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इंसुलेटरों की आपूर्ति करने वाली फर्म ब्लैकलिस्टेड
Gonda
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
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गोंडा। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह के पैतृक गांव भंभुवा में लोकार्पण के 15 दिन बाद बिजलीघर चालू न होने की गाज खुर्जा में 33 केवी लाइन के पिन इंसुलेटरों का निर्माण करने वाली फर्म सूरी पर गिरी है। पावर कॉर्पोरेशन ने मेरठ, कानपुर, लखनऊ के बाद गोंडा में पिन इंसुलेटरों की आपूर्ति करने वाली इस फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। साथ ही फर्म के खिलाफ विधिक कार्रवाई के लिए तहरीर कोतवाली नगर में भी दी गई है।
विद्युत भंडार गृह के अधीक्षण अभियंता एसके पाठक की मानें तो कंपनी ने चीनी मिट्टी के बने जिस पिन इंसुलेटरों की आपूर्ति कॉर्पोरेशन को की है, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब है। जिसके कारण इस कंपनी के पिन इंसुलेटरों से बनाई गई 33 केवी की कोई भी लाइन होल्ड नहीं करती और उसमें कहीं न कहीं कोई खराबी आ जाती है। ‘अमर उजाला’ ने इस बात का खुलासा 8 अक्तूबर के अंक में ‘खराब इंसुलेटरों से नहीं हो पा रही विद्युत आपूर्ति’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में किया था।
बता दें कि बुलंदशहर के खुर्जा में सूरी नाम की एक कंपनी बिजली की 33 केवी लाइन में लगने वाले चीनी मिट्टी के बने पिन इंसुलेटरों का निर्माण करती है। कंपनी की ओर से 20 हजार पिन इंसुलेटरों की आपूर्ति मेरठ, कानपुर, लखनऊ व गोंडा जिलों में की गई थी। यही पिन इंसुलेटर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह के पैतृक गांव भंभुवा में नवनिर्मित बिजलीघर के 33 केवी लाइन में लगाए गए थे। लेकिन इन पिन इंसुलेटरों के इस्तेमाल से जो लाइन बिजलीघर की बनाई गई, वह न तो बिजलीघर के लोकार्पण वाले दिन होल्ड हुई, न ही उसके बाद। लाइन को जैसे ही चालू किया जाता है ये पिन इंसुलेटर खराब हो जाते हैं। जिससे पूरी की पूरी लाइन बैठ जाती। इसकी शिकायत राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह, आयुक्त देवीपाटन मंडल समेत पावर कॉर्पोरेशन के तमाम अधिकारियों ने शासन को भेजी। जिसके बाद पूरे मामले में इन पिन इंसुलेटरों की आपूर्ति करने वाली बुलंदशहर के खुर्जा की फर्म सूरी को ब्लैक लिस्टेड करते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के लिए इसकी तहरीर कोतवाली नगर में दी गई है। बता दें कि जिले के स्टोर रूम को फर्म की ओर से साढ़े चार हजार की संख्या में यह पिन इंसुलेटर आपूर्ति किए गए थे।
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विद्युत भंडार गृह के अधीक्षण अभियंता एसके पाठक की मानें तो कंपनी ने चीनी मिट्टी के बने जिस पिन इंसुलेटरों की आपूर्ति कॉर्पोरेशन को की है, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब है। जिसके कारण इस कंपनी के पिन इंसुलेटरों से बनाई गई 33 केवी की कोई भी लाइन होल्ड नहीं करती और उसमें कहीं न कहीं कोई खराबी आ जाती है। ‘अमर उजाला’ ने इस बात का खुलासा 8 अक्तूबर के अंक में ‘खराब इंसुलेटरों से नहीं हो पा रही विद्युत आपूर्ति’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में किया था।
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बता दें कि बुलंदशहर के खुर्जा में सूरी नाम की एक कंपनी बिजली की 33 केवी लाइन में लगने वाले चीनी मिट्टी के बने पिन इंसुलेटरों का निर्माण करती है। कंपनी की ओर से 20 हजार पिन इंसुलेटरों की आपूर्ति मेरठ, कानपुर, लखनऊ व गोंडा जिलों में की गई थी। यही पिन इंसुलेटर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह के पैतृक गांव भंभुवा में नवनिर्मित बिजलीघर के 33 केवी लाइन में लगाए गए थे। लेकिन इन पिन इंसुलेटरों के इस्तेमाल से जो लाइन बिजलीघर की बनाई गई, वह न तो बिजलीघर के लोकार्पण वाले दिन होल्ड हुई, न ही उसके बाद। लाइन को जैसे ही चालू किया जाता है ये पिन इंसुलेटर खराब हो जाते हैं। जिससे पूरी की पूरी लाइन बैठ जाती। इसकी शिकायत राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह, आयुक्त देवीपाटन मंडल समेत पावर कॉर्पोरेशन के तमाम अधिकारियों ने शासन को भेजी। जिसके बाद पूरे मामले में इन पिन इंसुलेटरों की आपूर्ति करने वाली बुलंदशहर के खुर्जा की फर्म सूरी को ब्लैक लिस्टेड करते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के लिए इसकी तहरीर कोतवाली नगर में दी गई है। बता दें कि जिले के स्टोर रूम को फर्म की ओर से साढ़े चार हजार की संख्या में यह पिन इंसुलेटर आपूर्ति किए गए थे।
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