फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   261 villages power stalled from two days

दो दिन से 261 गांवों की बिजली ठप

Mon, 30 May 2016 11:23 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
अमर उजाला/गोंडा Updated Mon, 30 May 2016 11:23 PM IST
विज्ञापन
261 villages power stalled from two days
टावर पर चढ़ा 'वीरू' - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फीरोजाबाद
जनपद के डेहरास इलाके में शनिवार की रात आई तेज आंधी के बाद से पूरा बेलसर तो आधा परसपुर क्षेत्र अंधेरे में डूबा हुआ है। जेल रोड स्थित 220 केवी बिजलीघर से जो 33 केवी की लाइन बेलसर बिजलीघर को जाती है, उसके 11 खंभे आंधी के चलते टूट जाने से पूरे बिजलीघर की सप्लाई बीते 42 घंटे से बंद चल रही है।
विज्ञापन


इस वजह से न तो बेलसर के 141 गांवों को बिजली मिल पा रही है और न ही डेहरास के 120 गांवों को। विद्युत आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 
विज्ञापन


पावर कॉरपोरेशन के अवर अभियंता अनीश पांडेय की मानें तो टूटे खंभों के स्थान पर उन्हें नए खंभे स्टोर से मिल गए हैं। लेकिन उन्हें गाड़कर उन पर तार खींचने में अभी उन्हें कम से कम 24 घंटे और लगेंगे। तब जाकर कहीं सबस्टेशन की बिजली बहाल हो पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, बिजलीघर क्षेत्र में 11 केवी व एलटी लाइन के भी करीब 100 खंभे टूटे पड़े हैं, जिन्हें न तो बदलने की कोई कार्ययोजना अभी तक तैयार हो पाई है और न ही उन पर तार खींचकर इलाकाई लोगों को बिजली देने की। विद्युत आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

शनिवार की रात परसपुर इलाके में आई तेज आंधी व पानी ने डेहरास व बेलसर क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई थी। जहां सैकड़ों पेड़ों के टूट जाने से बिजली के कई खंभे धराशाई हो गए तो वहीं क्षेत्र में लगे बिजली के ट्रांसफार्मर भी उड़कर दूर जा गिरे।

वहीं, गोंडा-बेलसर के जिस रास्ते से 33 केवी लाइन के तार बिजलीघर पर लाए गए हैं, उसके 11 खंभे भी आंधी के चलते धराशाई हो गए। जिससे बेलसर के 141 और डेहरास के 120 गांवों की बत्ती बीते 42 घंट से गुल चल रही है। 

पावर कारॅपोरेशन के अवर अभियंता अनीश पांडेय का कहना है कि रविवार को छुट्टी पड़ जाने के कारण उन्हें बिजली के खंभे नहीं मिल पाए थे। लेकिन सोमवार को उन्हें जो खंभे चाहिए थे, वह मिल गए हैं। जिन्हें एक-एक कर गड़वाने का काम तेजी से शुरू करवा दिया गया है। लेकिन अभी इस काम में उन्हें 24 घंटे और लगेंगे। तब जाकर कहीं बेलसर सब स्टेशन की बिजली बहाल हो पाएगी।

वहीं, बेलसर और डेहरास इलाके में ही 11 केवी और एलटी लाइन (440 वोल्ट) के 100 से ऊपर खंभे अभी भी टूटे पड़े हैं। जिनका न तो पावर कॉरपोरेशन ने कोई सर्वे शुरू किया है और न ही टूटे हुए खंभों की जगह दूसरे खंभे लगाने की कोई पहल की है। जिससे अगर बेलसर इलाके की बिजली 24 घंटे बाद बहाल भी हो गई तो उसके बाद भी कई गांवों को बिजली नहीं मिल पाएगी।

हालांकि एक्सईएन तीरथराम श्रीवास्तव का कहना है कि बेलसर और डेहरास में जहां-जहां बिजली के खंभे टूटे हैं, उसका इस्टीमेट अवर अभियंता से मांगा गया है। जैसे ही यह इस्टीमेट उन्हें मिलता है, उसे पास कराने के लिए भेज दिया जाएगा।

खंभे व तार मिलते ही उन्हें गाड़ने का काम भी शुरू हो जाएगा। बेलसर सब स्टेशन के अंतर्गत बिजली के पांच हजार उपभोक्ता आते हैं, जिन्हें शुकुलगंज बिजलीघर से आपूर्ति होती है।

शनिवार की रात आई आंधी व पानी में जगह-जगह टूटे बिजली के खंभों का न तो अभी तक सर्वे कराया गया है और न ही उन्हें बदलने के लिए अवर अभियंताओं की ओर से इसका इस्टीमेट ही तैयार किया जा रहा है।

बेलसर की ही अगर बात करें तो यहां के लोग 33 केवी लाइन की बहाली में ही लगे हैं। जिसके कारण अन्य इलाकों में टूटकर गिरे बिजली के खंभों को बदलने की योजना ठंडी पड़ी है।


जबकि इसी तरह इटियाथोक, खरगूपुर, धानेपुर, तरबगंज, करनैलगंज, परसपुर, भंभुवा, मनकापुर, मसकनवा सहित अन्य इलाकों में भी अभी तक टूटे खंभों की गिनती का कोई सर्वे नहीं हुआ है। जिससे इनकी सही संख्या नहीं पता चल पा रही। वहीं जब तक खंभों की संख्या का पता नहीं होगा, तब तक उनका न तो इस्टीमेट बन पाएगा और न ही उन्हें बदला जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed