गाजीपुर: पत्नी की हत्या, 7 बच्चों पर जानलेवा हमला कर सिपाही ने की खुदकुशी, बड़ी बेटी ने बताई दर्द भरी कहानी
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के एक गांव में शनिवार को दिल दहला देने वाली घटना घटी। सात बच्चे एक झटके में अनाथ हो गए। यूपी पुलिस के हेड कांस्टेबल धारदार हथियार से पत्नी की हत्या करने और सात बच्चों पर जानलेवा हमला करने के बाद खुद भी ट्रेन के आगे कूद कर खुदकुशी कर ली। आखिर क्या है इस पूरे वारदात का कारण
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उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के उसिया गांव में यूपी पुलिस के हेड कांस्टेबल ने धारदार हथियार से पत्नी की हत्या करने के बाद सभी सात संतानों को गंभीर रूप से घायल कर दिया और ट्रेन के आगे कूद कर खुदकुशी कर ली। दिल दहला देने वाली इस वारदात के बाद तरह तरह की चर्चाएं हैं। पत्नी की हत्या कर खुद आत्महत्या कर जीवन समाप्त करने की घटना से मातमी सन्नाटा छा गया।
घटना में गंभीर रूप से घायल मां रीना देवी की उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो जा जाने एवं पिता द्वारा आत्महत्या कर लेने की घटना की जानकारी पुत्रियों को पहले नहीं थी। वह यह जान रही थी कि मां का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पिता घटना के बाद घर से भाग गए हैं।
जैसे ही उन्हें पता चला बच्चे रोने-बिलखने लगे। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने पति-पत्नी का शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार के सदस्यों ने दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया। बड़ी पुत्री नेहा ने बताया कि पिता चर्म रोग से पीड़ित होने के कारण चिड़चिड़े हो गए थे और अवसाद में रहते थे।
पिता ने ऐसा क्यों किया यह समझ में नहीं आ रहा है। कभी-कभार जब हम लोगों को पिता मार देते थे तो खुद रोने लगते थे। ग्रामीण भी घटना से मर्माहत थे। लोगों की समझ में ही नहीं आ रहा था कि मुंशी यादव ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
तीन मासूमों का वाराणसी के ट्रामा सेंटर में चल रहा उपचार
बता दें कि उसिया गांव में शनिवार की भोर पारिवारिक कलह से ऊबकर हेड कांस्टेबल मुंशी यादव ने धारदार हथियार से पत्नी की हत्या करने के बाद सभी सात संतानों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर गंभीर रूप से घायल तीन मासूमों का उपचार वाराणसी के ट्रामा सेंटर में चल रहा है। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
उसिया गांव निवासी मुंशी यादव (42) प्रयागराज में पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल पद पर तैनात था। जनवरी में उसका स्थानांतरण फतेहपुर हो गया था। वहां से चिकित्सा अवकाश लेकर पांच जनवरी को वह घर आ गया था तब से यहीं पर था। शुक्रवार रात वह परिवार के साथ छत पर सोया था। भोर में किसी बात को लेकर पत्नी रीना देवी (38) से कहासुनी हो गई।
बात इतनी बढ़ गई की गुस्से में उसने पत्नी के सिर और गले पर धारदार हथियार से वारकर करना शुरू कर दिया। उसकी चीख सुनकर पुत्री नेहा (16) , रीतू (13) , नीतू (10) और वर्षा (8) की नींद टूट गई। उनके शोर मचाने से पूर्व ही सिपाही ने धारदार हथियार से हमलाकर उन्हें भी लहूलुहान कर दिया।
इसके बाद सो रही पुत्री सुधा (6), कृष्णा (2) और श्याम (7) पर भी जानलेवा हमलाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। चीखने - चिल्लाने की आवाज सुनकर आरोपी के बड़े भाई की पत्नी जैसे ही घटनास्थल पर पहुंची। सभी को लहूलुहान देखकर बेहोश होकर गिर पड़ी। आवाज सुनकर ग्रामीण घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े और वारदात की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस टीम ने घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा जहां रीना देवी की मौत हो गई।
नेहा, रीतू, नीतू और वर्षा का उपचार कर उन्हें घर भेज दिया गया वहीं सुधा, कृष्णा और श्याम की हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। इधर वारदात को अंजाम देकर फरार आरोपी ने ककरही डेरा के सामने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं परिजनों के बिलखने से गांव में मातमी सन्नाटा फैला हुआ है।