकारी देकर जागरूक भी किया।
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इसमें बताया गया कि मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए दिन में पूरी आस्तीन की कमीज व पैंट का इस्तेमाल ही करे। घरों के आसपास जलभराव न होने दें। घरों की छतों के ऊपर टूटे-फूटे बर्तन, टायर, कबाड़ा आदि में पानी का जमाव न होने दे। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि संचारी रोगों के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के लिए 7 से 21 अक्तूबर तक संचालित घर-घर दस्तक अभियान में बुखार पीड़ितों को खोजकर उनका इलाज कराया गया।
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