{"_id":"60313f258ebc3ee8f8517a7a","slug":"gonda-gets-two-engines-with-rajdhani-and-shatabdi-gonda-news-lko5658612185","type":"story","status":"publish","title_hn":"बढ़ेगी ट्रेन की रफ्तार, दो वैप 7 इंजन मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बढ़ेगी ट्रेन की रफ्तार, दो वैप 7 इंजन मिले
विज्ञापन
गोंडा पहुंचा वैप 7 इंजन।
- फोटो : GONDA
गोंडा। रेलवे बोर्ड ने लोको शेड गोंडा को पहली बार राजधानी, शताब्दी एक्सप्रेस में प्रयोग होने वाले दो वैप-7 इंजन मिले हैं। इससे माना जा रहा है कि शीघ्र ही लखनऊ-गोरखपुर के बीच चलने वाली ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जाएगी जिससे यात्रियों को कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
भारतीय रेलवे में उच्च क्षमता का 288 वैप-7 इंजन (लोको) मौजूद हैं। यह इंजन आधुनिक फीचर्स से लैस होता है। वैप-7 लोको की 7600 हार्स पॉवर की क्षमता है। उच्च ब्रेक सिस्टम और इंजन की क्षमता अधिक होने के कारण 130-160 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेन को चलाया जा सकता है।
वैप-7 सीरीज के लोको कम समय मे जल्दी स्पीड पकड़ लेते हैं। इससे समय और बिजली दोनों की बचत होती है। पूर्वोत्तर रेलवे का गोंडा पहला लोको शेड होगा जहां इंजन को उपलब्ध कराया गया है।
विज्ञापन
इससे पहले इस लोको शेड में केवल वेग -7 , वैप-4 के कम क्षमता के लोको उपलब्ध हैं, जिनकी स्पीड 110 किमी प्रति घंटे तक ही है। जिससे रेल गाड़ियों को अधिक समय लगता था। साथ ही बिजली की खपत बहुत होती है। शताब्दी व राजधानी ट्रेनों में इसी इंजन को लगाया जाता है।
अब यह लोको गोंडा रेलवे शेड में मिल जाने से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही गोरखपुर से वाया गोंडा होकर दिल्ली के बीच राजधानी एक्सप्रेस चलाई जाएगी। लखनऊ डिवीजन की डीआरएम डॉ मोनिका अग्निहोत्री ने कहा है कि रेलवे के विकास में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इससे ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
भारतीय रेलवे में उच्च क्षमता का 288 वैप-7 इंजन (लोको) मौजूद हैं। यह इंजन आधुनिक फीचर्स से लैस होता है। वैप-7 लोको की 7600 हार्स पॉवर की क्षमता है। उच्च ब्रेक सिस्टम और इंजन की क्षमता अधिक होने के कारण 130-160 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेन को चलाया जा सकता है।
विज्ञापन
वैप-7 सीरीज के लोको कम समय मे जल्दी स्पीड पकड़ लेते हैं। इससे समय और बिजली दोनों की बचत होती है। पूर्वोत्तर रेलवे का गोंडा पहला लोको शेड होगा जहां इंजन को उपलब्ध कराया गया है।
विज्ञापन
इससे पहले इस लोको शेड में केवल वेग -7 , वैप-4 के कम क्षमता के लोको उपलब्ध हैं, जिनकी स्पीड 110 किमी प्रति घंटे तक ही है। जिससे रेल गाड़ियों को अधिक समय लगता था। साथ ही बिजली की खपत बहुत होती है। शताब्दी व राजधानी ट्रेनों में इसी इंजन को लगाया जाता है।
अब यह लोको गोंडा रेलवे शेड में मिल जाने से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही गोरखपुर से वाया गोंडा होकर दिल्ली के बीच राजधानी एक्सप्रेस चलाई जाएगी। लखनऊ डिवीजन की डीआरएम डॉ मोनिका अग्निहोत्री ने कहा है कि रेलवे के विकास में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इससे ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने में मदद मिलेगी।