{"_id":"616c5b93d4fd3a79e14674ea","slug":"farmers-shocked-by-dusty-storm-and-rain-gonda-news-lko600433261","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूलभरी आंधी और बारिश से किसानों को झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूलभरी आंधी और बारिश से किसानों को झटका
विज्ञापन
गोंडा के बेलसर में बारिश के पानी में डूबी धान की फसल।
- फोटो : GONDA
गोंडा। किसानों को रविवार को मौसम ने तगड़ा झटका दिया है। दोपहर अचानक तेज हवा चलने से खेतों में धान की फसलों को नुकसान हुआ है। लाखों किसानों की फसलें हवा चलने से खेत में झुक गई हैं और बारिश से गिर गई हैं। इससे फसल कटाई के दौरान उपज में नुकसान तय माना जा रहा है।
मौसम के मिजाज से दो लाख के करीब किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव का कहना है कि किसानों को दिक्कत हुई है, लेकिन हवा काफी देर तक नहीं चली है। फिलहाल रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।
जिले में धान की फसल बड़ी संख्या में किसान बोते हैं। उन्हें अपनी जरूरत के साथ ही बाजार में भी धान से अच्छी आमदनी हो जाती है। वैसे धान की पैदावार कम होने और मांग अधिक होने से इसकी जरूरत बनी रहती है। दो लाख के करीब किसान धान की खेती करते हैं।
विज्ञापन
अभी धान की फसलें पूरी तरह तैयार होने की स्थिति में हैं, कई किसानों ने तो कटाई भी शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी के घर तक फसल नहीं पहुंची है। रविवार की दोपहर में अचानक मौसम ने तेवर दिखाए और धूल के साथ तेज हवा चलने लगी।
हवाओं के चलने से खेतों में सूख चुकी धान की फसलें गिर गईं, वहीं हल्की बारिश से उन फसलों को और नुकसान पहुंचा दिया। किसान रामेश्वर प्रसाद पांडे कहते हैं कि हवा से धान की फसल टूट भी गई है, इससे कटाई के दौरान धान की उपज पर असर दिखेगा।
इसी तरह किसान राम नयन तिवारी कहते हैं कि अगर फिर बारिश हुई तो फसल को काफी नुकसान होगा। इस तरह किसानों को नुकसान हुआ और उनकी परेशानी भी बढ़ गई है, अभी किसानों ने फसल की कटाई भी नही शुरू की है। इससे खेतों में हवा और बारिश से बचाव की व्यवस्था करना संभव नहीं है।
- मौसम में बदलाव से गर्मी और उमस से तो राहत मिली है, लेकिन कई तरह की समस्या भी हो गई है। किसानों को नुकसान होने के साथ ही कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई है। धानेपुर क्षेत्र में एक स्थान पर तार टूटने से बिजली गुल रही। वहीं खरगुपुर व इटियाथोक में भी बिजली कटौती करनी पड़ी। इसके साथ ही परसपुर और बेलसर में बिजली की समस्या हुई है। विभाग के कर्मचारियों की ओर से समस्या दूर करने के लिए कार्य शुरू किया गया है।
विज्ञापन
मौसम के मिजाज से दो लाख के करीब किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव का कहना है कि किसानों को दिक्कत हुई है, लेकिन हवा काफी देर तक नहीं चली है। फिलहाल रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।
विज्ञापन
जिले में धान की फसल बड़ी संख्या में किसान बोते हैं। उन्हें अपनी जरूरत के साथ ही बाजार में भी धान से अच्छी आमदनी हो जाती है। वैसे धान की पैदावार कम होने और मांग अधिक होने से इसकी जरूरत बनी रहती है। दो लाख के करीब किसान धान की खेती करते हैं।
विज्ञापन
अभी धान की फसलें पूरी तरह तैयार होने की स्थिति में हैं, कई किसानों ने तो कटाई भी शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी के घर तक फसल नहीं पहुंची है। रविवार की दोपहर में अचानक मौसम ने तेवर दिखाए और धूल के साथ तेज हवा चलने लगी।
हवाओं के चलने से खेतों में सूख चुकी धान की फसलें गिर गईं, वहीं हल्की बारिश से उन फसलों को और नुकसान पहुंचा दिया। किसान रामेश्वर प्रसाद पांडे कहते हैं कि हवा से धान की फसल टूट भी गई है, इससे कटाई के दौरान धान की उपज पर असर दिखेगा।
इसी तरह किसान राम नयन तिवारी कहते हैं कि अगर फिर बारिश हुई तो फसल को काफी नुकसान होगा। इस तरह किसानों को नुकसान हुआ और उनकी परेशानी भी बढ़ गई है, अभी किसानों ने फसल की कटाई भी नही शुरू की है। इससे खेतों में हवा और बारिश से बचाव की व्यवस्था करना संभव नहीं है।
- मौसम में बदलाव से गर्मी और उमस से तो राहत मिली है, लेकिन कई तरह की समस्या भी हो गई है। किसानों को नुकसान होने के साथ ही कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई है। धानेपुर क्षेत्र में एक स्थान पर तार टूटने से बिजली गुल रही। वहीं खरगुपुर व इटियाथोक में भी बिजली कटौती करनी पड़ी। इसके साथ ही परसपुर और बेलसर में बिजली की समस्या हुई है। विभाग के कर्मचारियों की ओर से समस्या दूर करने के लिए कार्य शुरू किया गया है।