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टीकाकरण में सुस्ती, अभिभावकों की बढ़ी टेंशन
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फोटो-10 गोंडा के जिला अस्पताल में बच्चों को वैक्सीन लगाती स्वास्थ्यकर्मी। -संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। कोरोना संक्रमण का प्रकोप भले ही कम हुआ हो लेकिन इसका खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। इसके बावजूद 12 से 14 वर्ष के बच्चों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए चल रहे टीकाकरण की रफ्तार जोर नहीं पकड़ पा रही। काफी सुस्त गति से चल रहे टीकाकरण अभियान के कारण जिले में मात्र 16 फीसदी बच्चों को कोरोनारोधी वैक्सीन की पहली डोज दी जा सकी है। इसके साथ ही मात्र दस फीसदी लोगों ने ही वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवाना उचित समझा है।
जिले में 12 से 14 वर्ष तक के बालक बालिकाओं को संक्रमण से बचाने के लिए 16 मार्च से बच्चों का टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। इसके तहत 1,45,460 बच्चों को कोरोनारोधी टीकाकरण के लिए चिह्नित किया गया था। इसमें से अभी तक मात्र 23253 बच्चों को ही वैक्सीन की पहली खुराक तथा नौ बच्चों को वैक्सीन की दूसरी खुराक दी गई। बच्चों को वैक्सीन न लग पाने से संक्रमण की आशंका फिर से अभिभावकों की चिंता बढ़ाने लगी है। स्कूलों में नए सत्र की पढ़ाई शुरू होने के बावजूद अभी तक टीकाकरण शिविर का आयोजन शुरू नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण कार्य धीमी गति से चल रहा है। इसके लिए बोर्ड परीक्षाओं के संचालन के साथ ही मौसम के बदले मिजाज को कारण माना जा रहा है। इसी कारण अभिभावक अपने बच्चों को टीका लगवाने से बच रहे है।
कोविड टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. जयगोविंद ने भरोसा जताया कि यूपी बोर्ड की परीक्षा खत्म होने के बाद स्कूलों में टीकाकरण शिविर आयोजित होने से वैक्सीनेशन कार्य में तेजी आएगी। बताया कि टीकाकरण अभियान के तहत 15 साल से लेकर 17 साल की आयु वाले बच्चों करीब दो महीने में लक्ष्य से अधिक टीका लगाया जा चुका है। जिले में इस आयु वर्ग वाले 2,40,841 बच्चों को टीका लगाने के लिए चयनित किया गया था। जिसमें 2,54,733 बच्चों को वैक्सीन की पहली खुराक तथा 1,66,241 बच्चों को वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी।
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जिले में 12 से 14 वर्ष तक के बालक बालिकाओं को संक्रमण से बचाने के लिए 16 मार्च से बच्चों का टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। इसके तहत 1,45,460 बच्चों को कोरोनारोधी टीकाकरण के लिए चिह्नित किया गया था। इसमें से अभी तक मात्र 23253 बच्चों को ही वैक्सीन की पहली खुराक तथा नौ बच्चों को वैक्सीन की दूसरी खुराक दी गई। बच्चों को वैक्सीन न लग पाने से संक्रमण की आशंका फिर से अभिभावकों की चिंता बढ़ाने लगी है। स्कूलों में नए सत्र की पढ़ाई शुरू होने के बावजूद अभी तक टीकाकरण शिविर का आयोजन शुरू नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण कार्य धीमी गति से चल रहा है। इसके लिए बोर्ड परीक्षाओं के संचालन के साथ ही मौसम के बदले मिजाज को कारण माना जा रहा है। इसी कारण अभिभावक अपने बच्चों को टीका लगवाने से बच रहे है।
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कोविड टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. जयगोविंद ने भरोसा जताया कि यूपी बोर्ड की परीक्षा खत्म होने के बाद स्कूलों में टीकाकरण शिविर आयोजित होने से वैक्सीनेशन कार्य में तेजी आएगी। बताया कि टीकाकरण अभियान के तहत 15 साल से लेकर 17 साल की आयु वाले बच्चों करीब दो महीने में लक्ष्य से अधिक टीका लगाया जा चुका है। जिले में इस आयु वर्ग वाले 2,40,841 बच्चों को टीका लगाने के लिए चयनित किया गया था। जिसमें 2,54,733 बच्चों को वैक्सीन की पहली खुराक तथा 1,66,241 बच्चों को वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी।
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