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Gonda News: प्रोत्साहन राशि की लालच में एंबुलेंसों में प्रसव करवा दे रहे कर्मी
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गोंडा के मनकापुर में एंबुलेंस में प्रसव कराने के बाद नवजात के साथ ईएमटी। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। प्रोत्साहन राशि की लालच में एंबुलेंस कर्मी खुद डॉक्टर बन गर्भवती व नवजात के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। खुद डॉक्टर बनकर हर रोज करीब 10 से अधिक प्रसव एंबुलेंसों करवा दे रहे हैं। दूसरी ओर जब हालत बिगड़ने लगती है तो नवजात व प्रसूता को स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया जाता।
गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने वाली 102 एंबुलेंस सेवा में पायलट के अलावा एक ईएमटी इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की तैनाती की गई है, जो कभी कभार पड़ने वाली इमरजेंसी में गर्भवतियों का प्रसव कराते थे।
पिछले साल से एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से प्रसव कराने वाले ईएमटी को 1020 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाने लगी। इस राशि के लालच में ईएमटी कर तीसरे गर्भवती को रास्ते में प्रसव कराने का प्रयास में लग जाते। सुरक्षित प्रसव के लिए पूर्ण प्रशिक्षित स्टाफ नर्स या डॉक्टर ही जरूरी होते।
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केस एक:
मनकापुर में एंबुलेंस में करवाया प्रसव
- मंगलवार को धुसवा खास निवासी सुनीता को प्रसव पीड़ा शुरु होने के बाद एंबुलेंस को फोन का कॉल किया गया। करीब आधा घंटा बाद पहुंची एंबुलेंस से लेकर सीएचसी ले जाय गया। सीएचसी से थोड़ी दूर ही रुककर ईएमटी सिराजुद्दीन व पायलट रमेश कुमार ने प्रसव कराना शुरु कर दिया। प्रसव के बाद हालत खराब होने पर सीएचसी पर भर्ती कराया गया।
केस दो:
छपिया में ईएमटी व पॉयलट ने कराया प्रसव
- मंगलवार को छपिया सीएचसी के गर्भवती किरन का प्रसव भी एंबुुलेंस कर्मियों ने रास्ते में ही करवा दिया। डॉयल 102 को कॉल करने पर पहुंची एंबुलेस से गर्भवती को सीएचसी ले जाया गया। पीएचसी से कुछ ही दूरी पर एंबुलेंस कर्मियों ने प्रसव कराना शुरु किया। ईएमटी जयप्रकाश व पायलट संतोष ने प्रसव कराना शुरु किया। करीब आधा घंटा तड़फने के बाद प्रसव हुआ। ठंड के मौसम में नवजात को ले जाकर पीएचसी पर भर्ती कराया गया।
केस तीन:
रास्ते मे खेत के बीच कराया प्रसव,
खरगूपुर के सुसगंवा निवासी रीता देवी का प्रसव भी एंबुलेंस कर्मियों ने रास्ते में करवा दिया। प्रोत्साहन राशि के लालच में ईएमटी कमलेश कुमार व चालक कन्हैया लाल ने रास्ते में खेत के बीच प्रसव करावा दिया। उसके बाद पांच किलोमीटर दूर सीएचसी पर ले जाकर भर्ती कराया गया।
गर्भवती व नवजात की सुरक्षा के लिए संस्थागत प्रसव कराना ही जरुरी होता है। कभी कभार इमरजेंसी पड़ने पर एंबुलेंस में प्रसव कराना तो ठीक है, लेकिन हर रोज प्रोत्साहन राशि की लालच में कई प्रसव कराना तथा प्रसव के बाद तुरंत यात्रा करने से नवजात को संक्रमण की संभावना बढ़ जाती।
डॉ. सुषमा सिंह, सीएमएस जिला महिला अस्पताल
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गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने वाली 102 एंबुलेंस सेवा में पायलट के अलावा एक ईएमटी इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की तैनाती की गई है, जो कभी कभार पड़ने वाली इमरजेंसी में गर्भवतियों का प्रसव कराते थे।
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पिछले साल से एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से प्रसव कराने वाले ईएमटी को 1020 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाने लगी। इस राशि के लालच में ईएमटी कर तीसरे गर्भवती को रास्ते में प्रसव कराने का प्रयास में लग जाते। सुरक्षित प्रसव के लिए पूर्ण प्रशिक्षित स्टाफ नर्स या डॉक्टर ही जरूरी होते।
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केस एक:
मनकापुर में एंबुलेंस में करवाया प्रसव
- मंगलवार को धुसवा खास निवासी सुनीता को प्रसव पीड़ा शुरु होने के बाद एंबुलेंस को फोन का कॉल किया गया। करीब आधा घंटा बाद पहुंची एंबुलेंस से लेकर सीएचसी ले जाय गया। सीएचसी से थोड़ी दूर ही रुककर ईएमटी सिराजुद्दीन व पायलट रमेश कुमार ने प्रसव कराना शुरु कर दिया। प्रसव के बाद हालत खराब होने पर सीएचसी पर भर्ती कराया गया।
केस दो:
छपिया में ईएमटी व पॉयलट ने कराया प्रसव
- मंगलवार को छपिया सीएचसी के गर्भवती किरन का प्रसव भी एंबुुलेंस कर्मियों ने रास्ते में ही करवा दिया। डॉयल 102 को कॉल करने पर पहुंची एंबुलेस से गर्भवती को सीएचसी ले जाया गया। पीएचसी से कुछ ही दूरी पर एंबुलेंस कर्मियों ने प्रसव कराना शुरु किया। ईएमटी जयप्रकाश व पायलट संतोष ने प्रसव कराना शुरु किया। करीब आधा घंटा तड़फने के बाद प्रसव हुआ। ठंड के मौसम में नवजात को ले जाकर पीएचसी पर भर्ती कराया गया।
केस तीन:
रास्ते मे खेत के बीच कराया प्रसव,
खरगूपुर के सुसगंवा निवासी रीता देवी का प्रसव भी एंबुलेंस कर्मियों ने रास्ते में करवा दिया। प्रोत्साहन राशि के लालच में ईएमटी कमलेश कुमार व चालक कन्हैया लाल ने रास्ते में खेत के बीच प्रसव करावा दिया। उसके बाद पांच किलोमीटर दूर सीएचसी पर ले जाकर भर्ती कराया गया।
गर्भवती व नवजात की सुरक्षा के लिए संस्थागत प्रसव कराना ही जरुरी होता है। कभी कभार इमरजेंसी पड़ने पर एंबुलेंस में प्रसव कराना तो ठीक है, लेकिन हर रोज प्रोत्साहन राशि की लालच में कई प्रसव कराना तथा प्रसव के बाद तुरंत यात्रा करने से नवजात को संक्रमण की संभावना बढ़ जाती।
डॉ. सुषमा सिंह, सीएमएस जिला महिला अस्पताल