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सर्द हवा से बढ़ी ठंड, छाया घना कोहरा
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Sat, 03 Dec 2016 10:35 PM IST
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सुहवल के हमीद सेतु पर घने कोहरे के बीच साइकल से जाते युवक।
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सर्द हवाओं ने शनिवार को ठंड में एकाएक इजाफा कर दिया। पूरे दिन सूर्य बादलों के बीच छिपे रहे। सूर्य की रोशनी धरती तक नहीं पहुंची। दिसंबर माह की शुरुआत में ही ठंड ने लोगों को एहसास करना शुरू कर दिया है। शनिवार को सुबह से ही जबरदस्त कोहरे की चादर तनी रही। ऐसे में जनजीवन प्रभावित रहा। लोग घरों में दुबके रहे। वाहनों की रफ्तार भी काफी धीमी रही। पूरे दिन आसमान में बादलों का पहरा रहा। ठंड से बचाव के लिए एक तरफ जहां लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लिया, वहीं बुजुर्गों सहित अन्य लोग अलाव के पास बैठे रहे। अचानक मौसम में परिवर्तन से लोगों के माथे पर इस बात से बल पड़ने लगा है कि अब ठंड लोगों को ठिठुराएगी।
वैसे तो पिछले एक सप्ताह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है, लेकिन तीन दिनों कोहरा का क्रम भी जारी है। शनिवार को कोहरे का जबरदस्त प्रभाव है। आलम यह था कि दस कदम की कौन कहे, चार कदम की दूरी पर स्थित वस्तु भी नहीं दिखाई दे रही थी। धुंध की वजह से सरपट दौड़ने वाले वाहनों की चाल भी लाइट के बीच काफी धीमी रही। कोहरा के बीच सुबह ठिठुरते हुए छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे। ठंड का प्रभाव इतना बढ़ गया कि बंद कमरों में भी लोगों को गलन महसूस होती रही। इससे बचने के लिए लोगों द्वारा तरह-तरह का जतन करने के बाद भी उनके जहन में ठंड अपनी मौजूदगी दर्ज कराती रही। इससे बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लिया। ठंड से सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवारों को हो रही।
बचाव के लिए उन्हें स्वेटर, जैकेट सहित मफलर का सहारा लेना पड़ा। कोहरा के बीच ठंड के बलवान होने से सबसे ज्यादा उन लोगों की चिंता बढ़ गई, जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। वे बच्चों को गर्म कपड़ों के साथ ही मोजा और टोपी पहनाए रखे, जिससे की उनका बच्चा मौसम की मार से बच सके। ग्रामीण क्षेत्रों में अपने को गर्म करने के लिए लोगों ने अलाव जलाना शुरू कर दिया है। रात दस बजे तक गुलजार रहने वाली सड़कों पर नौ बजे ही सन्नाटा दिखाई देने लगा है। पूरे दिन बदली के बीच सर्द हवा चलती रही और लोग ठिठुरते रहे।
वैसे तो पिछले एक सप्ताह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है, लेकिन तीन दिनों कोहरा का क्रम भी जारी है। शनिवार को कोहरे का जबरदस्त प्रभाव है। आलम यह था कि दस कदम की कौन कहे, चार कदम की दूरी पर स्थित वस्तु भी नहीं दिखाई दे रही थी। धुंध की वजह से सरपट दौड़ने वाले वाहनों की चाल भी लाइट के बीच काफी धीमी रही। कोहरा के बीच सुबह ठिठुरते हुए छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे। ठंड का प्रभाव इतना बढ़ गया कि बंद कमरों में भी लोगों को गलन महसूस होती रही। इससे बचने के लिए लोगों द्वारा तरह-तरह का जतन करने के बाद भी उनके जहन में ठंड अपनी मौजूदगी दर्ज कराती रही। इससे बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लिया। ठंड से सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवारों को हो रही।
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बचाव के लिए उन्हें स्वेटर, जैकेट सहित मफलर का सहारा लेना पड़ा। कोहरा के बीच ठंड के बलवान होने से सबसे ज्यादा उन लोगों की चिंता बढ़ गई, जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। वे बच्चों को गर्म कपड़ों के साथ ही मोजा और टोपी पहनाए रखे, जिससे की उनका बच्चा मौसम की मार से बच सके। ग्रामीण क्षेत्रों में अपने को गर्म करने के लिए लोगों ने अलाव जलाना शुरू कर दिया है। रात दस बजे तक गुलजार रहने वाली सड़कों पर नौ बजे ही सन्नाटा दिखाई देने लगा है। पूरे दिन बदली के बीच सर्द हवा चलती रही और लोग ठिठुरते रहे।
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