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बिना गार्ड के संचालित हो रहे नामी गिरामी स्कूल
Updated Tue, 12 Sep 2017 10:15 PM IST
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नामी-गिरामी स्कूलों में भी सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं
ब्लू व्हेल गेम के कारण आत्महत्या का जिले में अब तक कोई मामला नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। गुरुग्राम के एक प्रतिष्ठित स्कूल में बच्चे की हत्या ने समूचे देश को झकझोर दिया। मोटी फीस वसूलने वाले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में तमाम स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था में भी कई खामियां हैं। यहां के एक स्कूल में तीन शिक्षकों की कारस्तानी के कारण कक्षा नौ की छात्रा ने फांसी लगा ली थी। यह वाकया होने के बाद से स्कूल सतर्क हो गए थे और शहर के कई स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे तो लग गए। मगर सुरक्षा के अन्य मानकों की अब भी अनदेखी हो रही है। वहीं दूसरी ओर जिले में अब तक ब्लू व्हेल गेम के कारण अब तक किसी बच्चे की आत्महत्या का मामला भी सामने नहीं आया है।
जिला मुख्यालय पर यूपी बोर्ड व सीबीएसई बोर्ड के करीब 20 निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। सीबीएसई बोर्ड के तमाम स्कूलों में मोबाइल लाने की मनाही है। टीचर और अभिभावक बच्चों को ब्लू व्हेल गेम से दूर रहने की सलाह भी दे रहे हैं। सुरक्षा की बात करें तो इन स्कूलों में एक-एक गार्ड हैं जो वाचमैन का काम करते हैं। अभी छह माह पहले एक प्रतिष्ठित स्कूल में एक बच्चे की पिटाई का मामला सामने आया था, जिसमें अभिभावक ने मुकदमा दर्ज कराया था।
उकसावे पर फांसी लगा चुकी है छात्रा
वर्ष 2015 में शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में कक्षा नौ में पढ़ने वाली छात्रा विदिशा सिंह पुत्री रवींद्र सिंह ने शिक्षकों के उकसावे पर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना में शिक्षिका रश्मि कपूर, शिक्षक आफताब आलम व दीपक फर्नांडीज आरोपी थे। इस घटना के बाद करीब 15 दिनों तक जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन हुआ था। इस मामले में रश्मि कपूर को उच्च न्यायालय से जमानत तो मिल गई थी, लेकिन दीपक फर्नांडीज व आफताब आलम को दो साल बाद भी जमानत नहीं मिल पायी।
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ब्लू व्हेल से संबंधित घटना नहीं
गोंडा जिले में ब्लू व्हेल जैसी घटना अभी तक नहीं हुई है। अभिभावक धनंजय ने बताया कि दिल्ली व अन्य जगहों से आ रही खबरों के बाद अभिभावक व स्कूल संचालक भी सक्रिय व सचेत हो गए हैं। सभी अपने बच्चों को मोबाइल देने से कतरा रहे हैं और ब्लू व्हेल जैसे आन लाइन खेल पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं।
सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश
सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूल व कॉलेजों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को अपने-अपने कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकांश कालेजों में कैमरे लगे हैं। लेकिन सुरक्षा के लिए गार्ड की व्यवस्था नहीं है। एक वाच मैन के सहारे काम कर रहे स्कूलों को समुचित सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
- राम खेलावन, डीआईओएस गोंडा
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ब्लू व्हेल गेम के कारण आत्महत्या का जिले में अब तक कोई मामला नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। गुरुग्राम के एक प्रतिष्ठित स्कूल में बच्चे की हत्या ने समूचे देश को झकझोर दिया। मोटी फीस वसूलने वाले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में तमाम स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था में भी कई खामियां हैं। यहां के एक स्कूल में तीन शिक्षकों की कारस्तानी के कारण कक्षा नौ की छात्रा ने फांसी लगा ली थी। यह वाकया होने के बाद से स्कूल सतर्क हो गए थे और शहर के कई स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे तो लग गए। मगर सुरक्षा के अन्य मानकों की अब भी अनदेखी हो रही है। वहीं दूसरी ओर जिले में अब तक ब्लू व्हेल गेम के कारण अब तक किसी बच्चे की आत्महत्या का मामला भी सामने नहीं आया है।
जिला मुख्यालय पर यूपी बोर्ड व सीबीएसई बोर्ड के करीब 20 निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। सीबीएसई बोर्ड के तमाम स्कूलों में मोबाइल लाने की मनाही है। टीचर और अभिभावक बच्चों को ब्लू व्हेल गेम से दूर रहने की सलाह भी दे रहे हैं। सुरक्षा की बात करें तो इन स्कूलों में एक-एक गार्ड हैं जो वाचमैन का काम करते हैं। अभी छह माह पहले एक प्रतिष्ठित स्कूल में एक बच्चे की पिटाई का मामला सामने आया था, जिसमें अभिभावक ने मुकदमा दर्ज कराया था।
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उकसावे पर फांसी लगा चुकी है छात्रा
वर्ष 2015 में शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में कक्षा नौ में पढ़ने वाली छात्रा विदिशा सिंह पुत्री रवींद्र सिंह ने शिक्षकों के उकसावे पर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना में शिक्षिका रश्मि कपूर, शिक्षक आफताब आलम व दीपक फर्नांडीज आरोपी थे। इस घटना के बाद करीब 15 दिनों तक जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन हुआ था। इस मामले में रश्मि कपूर को उच्च न्यायालय से जमानत तो मिल गई थी, लेकिन दीपक फर्नांडीज व आफताब आलम को दो साल बाद भी जमानत नहीं मिल पायी।
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ब्लू व्हेल से संबंधित घटना नहीं
गोंडा जिले में ब्लू व्हेल जैसी घटना अभी तक नहीं हुई है। अभिभावक धनंजय ने बताया कि दिल्ली व अन्य जगहों से आ रही खबरों के बाद अभिभावक व स्कूल संचालक भी सक्रिय व सचेत हो गए हैं। सभी अपने बच्चों को मोबाइल देने से कतरा रहे हैं और ब्लू व्हेल जैसे आन लाइन खेल पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं।
सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश
सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूल व कॉलेजों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को अपने-अपने कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकांश कालेजों में कैमरे लगे हैं। लेकिन सुरक्षा के लिए गार्ड की व्यवस्था नहीं है। एक वाच मैन के सहारे काम कर रहे स्कूलों को समुचित सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
- राम खेलावन, डीआईओएस गोंडा