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Gonda News: गोल्डन कार्ड में त्रुटियां, मरीजों को नहीं मिला इलाज
Wed, 12 Feb 2025 10:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 12 Feb 2025 10:57 PM IST
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गोंडा। आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत पांच लाख रुपये तक मुक्त इलाज होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जिले में कई लाभार्थी ऐसे हैं, जिनको जरूरत पड़ने पर मुफ्त उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। बीते सप्ताह भर में गोल्डन कार्ड होने के बावजूद 15 मरीजों का इलाज नहीं हो सका है। किसी का ऑपरेशन टल गया तो किसी की डायलिसिस में समस्या आई है। मरीजों के परिजनों ने सीएमओ कार्यालय पर शिकायत दर्ज कराई है।
केस: एक
पथरी के दर्द से तड़प रही गीता, नहीं हुआ ऑपरेशन
झंझरी विकासखंड की सिसवरिया निवासी गीता पथरी के दर्द का इलाज कराने शनिवार को लखनऊ के एक अस्पताल में गई। आयुष्मान कार्ड से मुफ्त उपचार कराने के लिए भर्ती किया गया। काउंटर पर कार्ड की जांच कराने पर पता चला कि आयुष्मान कार्ड में खामी है। जिससे सत्यापन नहीं हो पाएगा। गीता की जगह गीत लिखा हुआ था। तीमारदार विजय को राशनकार्ड में संशोधन कराने का सुझाव देकर वापस कर दिया गया। जिससे मरीज का ऑपरेशन टल गया।
केस: दो
नहीं हो सकी मुफ्त डायलिसिस
बेलसर के चांदपुर निवासी राम अचल दूबे की किडनी खराब है। डायलिसिस कराने जिले के एक निजी अस्पताल में गए। जहां आयुष्मान कार्ड लगाने पर सत्यापन नहीं हो सका। अस्पताल में तैनात आरोग्य मित्र ने बताया कि पोर्टल पर कार्ड लंबित दिखा रहा है। जब तक अप्रूव नहीं होगा मुफ्त डायलिसिस नहीं हो सकती है। मरीज को वापस आना पड़ा। हालांकि दूसरे दिन पैसा देकर डायलिसिस कराया गया।
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केस: तीन
कैंसर का मरीज भी मुफ्त उपचार से वंचित
मेहनौन के स्वामीनाथ कैंसर के मरीज हैं, उन्हें लखनऊ के राम मनोहर लोहिया में उपचार के लिए ले जाया गया। भर्ती कराने के बाद आयुष्मान कार्ड का सत्यापन किया गया। जिसमें सत्यापन नहीं हो पाया। मरीज को राशनकार्ड का ई-केवाईसी कराने का सुझाव देकर वापस कर दिया गया। परिजन ने सीएमओ कार्यालय पर शिकायत दर्ज कराई।
राशनकार्ड धारक लाभार्थियों को सबसे अधिक समस्या
आयुष्मान भारत योजना की सूची में पिछले साल 64 हजार 934 अंत्योदय राशनकार्ड धारकों के 203812 परिवारों को भी शामिल किया गया। लेकिन, उसके बाद खाद्य पूर्ति विभाग की ओर से राशनकार्डों का सत्यापन शुरू हो गया। ई-केवाईसी में आधार कार्ड में दर्ज नाम को ही लिया जाने लगा। बड़ी संख्या में राशनकार्ड में खामी सामने आई और लोग आधार कार्ड संशोधन कराने में जुट गए। जिन लोगों की ई-केवाईसी नहीं हो सकी, उनके आयुष्मान कार्ड स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर पेंडिंग दिखाई पड़ने लगे।
सप्ताह भर में 15 लोगों ने दर्ज कराई शिकायत
आयुष्मान कार्ड पेंडिंग होने की समस्या आ रही है। बीते सप्ताह भर में करीब 15 लोगों ने कार्ड पर उपचार न मिलने की शिकायत दर्ज कराई है। मरीजों के शिकायत को अधिकारियों तक पहुंचाई गई है। जल्द ही समस्या का समाधान हो सकता है। - शिवांशु मिश्र, जिला शिकायत निवारण प्रबंधक आयुष्मान भारत मिशन
आयुष्मान भारत योजना की फैक्ट फाइल
कुल लाभार्थी परिवार: 2,82,857
कुल लाभार्थी सदस्य: 12,02,154
कुल आयुष्मान कार्ड बना: 7,88,810
