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लर्निंग रिकवरी प्लान से पढ़ाई के नुकसान की होगी भरपाई
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गोंडा। बेसिक व माध्यमिक स्कूलों के छात्रों की पिछड़ी पढ़ाई को नई तकनीक से सुधारने की कवायद शुरू हो गयी है। कोरोना के चलते लंबे समय से बंद रहे स्कूलों के कारण बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए लर्निंग रिकवरी प्लान तैयार हुआ है। शैक्षिक सत्र 2022-23 में इसे लागू कर बच्चों की पढ़ाई में नुकसान की भरपाई की जाएगी। विधानसभा चुनाव के बाद नए सत्र से स्कूलों में अभियान शुरू होगा।
जिले में 31,00 बेसिक स्कूलों में चार लाख से अधिक छात्र पंजीकृत हैं। इसके लिए तैयारी चुनाव बाद शुरू होगी। जिले के 483 स्कूलों में करीब दो लाख लोग पढ़ रहे हैं। मार्च 2020 से कोविड काल की शुरुआत हुई। इसके बाद पढ़ाई पर सीधा असर पड़ा। दो सालों से स्कूल खुलते और बंद होते रहे। इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रही। बेसिक स्कूल के छात्र तो एक बार बिना परीक्षा के पास कर दिए गए। इस बार भी पढ़ाई ठप ही चल रही है। स्कूल खुलेंगे भी तो पढ़ाई में रफ्तार नए शैक्षिक सत्र से पकड़ेगी। इसलिए विभाग तैयारी कर रहा है कि नए ढंग से पढ़ाई कराकर छात्रों की शिक्षा में सुधार लाने की मुहिम शुरू होगी।
छात्रों की होगी पहचान, बनेंगे अलग- अलग प्लान
कक्षा 1 से 3 व आगे की कक्षाओं के लिए अलग-अलग प्लान तैयार किए गए हैं। इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है। इसके आंशिक भाग पर पहले से भी अमल किया जा रहा है ताकि स्कूल बंदी के दौरान बच्चों को अधिक नुकसान न हो। सबसे बड़ी समस्या यह है कि अभिभावक शहरी क्षेत्र छोड़कर गांवों में चले जाते हैं। उनका परिवार भी पलायन कर जाता है। अनेक कारणों से बच्चे स्कूल आना छोड़ देते हैं। हर बच्चे को तलाशने और उसकी शिक्षा को जारी रखने की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी गई है।
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छात्रों मिलेगा स्टाइपेंड, चलेंगे ब्रिज कोर्स
लर्निंग रिकवरी प्लान के तहत यह योजना भी तैयार की गई है। सत्र 2022-23 की शुरुआत में उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों को 500 रुपए की धनराशि दी जाएगी। यह उनकी पढ़ाई में मदद कर सके। बच्चों के लिए पढ़ाई के अलग से प्लान तैयार कर छूटे हुए कोर्स की भरपाई कराई जाएगी। एनसीईआरटी बच्चों के लिए ब्रिज कोर्स कराएगा। नए सत्र के लिए पढ़ाई के विकल्प भी तैयार किए गए हैं। यदि बीच सत्र में किन्हीं कारणों से स्कूल बंद होते हैं तो उनकी पढ़ाई को सतत बनाए रखने के लिए पहले से योजना तैयार की गई है। बच्चों को शैक्षणिक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है।
ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ेंगे छात्र व शिक्षक
शिक्षकों व छात्रों को ऑनलाइन मोड से भी कनेक्ट रखा जाएगा। शिक्षकों को प्रशिक्षण और बच्चों की लर्निंग रिकवरी के लिए यह पढ़ाई जारी रहेगी। इसके लिए निष्ठा, दीक्षा, स्कूल रीडेनेस प्रोग्राम, कंटेंट सेंडिंग, स्कूल, मोहल्ला व क्लस्टर जैसे कंसेप्ट का उपयोग किया जाता रहेगा। इसका उद्देश्य बच्चों को हुए पढ़ाई के नुकसान से उबारना है।
