सचिवों ने किया 17 लाख रुपये का घोटाला
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जिले में सहकारिता विभाग की कुल 144 साधन सहकारी समितियां कार्य कर रही हैं। कुछ साल पहले विभाग में पनपे भ्रष्टाचार की वजह से समितियां आर्थिक तंगी से निष्क्रिय हो गई थीं। विभाग के हालात में सुधार के लिए पिछले साल प्रदेश सरकार ने प्रत्येक समिति को फिर से सक्रिय करने के लिए पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी थी।
सहकारिता विभाग के मुताबिक शासन से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मिले धन से समितियों को दोबारा खाद व बीज खरीदकर उसे किसानों में बिक्री कर उससे प्राप्त धन के कमीशन से अपने वेतन व कार्यालयों को रखरखाव दुरुस्त करना था। लेकिन सहकारिता विभाग में जिले के छपिया विकास खंड के चार साधन सहकारी समितियों के कैडर सचिवों ने शासकीय धन को निकाल कर उससे विभागीय कार्य करने के बजाय हजम कर लिया। कुछ दिन तक विभाग के सचिवों ने बिना खाद व बीज उठान किये चुप्पी साधे रखी।
क्षेत्र के किसानों को समय पर खाद व बीज न मिलने की शिकायतें विभाग को मिलने पर खलबली मच गई। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता हनुमान प्रसाद ने मामले को गंभीरता लेकर इसकी जांच मनकापुर तहसील के अपर जिला सहकारी अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी।
वीरेंद्र प्रताप सिंह ने जब समितियों की जांच की तो साधन सहकारी समिति केशव नगर ग्रंट के कैडर सचिव राम विलास सिंह के कारनामे का खुलासा हुआ। इन पर चार लाख 60 हजार 935 रुपये गबन करने का मामला पकड़ में आया। इसके अलावा शीतलगंज ग्रंट, दरियापुर व करमा तीन समितियों का चार्ज लिये कैडर सचिव बसन्त पांडेय पर कुल 12.19 लाख रुपये गबन का मामला सामने आया।
जांच अधिकारी रहे वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सहकारिता में आरकेवीवाई योजना के तहत समितियों को मिले धन में चार समितियों में 16.80 लाख रुपये से अधिक का गबन मिला है जिसकी रिपोर्ट विभाग को भेज दी है। उन्होंने बताया कि दोनों सचिवों पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता के निर्देश पर उक्त सचिवों पर सोमवार को छपिया थाने में केस दर्ज कराया है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता गोंडा हनुमान प्रसाद मिश्र ने कहा कि सहकारिता विभाग में पिछले कई माह से छपिया ब्लॉक की चार समितियों की ओर से खाद व बीज की उठान न किये जाने पर कई नोटिस जारी किए गए।
समिति के सचिवों ने न तो संतोषजनक जवाब दिया और न ही समिति में बिक्री के लिए खादव व बीज की उठान शुरू की। इस मामले की अपर जिला सहकारी अधिकारी से जांच करायी गई, तो दो सचिवों की ओर से शासन की ओर से दिये गए आरकेवीवाई योजना के तहत धन में बड़ी रकम के गबन किये जाने की पुष्टि हुई। इस पर जांच अधिकारी से तुरंत गबन करने वाले सचिव राम विलास सिंह व बसंत पांडेय के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। जल्द ही रिकवरी की कार्रवाई भी होगी।
इनसेट
किस समिति को मिले धन में कितना घोटाला
समिति का नाम मिला धन घोटाले की रक म
केशवनगर ग्रंट 5,00,000 4,60,935
शीतलगंज ग्रंट 5,00,000 4,70,624
दरियापुर 5,00,000 4,68,257
करमा 5,00,000 2,80,194
कुल - 20,00,000 16,80,010
नोट- समितियों को मिला कुल धन व घोटाले की रकम रुपये में है।