{"_id":"5856c6b14f1c1b8261c05f53","slug":"a-fine-of-rs-25-000-on-the-former-sdm","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व एसडीएम पर 25000 रुपये जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व एसडीएम पर 25000 रुपये जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Dec 2016 10:59 PM IST
विज्ञापन
रुपये
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरटीआई के तहत मांगी सूचना को वादी को तय समय में न देना पूर्व एसडीएम को भारी पड़ गया है। इसेे जनसूचना आयोग ने गंभीरता से लेकर आयोग के आदेशों की अवहेलना ठहराते हुए पूर्व एसडीएम सदर अविनाश कुमार से 25 हजार रुपये अर्थदंड की वसूली का आदेश सुनाया है।
जिले की ग्राम पंचायत सिसई टिकरिया निवासी रमाकांत पांडेय ने एसडीएम गोंडा सदर व जन सूचनाधिकारी रहे अविनाश कुमार से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी। जिसमें ग्राम पंचायत खरगूपुर इमिलिया के उचित दर विक्रेता की ओर से अनाज आदि के स्टाक व वितरण के चार साल का ब्यौरा आदि की सूचना शामिल है।
तय समय में सूचना न मिलने पर रमाकांत ने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया। इस पर आयोग ने एसडीएम को नोटिस जारी स्पष्टीकरण मांगा। इस पर एसडीएम रहे अविनाश कुमार की ओर से बच्चा राम लेखपाल आयोग के समक्ष हाजिर हुए।
विज्ञापन
उन्होंने आयोग को बताया कि यह मामला जिला पूर्ति कार्यालय से संबंधित है, इसलिए सूचना प्राप्त करने के लिए पत्र को पूर्ति विभाग को भेजा है। लेकिन जब आयोग ने इसके प्रमाण के लिए कॉपी मांगी तो वह उसका साक्ष्य नहीं दे सके।
इस पर आयोग ने जनसूचना अधिकारी/एसडीएम अविनाश कुमार को आरटीआई के तहत सूचना न देने व आयोग के आदेशों की अवहेलना का दोषी ठहराते हुए इन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ अगली सुनवाई की तिथि पर मय साक्ष्य स्पष्टीकरण देने का आदेश जारी किया।
इस पर भी एसडीएम सदर न तो आयोग की तलबी पर उपस्थित हुए और न ही स्पष्टीकरण दिया। इस पर आयोग ने एसडीएम सदर अविनाश कुमार से अर्थदंड को यथावत रखते हुए दंड की रकम की वसूली का आदेश पारित कर दिया। यही नहीं आदेशों के अनुपालन के लिए ट्रेजरी अफसर गोंडा व जिलाधिकारी गोंडा को आदेशित किया है।
विज्ञापन
जिले की ग्राम पंचायत सिसई टिकरिया निवासी रमाकांत पांडेय ने एसडीएम गोंडा सदर व जन सूचनाधिकारी रहे अविनाश कुमार से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी। जिसमें ग्राम पंचायत खरगूपुर इमिलिया के उचित दर विक्रेता की ओर से अनाज आदि के स्टाक व वितरण के चार साल का ब्यौरा आदि की सूचना शामिल है।
विज्ञापन
तय समय में सूचना न मिलने पर रमाकांत ने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया। इस पर आयोग ने एसडीएम को नोटिस जारी स्पष्टीकरण मांगा। इस पर एसडीएम रहे अविनाश कुमार की ओर से बच्चा राम लेखपाल आयोग के समक्ष हाजिर हुए।
विज्ञापन
उन्होंने आयोग को बताया कि यह मामला जिला पूर्ति कार्यालय से संबंधित है, इसलिए सूचना प्राप्त करने के लिए पत्र को पूर्ति विभाग को भेजा है। लेकिन जब आयोग ने इसके प्रमाण के लिए कॉपी मांगी तो वह उसका साक्ष्य नहीं दे सके।
इस पर आयोग ने जनसूचना अधिकारी/एसडीएम अविनाश कुमार को आरटीआई के तहत सूचना न देने व आयोग के आदेशों की अवहेलना का दोषी ठहराते हुए इन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ अगली सुनवाई की तिथि पर मय साक्ष्य स्पष्टीकरण देने का आदेश जारी किया।
इस पर भी एसडीएम सदर न तो आयोग की तलबी पर उपस्थित हुए और न ही स्पष्टीकरण दिया। इस पर आयोग ने एसडीएम सदर अविनाश कुमार से अर्थदंड को यथावत रखते हुए दंड की रकम की वसूली का आदेश पारित कर दिया। यही नहीं आदेशों के अनुपालन के लिए ट्रेजरी अफसर गोंडा व जिलाधिकारी गोंडा को आदेशित किया है।