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Gonda News: पाकिस्तानी से जासूसी में फंसाने का डर दिखा 78 लाख वसूले

Thu, 29 Oct 2026 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Thu, 29 Oct 2026 11:38 PM IST
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Extorted 78 lakh by threatening the victim with implication in a case of espionage for Pakistan
गोंडा। पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी से बातचीत और गोपनीय जानकारी साझा करने के मामले में फंसाने का डर दिखाकर जालसाजों ने जिला पंचायत के सेवानिवृत्त लेखाधिकारी राजकुमार श्रीवास्तव को करीब एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 78 लाख रुपये वसूल लिए। आरोपियों ने खुद को सीबीआई और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
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नगर कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी राजकुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, 22 सितंबर को उनके व्हाट्सएप पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया और उन पर पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों व उनसे जुड़े लोगों को गोपनीय जानकारी देने तथा मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया। इसके बाद आईबी का अधिकारी बनकर भी कॉल की गई। आरोपियों ने कार्रवाई से बचाने के नाम पर रुपये ट्रांसफर करने का दबाव बनाया।
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पीड़ित के अनुसार, उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक के खाते से 50 लाख और इंडियन बैंक के खाते से 18 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खाते में ट्रांसफर किए। इसके बाद भी आरोपियों ने 10 लाख रुपये और मांगे। इस पर अपनी संपत्तियां बेचकर उन्होंने यह रकम भी दे दी। इस तरह कुल 78 लाख रुपये की ठगी हुई। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। पीड़ित ने 28 अक्तूबर को साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। साइबर थाना प्रभारी सत्यप्रकाश यादव ने बताया कि आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। दो टीमों को खुलासे के लिए लगाया गया है।
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डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं
एसपी अभिषेक ने कहा कि साइबर अपराधों को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिस किसी को गिरफ्तार करती है तो उसे थाने लाया जाता है और नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने लोगों से साइबर ठगों के झांसे में नहीं आने और किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा है कि अनजान कॉल पर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति के दबाव में आकर रुपये ट्रांसफर न करें।
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