योजना से संबद्ध जिले में अस्पताल: 37
स्टेट को भेजी गई अप्रूवल न मिलने वालों की सूची
-जिन लाभार्थियों के नाम में त्रुटि के कारण अप्रूवल नहीं मिल पा रहा है, उनको राशनकार्ड में संशोधन कराने की सुझाव दिया गया है, अन्य लोगों सहित सभी शिकायतों की सूची स्टेट को भेजी गई है। जिले से कोई संशोधन संभव नहीं है।
डॉ. सीके वर्मा, एसीएमओ
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केस: एक
पथरी के दर्द से तड़प रही गीता, नहीं हुआ ऑपरेशन
झंझरी विकासखंड की सिसवरिया निवासी गीता पथरी के दर्द का इलाज कराने शनिवार को लखनऊ के एक अस्पताल में गई। आयुष्मान कार्ड से मुफ्त उपचार कराने के लिए भर्ती किया गया। काउंटर पर कार्ड की जांच कराने पर पता चला कि आयुष्मान कार्ड में खामी है। जिससे सत्यापन नहीं हो पाएगा। गीता की जगह गीत लिखा हुआ था। तीमारदार विजय को राशनकार्ड में संशोधन कराने का सुझाव देकर वापस कर दिया गया। जिससे मरीज का ऑपरेशन टल गया।
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केस: दो
नहीं हो सकी मुफ्त डायलिसिस
बेलसर के चांदपुर निवासी राम अचल दूबे की किडनी खराब है। डायलिसिस कराने जिले के एक निजी अस्पताल में गए। जहां आयुष्मान कार्ड लगाने पर सत्यापन नहीं हो सका। अस्पताल में तैनात आरोग्य मित्र ने बताया कि पोर्टल पर कार्ड लंबित दिखा रहा है। जब तक अप्रूव नहीं होगा मुफ्त डायलिसिस नहीं हो सकती है। मरीज को वापस आना पड़ा। हालांकि दूसरे दिन पैसा देकर डायलिसिस कराया गया।
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केस: तीन
कैंसर का मरीज भी मुफ्त उपचार से वंचित
मेहनौन के स्वामीनाथ कैंसर के मरीज हैं, उन्हें लखनऊ के राम मनोहर लोहिया में उपचार के लिए ले जाया गया। भर्ती कराने के बाद आयुष्मान कार्ड का सत्यापन किया गया। जिसमें सत्यापन नहीं हो पाया। मरीज को राशनकार्ड का ई-केवाईसी कराने का सुझाव देकर वापस कर दिया गया। परिजन ने सीएमओ कार्यालय पर शिकायत दर्ज कराई।
राशनकार्ड धारक लाभार्थियों को सबसे अधिक समस्या
आयुष्मान भारत योजना की सूची में पिछले साल 64 हजार 934 अंत्योदय राशनकार्ड धारकों के 203812 परिवारों को भी शामिल किया गया। लेकिन, उसके बाद खाद्य पूर्ति विभाग की ओर से राशनकार्डों का सत्यापन शुरू हो गया। ई-केवाईसी में आधार कार्ड में दर्ज नाम को ही लिया जाने लगा। बड़ी संख्या में राशनकार्ड में खामी सामने आई और लोग आधार कार्ड संशोधन कराने में जुट गए। जिन लोगों की ई-केवाईसी नहीं हो सकी, उनके आयुष्मान कार्ड स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर पेंडिंग दिखाई पड़ने लगे।
सप्ताह भर में 15 लोगों ने दर्ज कराई शिकायत
आयुष्मान कार्ड पेंडिंग होने की समस्या आ रही है। बीते सप्ताह भर में करीब 15 लोगों ने कार्ड पर उपचार न मिलने की शिकायत दर्ज कराई है। मरीजों के शिकायत को अधिकारियों तक पहुंचाई गई है। जल्द ही समस्या का समाधान हो सकता है। - शिवांशु मिश्र, जिला शिकायत निवारण प्रबंधक आयुष्मान भारत मिशन
आयुष्मान भारत योजना की फैक्ट फाइल
कुल लाभार्थी परिवार: 2,82,857
कुल लाभार्थी सदस्य: 12,02,154
कुल आयुष्मान कार्ड बना: 7,88,810
योजना से संबद्ध जिले में अस्पताल: 37
स्टेट को भेजी गई अप्रूवल न मिलने वालों की सूची
-जिन लाभार्थियों के नाम में त्रुटि के कारण अप्रूवल नहीं मिल पा रहा है, उनको राशनकार्ड में संशोधन कराने की सुझाव दिया गया है, अन्य लोगों सहित सभी शिकायतों की सूची स्टेट को भेजी गई है। जिले से कोई संशोधन संभव नहीं है।
डॉ. सीके वर्मा, एसीएमओ