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बगैर पुख्ता तैयारी निपटेंगे बाढ़ से

Sun, 19 Jun 2016 12:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर Updated Sun, 19 Jun 2016 12:09 AM IST
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Without adequate preparation will fight floods
sri lanka flood - फोटो : bbc
जिले में मानसून पहुंचने में चंद दिन शेष हैं। लेकिन इसको लेकर यहां के बाढ़ग्रस्त इलाके तथा डूब क्षेत्र में जिला प्रशासन की तैयारियां अस्थाई और नाकाफी है। कटान के मुहाने पर बसे गांवों को बचाने के लिए भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है। जनपद को बाढ़ व कटान से बचाने की कवायद में प्रतिवर्ष प्रशासन की तरफ से करोड़ों रुपये खर्च किये जाते हैं, जिसमें बोल्डर गिराने, स्पर के साथ ही बाढ़ चौकियां और बाढ़ प्रभावितों के शरणालय बनाना शामिल है। इन सबके बावजूद नतीजा सिफर रहता है। इस साल भी जिला प्रशासन बाढ़ से निपटने का दावा जरूर कर रहा है, लेकिन वह कितना तैयार हैं यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
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जनपद में चार तहसीलों के 1241 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। साल 1993, 1996, 1999, 2003 और 2013 में गाजीपुर (सदर), सैदपुर, मुहम्मदबाद और जमानियां तहसील गंगा नदी में आई बाढ़ से ज्यादा प्रभावित हुए। गंगा नदी में आने वाली बाढ़ से 705 गांवों की चार लाख की आबादी प्रभावित होती है। गोमती नदी में आई बाढ़ से 22 गांवों के दस हजार लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। गांगी नदी में आई बाढ़ से 40 गांवों के बारह हजार लोग तबाह हो सकते है। इसके अलावा बेसों नदी के  बाढ़ से 72 गांव के 23 हजार, मगई नदी से 245 गांव के 65 हजार लोगों को बाढ़ से खतरा हो सकता है।
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जबकि भैंसही नदी से  75 गांव,  टोंस नदी से 75 गांव, कर्मनाशा नदी से 114 गांव और उदंती नदी से 10 गांव में रहने वाली लाखों की आबादी लंबे समय से बाढ़ व कटान की त्रासदी झेलती आ रही है। इससे हर साल लोगों जन-जीवन प्रभावित होता है। जिला प्रशासन ने इनकी सुरक्षा के मद्देनजर 97 बाढ़ चौकियां और 18 शरणालय बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
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साथ ही प्रभावित गांवों के शराणार्थियों को खाद्य सामग्री और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारियों को भी दिशा-निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन की माने तो गाजीपुर तहसील में 23, सैदपुर में 11, मुहम्मदाबाद 27, जमानिया में 26 और जखिनया तहसील में 10 बाढ़ चौकियां बनाने का निर्णय लिया गया है। बाढ़ से प्रभावित लोगों को रहने के लिए गाजीपुर में आठ, सैदपुर में दो, मुहम्मदाबाद में 11, जमानिया में आठ और जखनिया में एक शरणालय की स्थापाना भी कराई जाएगी।




 
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