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बाढ़ का कहर: रप्ती नाले में डूबने से दो मासूमों की मौत

Sat, 15 Oct 2022 11:18 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2022 11:18 PM IST
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परसपुर/तरबगंज (गोंडा)। आफत की बारिश से आई बाढ़ का प्रकोप अब जानलेवा बनता जा रहा है। नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण प्रभावित गांवों में बाढ़ का पानी थमने का नाम नहीं ले रहा। अब तक छह सौ के करीब गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। बाढ़ के पानी से उफनाए नाले भी अब खतरनाक होने लगे हैं। इसके चलते परसपुर के चरसड़ी में खालेपुरवा के रप्ती नाले में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। वहीं तरबगंज तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव अमौठी में बीमार वृद्ध महिला व एक अबोध बच्ची ने भी समय पर इलाज न मिल पाने के कारण दम तोड़ दिया।
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इससे पहले बाढ़ में डूबने से चार लोगों की मौत हो चुकी है। पीड़ितों के परिजनों को चार- चार लाख रुपये की सहायता राशि भी प्रशासन ने उपलब्ध कराई है। थाना क्षेत्र परसपुर का ग्राम चरसड़ी, खालेपुरवा निवासी दानपाल ने बताया कि वह मवेशियों के लिए चारा लेने गए थे। इसी दौरान उनके पुत्र शनि (5) व बेटी लक्ष्मी (2) खेलते खेलते घर से बाहर निकल गए। शाम को काफी खोजबीन के बाद भी बच्चों का कुछ पता नहीं चला।
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शनिवार की सुबह करीब छह बजे घर के बगल में ही दोनों बच्चों का शव रप्ती नाले में उतराता मिला। प्रभारी निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह न बताया कि तहसीलदार नरसिंह नरायन वर्मा की उपस्थिति में दोनों शवों का पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं तरबगंज तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव अमौठी में बीमार वृद्ध महिला ईश्वरपति (62) काफी दिनों से बीमार चल रही थीं। शुक्रवार देरशाम तबियत ज्यादा बिगड़ जाने के बावजूद बाढ़ के कारण बाधित आवागमन के कारण समय पर इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई। इसी गांव के मनोज मिश्रा की तीन वर्षीय बेटी ने भी समय पर इलाज न मिल पाने से दम तोड़ दिया।
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नही थम रहा प्रकोप, परेशानी बढ़ी
सरयू नदी में पानी का उफान भले ही कम हो रहा है, लेकिन बाढ़ की दुश्वारियां थमने का नाम नहीं ले रही। इससे परेशान लोगों का घरों से पलायन भी लगातार जारी है। माझा क्षेत्र में जिन लोगों ने अपना घर नहीं छोड़ा है, वह दाने- दाने को मोहताज हैं। सरयू नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार की शाम सरयू नदी का जलस्तर 93.460 मीटर रहा। जोकि खतरे के निशान से 73 सेमी ऊपर है। सड़कों के कट जाने से अधिकांश गांवों में रास्ते कट जाने से आवागमन भी पूरी तरह बाधित है।

पीड़ितों को मदद पहुंचाने में जुटा प्रशासन
सीएम योगी के निर्देश के बाद बाढ़ पीडितों को हर संभव स्तर पर मदद पहुंचाने के लिए पूरा प्रशासनिक अमला पूरी तेजी के साथ जुटा है। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने इसकी कमान खुद संभाल रखी है। इसके तहत ही उन्होंने नवाबगंज में राहत वितरण करने के साथ ही बचाव कार्यों का भी निरीक्षण किया। डीएम ने मोटर बोट से कई गांव प्रभावित गांवों का भ्रमण करने के साथ ही राहत सामग्री का वितरण भी किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी जयनाथ यादव, उपजिलाधिकारी तरबगंज शत्रोहन पाठक व विधायक प्रतिनिधि मनकापुर वेद प्रकाश दुबे आदि मौजूद रहे।
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