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बजाज चीनी मिल पर 71 करोड़ रुपये बकाया
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2016 11:00 PM IST
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जिले की बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल गन्ना किसानों का 71 करोड़ रुपये दबाए बैठी है। गन्ना मूल्य का भुगतान न होने से किसानों के सभी कार्य ठप पड़ गए हैं। अपनी गाढ़ी कमाई न मिल पाने से क्षेत्र के किसानों में चीनी मिल प्रबंधतंत्र के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है। कई कि सान संगठनों ने चीनी मिल प्रबंधतंत्र के खिलाफ मोर्चा खोलकर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
जिले में तीन चीनी मिलें संचालित हैं। जिसमें बलरामपुर चीनी मिल ग्रुप की दो, बजाज ग्रुप की एक चीनी मिल है। इस बार बलरामपुर चीनी मिल ग्रुप की सभी मिलों ने समय से नियमानुसार गन्ना मूल्य का भुगतान किया है।
जबकि जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र में कुंदुरखी में स्थित बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल ने किसानों का करीब 71 करोड़ रुपये दबा रखा है।
इस पेराई सत्र में दो माह की खरीद में चीनी मिल ने कुल आठ दिन का पैसा किसानों को दिया है। कई किसानों ने नाम न छापने की बात पर बताया कि मिल पर मिल के अधिकारियों की मनमानी के आगे कोई किसान बोलने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है।
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किसानों में मिल प्रबंधन के साथ प्रशासन के खिलाफ भी आक्रोश है। इस बाबत मिल के महाप्रबंधक जीआईडी पांडेय से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
बजाज चीनी मिल क्षेत्र के ग्राम कंधरातेजी निवासी राम सजीवन मिश्र का कहना है कि उन्होंने अब तक बजाज चीनी मिल को करीब 600 क्विंटल गन्ने की सप्लाई की ,लेकिन सब पैसा फंसा है। गन्ने का पैसा न मिलने से घर के सभी जरूरी कार्य ठप पड़े हैं। इस चीनी मिल से क्षेत्र के किसान तंग आ चुके हैं।
कंधरातेजी गांव के ही गन्ना किसान बच्चा राम मिश्र ने बताया कि उन्होंने बजाज चीनी मिल को अब 500 क्विंटल गन्ने की सप्लाई की है। मिल की ओर से अभी तक गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया गया है। इस बार खरीफ फसलों के सूखे में तबाह हो जाने से गन्ना मूल्य से ही जीविका जुड़ी है, लेकिन मिल के भुगतान न करने से खेती का काम प्रभावित है।
बजाज चीनी मिल प्रबंधतंत्र की मनमानी चरम पर है। मिल प्रबंधतंत्र ने अपनी दबंगई दिखाते हुए गन्ना विभाग व जिला प्रशासन की ओर से गन्ना मूल्य भुगतान न करने के बाबत दी गई कार्रवाई की चेतावनी नोटिस को ताक पर रख दिया है।
बजाज चीनी मिल के प्रबंधतंत्र को अब जिला गन्ना अधिकारी की ओर से सात व जिला अधिकारी की ओर से दो नोटिस दी जा चुकी हैं। कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद मिल के अधिकारियों पर कोई फर्क नही पड़ रहा है।
गन्ना मूल्य का भुगतान न होेने से किसानों व किसान संगठनों में बजाज चीनी मिल के खिलाफ आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष शिवराम उपाध्याय ने चेतावनी दी है कि उनके संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों ने एलान कर दिया है कि मनमानी कर रही चीनी मिलों की दूसरे सभी प्लांट पर तालाबंदी की जाएगी।
वहीं, इस बाबत किसान नेता दीनानाथ त्रिपाठी का कहना है कि बजाज चीनी मिल की मनमानी चरम पर है। ऐसे में अब किसानों के साथ मिल का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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जिले में तीन चीनी मिलें संचालित हैं। जिसमें बलरामपुर चीनी मिल ग्रुप की दो, बजाज ग्रुप की एक चीनी मिल है। इस बार बलरामपुर चीनी मिल ग्रुप की सभी मिलों ने समय से नियमानुसार गन्ना मूल्य का भुगतान किया है।
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जबकि जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र में कुंदुरखी में स्थित बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल ने किसानों का करीब 71 करोड़ रुपये दबा रखा है।
इस पेराई सत्र में दो माह की खरीद में चीनी मिल ने कुल आठ दिन का पैसा किसानों को दिया है। कई किसानों ने नाम न छापने की बात पर बताया कि मिल पर मिल के अधिकारियों की मनमानी के आगे कोई किसान बोलने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है।
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किसानों में मिल प्रबंधन के साथ प्रशासन के खिलाफ भी आक्रोश है। इस बाबत मिल के महाप्रबंधक जीआईडी पांडेय से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
बजाज चीनी मिल क्षेत्र के ग्राम कंधरातेजी निवासी राम सजीवन मिश्र का कहना है कि उन्होंने अब तक बजाज चीनी मिल को करीब 600 क्विंटल गन्ने की सप्लाई की ,लेकिन सब पैसा फंसा है। गन्ने का पैसा न मिलने से घर के सभी जरूरी कार्य ठप पड़े हैं। इस चीनी मिल से क्षेत्र के किसान तंग आ चुके हैं।
कंधरातेजी गांव के ही गन्ना किसान बच्चा राम मिश्र ने बताया कि उन्होंने बजाज चीनी मिल को अब 500 क्विंटल गन्ने की सप्लाई की है। मिल की ओर से अभी तक गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया गया है। इस बार खरीफ फसलों के सूखे में तबाह हो जाने से गन्ना मूल्य से ही जीविका जुड़ी है, लेकिन मिल के भुगतान न करने से खेती का काम प्रभावित है।
बजाज चीनी मिल प्रबंधतंत्र की मनमानी चरम पर है। मिल प्रबंधतंत्र ने अपनी दबंगई दिखाते हुए गन्ना विभाग व जिला प्रशासन की ओर से गन्ना मूल्य भुगतान न करने के बाबत दी गई कार्रवाई की चेतावनी नोटिस को ताक पर रख दिया है।
बजाज चीनी मिल के प्रबंधतंत्र को अब जिला गन्ना अधिकारी की ओर से सात व जिला अधिकारी की ओर से दो नोटिस दी जा चुकी हैं। कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद मिल के अधिकारियों पर कोई फर्क नही पड़ रहा है।
गन्ना मूल्य का भुगतान न होेने से किसानों व किसान संगठनों में बजाज चीनी मिल के खिलाफ आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष शिवराम उपाध्याय ने चेतावनी दी है कि उनके संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों ने एलान कर दिया है कि मनमानी कर रही चीनी मिलों की दूसरे सभी प्लांट पर तालाबंदी की जाएगी।
वहीं, इस बाबत किसान नेता दीनानाथ त्रिपाठी का कहना है कि बजाज चीनी मिल की मनमानी चरम पर है। ऐसे में अब किसानों के साथ मिल का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।