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बंद कमरे में पूछताछ दो बाबू दिल्ली तलब
Gonda
Updated Tue, 03 Jun 2014 05:31 AM IST
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गोंडा। एनआरएचएम के तहत हुए दवा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई अब सीएचसी व पीएचसी से मिले दवा खरीद के रिकॉर्डों के सत्यापन में जुट गई है। रजिस्टरों पर हुए हस्ताक्षरों का मिलान एक्सपर्ट से कराया गया। इसके लिए बैंकों को भी पत्र जारी किया गया है। सीबीआई ने शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के कई लिपिकों से बंद कमरे में राज उगलवाए। वहीं, दो बाबुओं को बुधवार को दिल्ली तलब किया है।
पांच दिन से मनकापुर आईटीआई के गेस्टहाउस में अपना डेरा जमाए सीबीआई की टीम शनिवार को दिल्ली रवाना हो गई। लेकिन जाते-जाते सीबीआई ने सीएमओ कार्यालय में तैनात दो बाबुओं को दिल्ली तलब किया है। बंद कमरे में सीबीआई कई लोगों से पूछताछ की। सीबीआई ने दवा रजिस्टरों में हुए हस्ताक्षरों का मिलान भी अपने एक्सपर्ट से कराया, क्योंकि सीएचसी और पीएचसी को दवाएं तो अवमुक्त की गईं, लेकिन वह वहां पहुंची नहीं। ऐसे में रजिस्टर पर हस्ताक्षर किसी एक व्यक्ति ने नाम बदल-बदल कर किए या फिर इसमें सभी की मिलीभगत थी, इसकी भी जांच की गई। वहीं, सीबीआई ने एक पत्र भी उन बैंकों को जारी किया है, जिनसे दवाओं का पैसा खाते के जरिए ट्रांसफर हुआ है। बीते दिन सीबीआई ने परिवार कल्याण के पूर्व सीएमओ डॉ. एमएम खां से भी बंद कमरे में पूछताछ की, जबकि शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के कई लिपिकों से राज उगलवाए। शुक्रवार की शाम सीबीआई ने उपभोक्ता सहकारी संघ के भी कुछ लोगों को फोन कर मनकापुर बुलाया और उनसे भी काफी देर तक पूछताछ की। बयानों को सीबीआई दर्ज कर अपने उच्चाधिकारियों को भेज चुकी है। माना जा रहा है कि जल्द मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
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पांच दिन से मनकापुर आईटीआई के गेस्टहाउस में अपना डेरा जमाए सीबीआई की टीम शनिवार को दिल्ली रवाना हो गई। लेकिन जाते-जाते सीबीआई ने सीएमओ कार्यालय में तैनात दो बाबुओं को दिल्ली तलब किया है। बंद कमरे में सीबीआई कई लोगों से पूछताछ की। सीबीआई ने दवा रजिस्टरों में हुए हस्ताक्षरों का मिलान भी अपने एक्सपर्ट से कराया, क्योंकि सीएचसी और पीएचसी को दवाएं तो अवमुक्त की गईं, लेकिन वह वहां पहुंची नहीं। ऐसे में रजिस्टर पर हस्ताक्षर किसी एक व्यक्ति ने नाम बदल-बदल कर किए या फिर इसमें सभी की मिलीभगत थी, इसकी भी जांच की गई। वहीं, सीबीआई ने एक पत्र भी उन बैंकों को जारी किया है, जिनसे दवाओं का पैसा खाते के जरिए ट्रांसफर हुआ है। बीते दिन सीबीआई ने परिवार कल्याण के पूर्व सीएमओ डॉ. एमएम खां से भी बंद कमरे में पूछताछ की, जबकि शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के कई लिपिकों से राज उगलवाए। शुक्रवार की शाम सीबीआई ने उपभोक्ता सहकारी संघ के भी कुछ लोगों को फोन कर मनकापुर बुलाया और उनसे भी काफी देर तक पूछताछ की। बयानों को सीबीआई दर्ज कर अपने उच्चाधिकारियों को भेज चुकी है। माना जा रहा है कि जल्द मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
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