शिक्षा में सुधार के लिए सतत प्रयास किया जा रहा है। शिक्षकों और छात्रों के साथ ही अभिभावकों को भी जोड़ा जाएगा। नए सत्र में कई बदलाव दिखेंगे। आरपी सिंह, बीएसए
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जिले में 31,00 बेसिक स्कूलों में चार लाख से अधिक छात्र पंजीकृत हैं। इसके लिए तैयारी चुनाव बाद शुरू होगी। जिले के 483 स्कूलों में करीब दो लाख लोग पढ़ रहे हैं। मार्च 2020 से कोविड काल की शुरुआत हुई। इसके बाद पढ़ाई पर सीधा असर पड़ा। दो सालों से स्कूल खुलते और बंद होते रहे। इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रही। बेसिक स्कूल के छात्र तो एक बार बिना परीक्षा के पास कर दिए गए। इस बार भी पढ़ाई ठप ही चल रही है। स्कूल खुलेंगे भी तो पढ़ाई में रफ्तार नए शैक्षिक सत्र से पकड़ेगी। इसलिए विभाग तैयारी कर रहा है कि नए ढंग से पढ़ाई कराकर छात्रों की शिक्षा में सुधार लाने की मुहिम शुरू होगी।
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छात्रों की होगी पहचान, बनेंगे अलग- अलग प्लान
कक्षा 1 से 3 व आगे की कक्षाओं के लिए अलग-अलग प्लान तैयार किए गए हैं। इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है। इसके आंशिक भाग पर पहले से भी अमल किया जा रहा है ताकि स्कूल बंदी के दौरान बच्चों को अधिक नुकसान न हो। सबसे बड़ी समस्या यह है कि अभिभावक शहरी क्षेत्र छोड़कर गांवों में चले जाते हैं। उनका परिवार भी पलायन कर जाता है। अनेक कारणों से बच्चे स्कूल आना छोड़ देते हैं। हर बच्चे को तलाशने और उसकी शिक्षा को जारी रखने की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी गई है।
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छात्रों मिलेगा स्टाइपेंड, चलेंगे ब्रिज कोर्स
लर्निंग रिकवरी प्लान के तहत यह योजना भी तैयार की गई है। सत्र 2022-23 की शुरुआत में उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों को 500 रुपए की धनराशि दी जाएगी। यह उनकी पढ़ाई में मदद कर सके। बच्चों के लिए पढ़ाई के अलग से प्लान तैयार कर छूटे हुए कोर्स की भरपाई कराई जाएगी। एनसीईआरटी बच्चों के लिए ब्रिज कोर्स कराएगा। नए सत्र के लिए पढ़ाई के विकल्प भी तैयार किए गए हैं। यदि बीच सत्र में किन्हीं कारणों से स्कूल बंद होते हैं तो उनकी पढ़ाई को सतत बनाए रखने के लिए पहले से योजना तैयार की गई है। बच्चों को शैक्षणिक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है।
ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ेंगे छात्र व शिक्षक
शिक्षकों व छात्रों को ऑनलाइन मोड से भी कनेक्ट रखा जाएगा। शिक्षकों को प्रशिक्षण और बच्चों की लर्निंग रिकवरी के लिए यह पढ़ाई जारी रहेगी। इसके लिए निष्ठा, दीक्षा, स्कूल रीडेनेस प्रोग्राम, कंटेंट सेंडिंग, स्कूल, मोहल्ला व क्लस्टर जैसे कंसेप्ट का उपयोग किया जाता रहेगा। इसका उद्देश्य बच्चों को हुए पढ़ाई के नुकसान से उबारना है।
शिक्षा में सुधार के लिए सतत प्रयास किया जा रहा है। शिक्षकों और छात्रों के साथ ही अभिभावकों को भी जोड़ा जाएगा। नए सत्र में कई बदलाव दिखेंगे। आरपी सिंह, बीएसए