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निशक्त बेटी के इलाज को मांगे रुपए तो शौहर ने दिया तलाक
Updated Fri, 05 Jan 2018 09:49 PM IST
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निशक्त बेटी के इलाज को मांगे पैसे तो फोन पर दिया तलाक
वजीरगंज। बाल्हाराई गांव में एक महिला ने मुंबई में रह रहे अपने शौहर से फोन पर विकलांग बीमार बेटी के इलाज के लिए रुपये मांगे तो बदले में शौहर ने उसे फोन पर ही तलाक दे दिया।
थाना वजीरगंज क्षेत्र के बाल्हाराई गांव के रहने वाले अब्दुल सत्तार ने बताया कि 17 वर्ष पूर्व उन्होंने अपनी बेटी शकीना बानो की शादी इसी थाना क्षेत्र के ही चड़ौवा गांव के रहने वाले मुबारक अली के साथ की थी ।
अब्दुल सत्तार के मुताबिक शकीना का शौहर मुबारक अली मुंबई में रहकर नौकरी करता है। उसकी एक 14 साल की बेटी करिश्मा निशक्त है, जो बीमार चल रही है। मुबारक साल में कभी कभार ही गांव आता है और कुछ दिन रहने के बाद वह वापस मुंबई चला जाता है।
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सत्तार अली ने बताया कि उसकी बेटी शकीना कभी मायके तो कभी ससुराल में रहती है । जरूरत पड़ने पर मदद की मांग करती थी तो मुबारक उसे पूरा भी करता था। बेटी के इलाज के लिए शौहर से कहती रहती थी।
मगर मुबारक सुनकर नजरअंदाज करता रहा। अब्दुल सत्तार ने बताया कि बेटी की तबियत कुछ ज्यादा खराब होने पर शकीना ने अपने शौहर को 14 नवंबर को फोन करके अपना दुखड़ा सुनाया। जिससे वह आग बबूला हो गया और फोन पर ही उसे तलाक दे दिया। शकीना बानों ने बताया कि वह अपने हक की लड़ाई अदालत ले जाएगी।
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वजीरगंज। बाल्हाराई गांव में एक महिला ने मुंबई में रह रहे अपने शौहर से फोन पर विकलांग बीमार बेटी के इलाज के लिए रुपये मांगे तो बदले में शौहर ने उसे फोन पर ही तलाक दे दिया।
थाना वजीरगंज क्षेत्र के बाल्हाराई गांव के रहने वाले अब्दुल सत्तार ने बताया कि 17 वर्ष पूर्व उन्होंने अपनी बेटी शकीना बानो की शादी इसी थाना क्षेत्र के ही चड़ौवा गांव के रहने वाले मुबारक अली के साथ की थी ।
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अब्दुल सत्तार के मुताबिक शकीना का शौहर मुबारक अली मुंबई में रहकर नौकरी करता है। उसकी एक 14 साल की बेटी करिश्मा निशक्त है, जो बीमार चल रही है। मुबारक साल में कभी कभार ही गांव आता है और कुछ दिन रहने के बाद वह वापस मुंबई चला जाता है।
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सत्तार अली ने बताया कि उसकी बेटी शकीना कभी मायके तो कभी ससुराल में रहती है । जरूरत पड़ने पर मदद की मांग करती थी तो मुबारक उसे पूरा भी करता था। बेटी के इलाज के लिए शौहर से कहती रहती थी।
मगर मुबारक सुनकर नजरअंदाज करता रहा। अब्दुल सत्तार ने बताया कि बेटी की तबियत कुछ ज्यादा खराब होने पर शकीना ने अपने शौहर को 14 नवंबर को फोन करके अपना दुखड़ा सुनाया। जिससे वह आग बबूला हो गया और फोन पर ही उसे तलाक दे दिया। शकीना बानों ने बताया कि वह अपने हक की लड़ाई अदालत ले जाएगी।