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मनरेगा की 1000 से अधिक परियोजनाओं की होगी पड़ताल

Mon, 23 Sep 2019 09:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 23 Sep 2019 09:57 PM IST
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1000 projects of MNREGA will be investigated
गोंडा। मनरेगा के कार्यों की स्थिति देखने के लिए अब जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी व उपजिलाधिकारी समेत जिला स्तरीय अधिकारी सीधे नजर रखेंगे। कार्यस्थल पर हर महीने पहुंचेगे और कार्यों की स्थिति को परखेंगे। महीने में जिलाधिकारी कम से कम 8 परियोजनाओं की जांच करेंगे। वहीं मुख्य विकास अधिकारी 20 परियोजनाओं की जांच करेंगे। इसके अलावा सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है कि कितने कार्यों की मौके पर जाकर जांच अधिकारी करेंगे। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल ने इसके आदेश जारी किए हैं।
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मनरेगा योजना से 16 विकास खंडों और 1054 ग्राम पंचायत में संचालित करने के लिए 556 करोड़ की परियोजना इस वित्तीय वर्ष के लिए तय की गई है। 1000 से अधिक मनरेगा की परियोजनाएं दो वित्तीय वर्ष की संचालित हैं। जिसकी अब अधिकारियों को जांच करनी है। बीते दिनों हुई पड़ताल में कई खामियां उजागर र्हुईं। कटरा बाजार में मिली खामियों पर तो प्रशासन ने कार्रवाई की और करीब पांच मुकदमे दर्ज कराए। लेकिन छह और ब्लॉक ऐसे हैं जहां मनमाने ढंग से 50 करोड़ की परियोजनाओं पर भुगतान किया गया है, इसकी जांच हो ही रही है। इसके साथ ही प्रशासन ने अब तय किया है कि मनरेगा के कार्यों पर बराबर नजर रखी जाएगी। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के साथ ही संयुक्त विकास आयुक्त भी जिले की 20 परियोजनाओं की जांच माह भर में करेंगे। अपर जिलाधिकारी 10 कार्य देखेंगे तो जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार को 20-20 कार्यों के निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चारों एसडीएम भी 10-10 परियोजनाओं की पड़ताल करेंगे। इस तरह जिले व तहसील के अधिकारी 158 परियोजनाओं की जांच हर महीने करेंगे और रिपोर्ट सीधे जिलाधिकारी को देंगे। इसके साथ ही ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों को सभी परियोजनाओं की जांच महीने में करनी है।
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कार्यस्थल पर जन सूचना बोर्ड अनिवार्य
मनरेगा के कार्यों में जन सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। कार्य के नाम के साथ ही लागत की पूरी सूचना इसमें दर्ज होनी है। जिलाधिकारी ने आम जनता को जानकारी देने के लिए यह आदेश पहले ही जारी किए थे। बताया जा रहा है कि कई कार्यों में बोर्ड नही मिला। अब निरीक्षण के दौरान बोर्ड की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
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अधिकारियों को मनरेगा के कार्यों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। इससे आम जनता का जुड़ाव मनरेगा से होगा और सही स्थिति सामने आ सकेगी। जांच के रिपोर्ट के आधार पर कार्य की जाएगी। -डॉ. नितिन बसंल, जिलाधिकारी
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