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दुराचारी को 10 साल का कारावास
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Sat, 27 Aug 2016 11:27 PM IST
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jail shimla
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एफटीसी प्रथम ने दुराचार के एक आरोपी को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी को 20 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
उतरौला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गायडीह पूरे लोहारनडीह निवासी राजकुमार के विरुद्ध एक व्यक्ति ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह उसकी नाबालिग लड़की को 28 नवंबर 2012 को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था।
पुलिस ने नाबालिग को अगवा करने का मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता को तलाश लिया। पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के विरुद्ध दुराचार की धारा बढ़ाई गई। विवेचक ने जांच के बाद राजकुमार के विरुद्ध नाबालिग को अगवा करने और दुराचार करने का आरोपी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता रवींद्र यादव ने पांच गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम सुनील कुमार ने राजकुमार को नाबालिग लड़की को अगवा करने तथा दुराचार करने का दोषी माना।
न्यायाधीश ने आरोपी को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना पड़ेगा। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
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उतरौला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गायडीह पूरे लोहारनडीह निवासी राजकुमार के विरुद्ध एक व्यक्ति ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह उसकी नाबालिग लड़की को 28 नवंबर 2012 को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था।
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पुलिस ने नाबालिग को अगवा करने का मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता को तलाश लिया। पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के विरुद्ध दुराचार की धारा बढ़ाई गई। विवेचक ने जांच के बाद राजकुमार के विरुद्ध नाबालिग को अगवा करने और दुराचार करने का आरोपी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता रवींद्र यादव ने पांच गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम सुनील कुमार ने राजकुमार को नाबालिग लड़की को अगवा करने तथा दुराचार करने का दोषी माना।
न्यायाधीश ने आरोपी को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना पड़ेगा। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।