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....बहुत नेता बनते हो, उठा कर पटक दूंगा
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sat, 18 Jun 2016 11:23 PM IST
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शिकायतें सुनते एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
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कहां तो तय था चिराग हर घर के लिए। पर रोशनी न मयस्सर हुई शहर के लिए। जी हां ये लाइनें यहां एक घटना पर बिल्कुल सटीक बैठ रही है। हुआ यूं कि साहब गए तो थे जनता की शिकायतें सुनने लेकिन वहां उनका तेवर देख फरियादी ही भाग खडे़ हुए।
घटना रुपईडीह विकासखंड की ग्राम पंचायत सिसई जंगल के मजरा बैदोरा के प्राथमिक विद्यालय की है। यहां शनिवार को ग्रामीणों की चौपाल लगाई गई थी जिसमें ग्रामीणों की शिकायतों को सुनकर उनका निस्तारण किया जाना था।
चौपाल में जन शिकायतें सुनने पहुंचे एसडीएम ने पहले तो सरकार की उपलब्धियां बखानी और फिर लोगों से उनकी राय पूछी। इस दौरान एक व्यक्ति खड़ा हुआ और उसने कहा कि गांव का कोटेदार राशन नहीं बांटता है और न ही सफाई कर्मी गांव में आता है। उम्मीद थी कि कि एसडीएम साहब कोटेदार व सफाई कर्मी से जवाब मांगेंगे लेकिन यहां तो गंगा उल्टी ही बह चली।
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एसडीएम जवाब मांगना तो दूर उल्टे शिकायत कर्ता पर धौंस जताने लगे। जवाब दिया कि बहुत नेता बनते हो उठा कर पटक दूंगा। सफाई कर्मी नहीं आता तो तुम सब खुद सफाई करो। जब सफाई कर्मी नहीं था तो गांव में सफाई कैसे होती थी। एडीएम का यह तेवर देख अन्य शिकायत कर्ता जो अपनी बात कहने की इच्छा पाल रखे थे, वह धीरे-धीरे से खिसक लिए।
ग्रामीण अनिल कुमार यादव, नंद कुमार वर्मा, मुमताज अली, सत्तार आदि का कहना था कि हम लोग व्यवस्था की खामियां जताने आए थे लेकिन साहब है वह किसी की शिकायत नहीं सुनना चाहते तो यहां रूकने से क्या फायदा।
एसडीएम सदर अविनाश कुमार आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने चौपाल में किसी से भी ऐसी बात नहीं कही है, इतना जरुर कहा कि किसी को शिकायत हो तो वह लिखित शिकायत दर्ज कराए कार्रवाई की जाएगी।
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घटना रुपईडीह विकासखंड की ग्राम पंचायत सिसई जंगल के मजरा बैदोरा के प्राथमिक विद्यालय की है। यहां शनिवार को ग्रामीणों की चौपाल लगाई गई थी जिसमें ग्रामीणों की शिकायतों को सुनकर उनका निस्तारण किया जाना था।
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चौपाल में जन शिकायतें सुनने पहुंचे एसडीएम ने पहले तो सरकार की उपलब्धियां बखानी और फिर लोगों से उनकी राय पूछी। इस दौरान एक व्यक्ति खड़ा हुआ और उसने कहा कि गांव का कोटेदार राशन नहीं बांटता है और न ही सफाई कर्मी गांव में आता है। उम्मीद थी कि कि एसडीएम साहब कोटेदार व सफाई कर्मी से जवाब मांगेंगे लेकिन यहां तो गंगा उल्टी ही बह चली।
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एसडीएम जवाब मांगना तो दूर उल्टे शिकायत कर्ता पर धौंस जताने लगे। जवाब दिया कि बहुत नेता बनते हो उठा कर पटक दूंगा। सफाई कर्मी नहीं आता तो तुम सब खुद सफाई करो। जब सफाई कर्मी नहीं था तो गांव में सफाई कैसे होती थी। एडीएम का यह तेवर देख अन्य शिकायत कर्ता जो अपनी बात कहने की इच्छा पाल रखे थे, वह धीरे-धीरे से खिसक लिए।
ग्रामीण अनिल कुमार यादव, नंद कुमार वर्मा, मुमताज अली, सत्तार आदि का कहना था कि हम लोग व्यवस्था की खामियां जताने आए थे लेकिन साहब है वह किसी की शिकायत नहीं सुनना चाहते तो यहां रूकने से क्या फायदा।
एसडीएम सदर अविनाश कुमार आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने चौपाल में किसी से भी ऐसी बात नहीं कही है, इतना जरुर कहा कि किसी को शिकायत हो तो वह लिखित शिकायत दर्ज कराए कार्रवाई की जाएगी।