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Gonda News: विकास में छलांग लेकिन कानून-व्यवस्था में पिछड़ा गोंडा

Sun, 11 Oct 2026 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sun, 11 Oct 2026 11:24 PM IST
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Gonda: A leap in development, but lagging in law and order
गोंडा ​स्थित विकास भवन। स्रोत: सोशल मीडिया
गोंडा। विकास योजनाओं में गोंडा की रैंकिंग में सुधार हुआ है लेकिन कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर जिला पिछड़ गया है। सीएम डैशबोर्ड की सितंबर 2026 की रैंकिंग में विकास के क्षेत्र में जिला 43वें से 20वें स्थान पर पहुंच गया। ओवरऑल रैंकिंग में 13 पायदान सुधार के साथ जिले को 41वां स्थान मिला, जबकि राजस्व की रैंकिंग दो पायदान सुधरकर 51वें स्थान पर पहुंच गई। इसके विपरीत कानून व्यवस्था में जिला प्रदेश में 72वें स्थान पर है।
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सीएम कमांड सेंटर की रिपोर्ट में विभिन्न विभागों की योजनाओं और निर्धारित संकेतकों के आधार पर जिलों के प्रदर्शन का आकलन किया गया है। विकास की रैंकिंग में परिवार आईडी, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, ओडीओपी टूलकिट, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, नई सड़कों का निर्माण और जननी सुरक्षा योजना समेत कई योजनाओं की प्रगति शामिल है।
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ओडीओपी टूलकिट योजना में मासिक प्रशिक्षण, पीएम सूर्य घर योजना में सोलर रूफटॉप स्थापना और परिवार आईडी निर्माण की प्रगति परखी गई। नई सड़कों के निर्माण में वित्तीय प्रगति और काम पूरा होने का प्रतिशत भी आकलन का आधार रहा। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थियों को भुगतान, पोषण अभियान के तहत कुपोषित बच्चों की स्थिति और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया।
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विकास और राजस्व की रैंकिंग में सुधार के बावजूद कानून-व्यवस्था में गोंडा देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में सबसे पीछे है। प्रदेश स्तर पर बलरामपुर 17वें, श्रावस्ती 38वें और बहराइच 69वें स्थान पर हैं, जबकि गोंडा 72वें स्थान पर है। ऐसे में कानून-व्यवस्था से जुड़े संकेतकों में सुधार प्रशासन के लिए चुनौती है।


विभागों के बीच समन्वय पर जोर
डीडीओ डॉ. आदित्य तिवारी ने बताया कि सामूहिक प्रयासों से रैंकिंग में सुधार हुआ है। इसे बरकरार रखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी स्तर से विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एनके सिंह ने कहा कि जिन मापदंडों पर जिले की रैंकिंग खराब है, उनमें सुधार के प्रयास किए जाएंगे। कानून व्यवस्था समेत कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में समन्वय बनाकर बेहतर नतीजे लाने पर जोर दिया जाएगा।
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