{"_id":"62cc6a2f4543c7576704d9a8","slug":"four-members-of-autolifter-gang-arrested-gonda-news-lko639066572","type":"story","status":"publish","title_hn":"आटोलिफ्टर गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आटोलिफ्टर गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटियाथोक (गोंडा)। बाइक चोरों के अंतर जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश कर पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की आठ बाइकें व तमंचा-कारतूस बरामद हुए हैं।
एएसपी शिवराज ने बताया कि पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान वाहन चोरों के गिरोह के चार बदमाश दबोचे हैं। आरोपियों के पास से तमंचा, कारतूस, रॉड व चोरी की आठ बाइक बरामद हुईं हैं। आरोपियों में राजेश कुमार गौतम निवासी पूरे सुकाली धानेपुर, रंजीत मौर्या निवासी चोड़ही पूरे सुकाली थाना धानेपुर, सत्य कुमार सोनकर निवासी पंचपुरवा मौजा पूरे सुकाली थाना धानेपुर व अकबर अली निवासी परसिया थाना इटियाथोक शामिल हैं।
एएसपी ने बताया कि राजेंद्र गिरोह का सरगना है और वह चोरी के आरोप में पंजाब में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। आरोपियों ने लखनऊ, सुल्तानपुर समेत गोंडा के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बाइक चुराने की वारदातें अंजाम देना स्वीकार किया है। ये लोग चोरी की बाइकों के फर्जी कागजात बनाकर बेचते थे और बाइक नहीं बिक पाने पर कबाड़ी के हाथों बेच देते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एएसपी शिवराज ने बताया कि पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान वाहन चोरों के गिरोह के चार बदमाश दबोचे हैं। आरोपियों के पास से तमंचा, कारतूस, रॉड व चोरी की आठ बाइक बरामद हुईं हैं। आरोपियों में राजेश कुमार गौतम निवासी पूरे सुकाली धानेपुर, रंजीत मौर्या निवासी चोड़ही पूरे सुकाली थाना धानेपुर, सत्य कुमार सोनकर निवासी पंचपुरवा मौजा पूरे सुकाली थाना धानेपुर व अकबर अली निवासी परसिया थाना इटियाथोक शामिल हैं।
विज्ञापन
एएसपी ने बताया कि राजेंद्र गिरोह का सरगना है और वह चोरी के आरोप में पंजाब में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। आरोपियों ने लखनऊ, सुल्तानपुर समेत गोंडा के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बाइक चुराने की वारदातें अंजाम देना स्वीकार किया है। ये लोग चोरी की बाइकों के फर्जी कागजात बनाकर बेचते थे और बाइक नहीं बिक पाने पर कबाड़ी के हाथों बेच देते थे।
विज्ञापन