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Gonda News: हार्ट अटैक आने पर तीन मिनट के भीतर दें सीपीआर
Wed, 21 Feb 2024 11:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 21 Feb 2024 11:42 PM IST
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गोंडा। सड़क हादसे, हृदयाघात व बिजली का करंट लगने पर सीपीआर देना बहुत जरूरी होता है। पीड़ित को तीन मिनट के भीतर कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देने से दिल की धड़कन दोबारा चालू हो सकती है।
ये बातें बुधवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर विजय बहादुर सिंह ने कही। उन्होंने सीपीआर देने के तरीकों को बताते हुए कहा कि मरीज के चेस्ट पर पुश करना तथा मुंह से सांस दिया जाना चाहिए। ये प्रक्रिया तीन से पांच मिनट तक करनी चाहिए।
एंबुलेंस के क्वालिटी हेड विशाल सिंह ने कहा कि मरीजों को सिर्फ अस्पताल पहुंचाना ही नहीं बल्कि अपने परिवार की तरह उसका जीवन बचाने का हरसंभव प्रयास करना चाहिए। कम समय में मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए शाॅर्टकट व कम भीड़-भाड़ वाले रास्ते का चयन करना चाहिए।
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प्रोग्राम मैनेजर संजय पांडेय ने कहा कि मरीजों के प्रति हमेशा सहानुभूति रखनी चाहिए। एंबुलेंस में रखे उपकरणों का रखरखाव व उनके उपयोगी की जानकारी ईएमटी व पॉयलट को होनी चाहिए। मरीजों के तीमारदारों से सुविधा शुल्क लेना सबसे बड़ा अपराध माना जाएगा। ऐसा करने वालों की सेवा समाप्त होना निश्चित है।
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ये बातें बुधवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर विजय बहादुर सिंह ने कही। उन्होंने सीपीआर देने के तरीकों को बताते हुए कहा कि मरीज के चेस्ट पर पुश करना तथा मुंह से सांस दिया जाना चाहिए। ये प्रक्रिया तीन से पांच मिनट तक करनी चाहिए।
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एंबुलेंस के क्वालिटी हेड विशाल सिंह ने कहा कि मरीजों को सिर्फ अस्पताल पहुंचाना ही नहीं बल्कि अपने परिवार की तरह उसका जीवन बचाने का हरसंभव प्रयास करना चाहिए। कम समय में मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए शाॅर्टकट व कम भीड़-भाड़ वाले रास्ते का चयन करना चाहिए।
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प्रोग्राम मैनेजर संजय पांडेय ने कहा कि मरीजों के प्रति हमेशा सहानुभूति रखनी चाहिए। एंबुलेंस में रखे उपकरणों का रखरखाव व उनके उपयोगी की जानकारी ईएमटी व पॉयलट को होनी चाहिए। मरीजों के तीमारदारों से सुविधा शुल्क लेना सबसे बड़ा अपराध माना जाएगा। ऐसा करने वालों की सेवा समाप्त होना निश्चित है।