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38 साल पुराने चोरी के मामले में आरोपी कीे जमानत खारिज

Thu, 04 Aug 2022 11:28 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Aug 2022 11:28 PM IST
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गोंडा। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने तरबगंज थाना क्षेत्र में 38 साल पुरानेे चोरी व सामान बरामदगी के मामले में 80 वर्षीय अभियुक्त को जमानत देने से इंकार कर दिया है। प्रतिदिन सुनवाई कर मुकदमे का निस्तारण दो माह में होगा।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत कुमार शुक्ला के अनुसार, तरबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बनगांव निवासी राम करन ने थाने में तहरीर देकर कहा कि 19 अगस्त 1984 की रात वह खाना खाकर दरवाजे पर सो रहा था। घर में खरखराहट की आवाज पर नींद खुल गई। वह दरवाजा खोलकर अंदर घुसा तो देखा कि घर के पीछे की ओर से छप्पर उठा हुआ है और एक आदमी कुछ सामान लेकर दीवार से उतरने वाला है। शोर मचाने पर गांव के तमाम लोग आ गए और चोरों का पीछा किया जाने लगा। इसी बीच थाने के दो सिपाही भी आ गए। गन्ने के खेत में तीन आदमी दिखाई दिए तो घेरकर गांव के ही किल्ले, भगवान बक्स सिंह व राम चरन को पकड़ लिया गया।
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पूछताछ में तीनों ने चोरी कबूल की और गन्ने में रखा चोरी का सामान बरामद कराया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना की और पुख्ता साक्ष्य के आधार पर तीनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। विचारण के दौरान 28 साल पहले अभियुक्त किल्ले न्यायालय की कार्यवाही से गैर हाजिर हो गया। विचारण की कार्यवाही बाधित हो गई। बाद में अभियुक्त के विरुद्ध 14 जुलाई 2022 को गैर जमानती वारंट जारी किया गया। 22 जुलाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
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अभियुक्त किल्ले ने 80 साल उम्र का हवाला देते हुए सत्र न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर जमानत मांगी, लेकिन जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान मामला अत्यधिक पुराना होने, मुकदमे के तथ्य, परिस्थितियों व अपराध की गंभीरता को देखते हुए जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने अभियुक्त का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। उन्होंने विचारण न्यायालय को इस अत्यधिक पुराने मामले को बिना कोई मौका दिए शीघ्रता से प्रतिदिन सुनवाई कर दो माह में निस्तारित करने का आदेश दिया। सत्र न्यायाधीश के आदेशानुसार विचारण न्यायालय को प्रत्येक 15 दिन पर प्रोग्रेस रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी।
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