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तेज बुखार से बच्चे की मौत, डेंगू के दो नए मरीज मिले
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गोंडा के जिला अस्पताल में दवा वितरण काउंटर पर लाइन में लगी महिलाएं। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। डेंगू व बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार को भी तेज बुखार से पीड़ित एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही जांच के बाद दो नए मरीजों में भी डेंगू की पुष्टि हुई है। इससे जिले में डेंगू पीड़ित मरीजों का आंकड़ा 125 तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिश के बाद भी बुखार पीड़ितों की संख्या में भी कमी नहीं आ रही। इसके चलते ही ओपीडी में इलाज कराने की वालों की संख्या हर दिन बढ़ रही है।
दर्जीकुंआ के रुपईडीह निवासी वेदप्रकाश जायसवाल (4) पिछले पांच दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। उसका इलाज सीएचसी काजीदेवर के पास स्थित एक निजी क्लीनिक में चल रहा था। गुरुवार को बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद उसे जिला अस्पताल रिफर किया गया, जहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने परीक्षण बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके साथ पैथालॉजी जांच में बुखार से पीड़ित दो और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इन्हें मिलाकर डेंगू संक्रमितों की संख्या बढ़कर 125 तक पहुंच गई है।
इसमें से दस मरीजों का इलाज जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में और बाकी का दूसरे सरकारी व निजी अस्पतालों में चल रहा है। बुखार पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कोविड अस्पताल में भी डेंगू मरीजों के लिए अलग से 40 बेड रिजर्व कराए गए हैं। गुरुवार को डेंगू कंट्रोल रूम की टीम ने डेंगू वार्ड का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
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लापरवाही पर डीएमओ को फटकार, रोका वेतन
डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बाद भी इसकी रोकथाम से जुड़े स्वास्थ्य विभाग व मलेरिया इकाई के जिम्मेदार उदासीन बने हैं। इसके चलते ही मच्छरों की रोकथाम व इनके उन्मूलन के लिए फागिंग व एंटी लार्वा रोधी कार्रवाई कराने वाले जिला मलेरिया अधिकारी एसजेडए जैदी बिना किसी सूचना के ही तीन दिनों से कार्यालय से गायब हैं। उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ बता रहा है। गुुरुवार को कार्यालय आने सीएमओ ने डीएमओ को तलब कर कड़ी फटकार लगाते हुए उनका तीन दिन का वेतन रोकने का निर्देश भी दिया।
15 दिनों में ही दोगुना हुए डेंगू के मरीज
जिला अस्पताल की पैथालॉजी में सुस्त रफ्तार हो रही बुखार पीड़ितों की डेंगू जांच से स्वास्थ्य विभाग डेंगू मरीजों की वास्तविक संख्या को छिपाने की कोशिश में जुटा है। इसके बाद भी डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या का आंकड़ा कम नही हो रहा। एक नवंबर तक 63 डेंगू के केस सामने आए थे। 15 दिनों बाद इनकी संख्या दो गुना से बढ़कर 125 तक पहुंच गई है। इसके साथ ही मलेरिया के 13 व कोरोना संक्रमण के भी 16 मरीज मिले हैं।
दूसरी ओर जिला अस्पताल में दस बेड के डेंगू वार्ड तथा कोविड अस्पताल में 40 बेड का अतिरिक्त वार्ड में डॉक्टरों की टीम को निरंतर इलाज के लिए अलर्ट किया गया है। वहीं सीएमओ कार्यालय स्थित डेंगू कंट्रोल रूम मरीजों की मदद के लिए 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
अलर्ट पर हैं टीमें
डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहले से ही अलर्ट पर हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग की टीमें शिविर आयोजित कर बुखार पीड़ितों की जांच कर उनकी निगरानी हो रही है। कोविड वार्ड में भी डेंगू पीड़ितों के इलाज के लिए 40 बेड आरक्षित कर इलाज की व्यवस्था कराई जाने लगी है। ठंड बढ़ने के साथ ही डेंगू व बुखार के प्रकोप में कमी आने की उम्मीद है।
डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ
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दर्जीकुंआ के रुपईडीह निवासी वेदप्रकाश जायसवाल (4) पिछले पांच दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। उसका इलाज सीएचसी काजीदेवर के पास स्थित एक निजी क्लीनिक में चल रहा था। गुरुवार को बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद उसे जिला अस्पताल रिफर किया गया, जहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने परीक्षण बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके साथ पैथालॉजी जांच में बुखार से पीड़ित दो और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इन्हें मिलाकर डेंगू संक्रमितों की संख्या बढ़कर 125 तक पहुंच गई है।
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इसमें से दस मरीजों का इलाज जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में और बाकी का दूसरे सरकारी व निजी अस्पतालों में चल रहा है। बुखार पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कोविड अस्पताल में भी डेंगू मरीजों के लिए अलग से 40 बेड रिजर्व कराए गए हैं। गुरुवार को डेंगू कंट्रोल रूम की टीम ने डेंगू वार्ड का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
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लापरवाही पर डीएमओ को फटकार, रोका वेतन
डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बाद भी इसकी रोकथाम से जुड़े स्वास्थ्य विभाग व मलेरिया इकाई के जिम्मेदार उदासीन बने हैं। इसके चलते ही मच्छरों की रोकथाम व इनके उन्मूलन के लिए फागिंग व एंटी लार्वा रोधी कार्रवाई कराने वाले जिला मलेरिया अधिकारी एसजेडए जैदी बिना किसी सूचना के ही तीन दिनों से कार्यालय से गायब हैं। उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ बता रहा है। गुुरुवार को कार्यालय आने सीएमओ ने डीएमओ को तलब कर कड़ी फटकार लगाते हुए उनका तीन दिन का वेतन रोकने का निर्देश भी दिया।
15 दिनों में ही दोगुना हुए डेंगू के मरीज
जिला अस्पताल की पैथालॉजी में सुस्त रफ्तार हो रही बुखार पीड़ितों की डेंगू जांच से स्वास्थ्य विभाग डेंगू मरीजों की वास्तविक संख्या को छिपाने की कोशिश में जुटा है। इसके बाद भी डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या का आंकड़ा कम नही हो रहा। एक नवंबर तक 63 डेंगू के केस सामने आए थे। 15 दिनों बाद इनकी संख्या दो गुना से बढ़कर 125 तक पहुंच गई है। इसके साथ ही मलेरिया के 13 व कोरोना संक्रमण के भी 16 मरीज मिले हैं।
दूसरी ओर जिला अस्पताल में दस बेड के डेंगू वार्ड तथा कोविड अस्पताल में 40 बेड का अतिरिक्त वार्ड में डॉक्टरों की टीम को निरंतर इलाज के लिए अलर्ट किया गया है। वहीं सीएमओ कार्यालय स्थित डेंगू कंट्रोल रूम मरीजों की मदद के लिए 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
अलर्ट पर हैं टीमें
डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहले से ही अलर्ट पर हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग की टीमें शिविर आयोजित कर बुखार पीड़ितों की जांच कर उनकी निगरानी हो रही है। कोविड वार्ड में भी डेंगू पीड़ितों के इलाज के लिए 40 बेड आरक्षित कर इलाज की व्यवस्था कराई जाने लगी है। ठंड बढ़ने के साथ ही डेंगू व बुखार के प्रकोप में कमी आने की उम्मीद है।
डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