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Gonda News: बैंक, फाइनेंस कंपनी के चार बकायेदारों पर कार्रवाई
Tue, 22 Apr 2025 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 22 Apr 2025 11:57 PM IST
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गोंडा। जिलाधिकारी ने प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के तीन व फाइनेंस कंपनी के एक बकायेदार के खिलाफ कार्रवाई तय की है। इसके चलते डीएम ने बंधक संपत्ति पर कब्जा लेने और संबंधित एसडीएम व पुलिस अधीक्षक को बैंक को बंधक संपत्ति का कब्जा सौंपने के आदेश दिए हैं।
सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम छितौनी बनगाई निवासी व पवन ट्रेडर्स के प्रोपराइटर पवन कुमार, ग्राम कलारी निवासी संजय कुमार चौधरी व ग्राम इमिलिया गुरुदयाल की पार्वती देवी ने प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक शाखा बड़गांव और शास्त्री नगर मनकापुर के रहने वाले बृजेश कुमार ने चोलामंडलम इंवेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी की शाखा विभूतिखंड गोमतीनगर लखनउ से ऋण लिया था। लेकिन समय पर बैंक की किस्तों का भुगतान न किए जाने के कारण वह डिफाल्टर घोषित हो गए। बैंक प्रबंधन की तमाम कोशिशों के बावजूद इन बकायेदारों ने न तो समय पर किस्तों की अदायगी की और न ही ऋण राशि को एकमुश्त जमा करने का प्रयास किया।
विवश होकर बैंकों ने सभी बकायेदारों की बंधक संपत्तियों पर प्रतीकात्मक कब्जा कर उनके विरुद्ध वित्तीय परिसंपत्तियों पर सरफेसी अधिनियम के तहत कार्यवाही के लिए जिलाधिकारी कोर्ट में केस दायर किया था। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्य व गवाही के आधार पर जिलाधिकारी नेहा शर्मा की कोर्ट ने बंधक रखी गई संपत्ति को बैंक के कब्जे में देने का आदेश दिया है। नियमानुसार संबंधित बैंक को कब्जा दिलाने के लिए उपजिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को कोर्ट ने आदेशित भी किया है।
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सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम छितौनी बनगाई निवासी व पवन ट्रेडर्स के प्रोपराइटर पवन कुमार, ग्राम कलारी निवासी संजय कुमार चौधरी व ग्राम इमिलिया गुरुदयाल की पार्वती देवी ने प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक शाखा बड़गांव और शास्त्री नगर मनकापुर के रहने वाले बृजेश कुमार ने चोलामंडलम इंवेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी की शाखा विभूतिखंड गोमतीनगर लखनउ से ऋण लिया था। लेकिन समय पर बैंक की किस्तों का भुगतान न किए जाने के कारण वह डिफाल्टर घोषित हो गए। बैंक प्रबंधन की तमाम कोशिशों के बावजूद इन बकायेदारों ने न तो समय पर किस्तों की अदायगी की और न ही ऋण राशि को एकमुश्त जमा करने का प्रयास किया।
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विवश होकर बैंकों ने सभी बकायेदारों की बंधक संपत्तियों पर प्रतीकात्मक कब्जा कर उनके विरुद्ध वित्तीय परिसंपत्तियों पर सरफेसी अधिनियम के तहत कार्यवाही के लिए जिलाधिकारी कोर्ट में केस दायर किया था। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्य व गवाही के आधार पर जिलाधिकारी नेहा शर्मा की कोर्ट ने बंधक रखी गई संपत्ति को बैंक के कब्जे में देने का आदेश दिया है। नियमानुसार संबंधित बैंक को कब्जा दिलाने के लिए उपजिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को कोर्ट ने आदेशित भी किया है।
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