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सिर्फ दो हैंडपंपों से बुझ रही 800 लोगों की प्यास
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Wed, 03 Jun 2015 11:55 PM IST
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गर्मी में पेयजल संकट जिले भर में है लेकिन करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के बिंदवलिया गांव में पानी के लिए मारामारी की नौबत आए दिन पैदा हो रही है। इस गांव में लोगों की प्यास पसीना बहाने पर बुझ पा रही है। काफी देर तक लाइन में खड़े होकर परिश्रम करने के बाद लोगों का गला तर हो पा रहा है।
बिंदवलिया गांव की आबादी करीब आठ सौ है। इतने लोगों की प्यास बुझाने में पांच सरकारी हैंडपंप लगाए गए थे, जिसमें से तीन हैंडपंप काफी समय से खराब पड़े हैं। दो हैंडपंपों से लोग पानी की जरूरत को पूरा कर रहे हैं। ठंड के मौसम में तो लोगों की पानी की कम जरूरत होती थी, लेकिन भीषण गर्मी में पल-पल पर लोगों को पानी की जरूरत महसूस हो रही है। जिन लोगों ने घरों में अपना निजी हैंडपंप लगा रखा है, वह गर्मी की वजह से पानी छोड़ चुके हैं। इसकी वजह से ऐसे घरों के लोगों की भी प्यास गांव में पानी दे रहे दो हैंडपंपों से बुझ रही है। आबादी ज्यादा और हैंडपंप कम होने की वजह से गांववासियों में पानी के लिए मारा-मारी मची हुई है। स्थिति यह है कि गांव में पानी देने वाले दोनों हैंडपंपों पर सुबह से लेकर देर शाम तक लोगों की भीड़ लग रही है।
बाल्टी-डब्बा लेकर लोग हैंडपंप के पास लाइन में खड़े हो जा रहे हैं और बारी-बारी से पानी ले रहे हैं। इस दौरान आगे-पीछे होने को लेकर लोगों में तू-तू, मैं-मैं भी हो रही है। काफी देर तक खड़े रहने के बाद लोगों को पानी मिल पा रहा है। गर्मी के मौसम में भी खराब हैंडपंपों को न बनवाए जाने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उनका आरोप है कि समस्या से अवगत कराते हुए कई बार ग्राम प्रधान से खराब हैंडपंपों को बनवाने को कहा गया, लेकिन उनकी तरफ से ध्यान नहीं दिया गया। इसकी वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्यास बुझाने के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए खराब हैंडपंपों को बनवाने की मांग की है, जिससे आसानी से लोगों की प्यास बुझ सके।
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बिंदवलिया गांव की आबादी करीब आठ सौ है। इतने लोगों की प्यास बुझाने में पांच सरकारी हैंडपंप लगाए गए थे, जिसमें से तीन हैंडपंप काफी समय से खराब पड़े हैं। दो हैंडपंपों से लोग पानी की जरूरत को पूरा कर रहे हैं। ठंड के मौसम में तो लोगों की पानी की कम जरूरत होती थी, लेकिन भीषण गर्मी में पल-पल पर लोगों को पानी की जरूरत महसूस हो रही है। जिन लोगों ने घरों में अपना निजी हैंडपंप लगा रखा है, वह गर्मी की वजह से पानी छोड़ चुके हैं। इसकी वजह से ऐसे घरों के लोगों की भी प्यास गांव में पानी दे रहे दो हैंडपंपों से बुझ रही है। आबादी ज्यादा और हैंडपंप कम होने की वजह से गांववासियों में पानी के लिए मारा-मारी मची हुई है। स्थिति यह है कि गांव में पानी देने वाले दोनों हैंडपंपों पर सुबह से लेकर देर शाम तक लोगों की भीड़ लग रही है।
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बाल्टी-डब्बा लेकर लोग हैंडपंप के पास लाइन में खड़े हो जा रहे हैं और बारी-बारी से पानी ले रहे हैं। इस दौरान आगे-पीछे होने को लेकर लोगों में तू-तू, मैं-मैं भी हो रही है। काफी देर तक खड़े रहने के बाद लोगों को पानी मिल पा रहा है। गर्मी के मौसम में भी खराब हैंडपंपों को न बनवाए जाने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उनका आरोप है कि समस्या से अवगत कराते हुए कई बार ग्राम प्रधान से खराब हैंडपंपों को बनवाने को कहा गया, लेकिन उनकी तरफ से ध्यान नहीं दिया गया। इसकी वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्यास बुझाने के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए खराब हैंडपंपों को बनवाने की मांग की है, जिससे आसानी से लोगों की प्यास बुझ सके।
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