मरदह। कोटे की दुकान को लेकर गोविंदपुर कीरत गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को ब्लॉक परिसर में नारेबाजी के साथ धरना-प्रदर्शन किया। खंड विकास अधिकारी ने पत्रक लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। गोविंदपुर कीरत गांव के निलंबित चल रहे सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के लिए 19 जून को प्राथमिक विद्यालय के परिसर में चयन के लिए खुली बैठक हुई। इसमें दो प्रत्याशी आमने-सामने मैदान में थे। प्रथम पक्ष के नागेंद्र चतुर्वेदी के समर्थन में मौजूद लोगों की गणना संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा की गई। जबकि दूसरे पक्ष के विनयशंकर तिवारी के समर्थकों की गणना किए बिना बैठक अगले दिन तक के लिए निरस्त कर दी गई। इसी बीच द्वितीय पक्ष के विनयशंकर तिवारी को सूचना मिली की गांव के ग्राम विकास अधिकारी द्वारा चोरी चुपके नागेंद्र चतुर्वेदी के पक्ष में दुकान आवंटन की प्रकिया के लिए जिलापूर्ति अधिकारी के यहां पत्र भेजा गया है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएम, एसडीएम, जिलापूर्ति अधिकारी, खंड विकास अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर फिर से आवंटन की प्रक्रिया के लिए गुहार लगाई गई थी, लेकिन इतने दिनों बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर गांव के सैकड़ों महिला और पुरुष सुबह दस बजे ब्लॉक मुख्यालय परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। साथ ही गांव के सचिव, खंड विकास अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान विनय शंकर तिवारी, अवनीश चतुर्वेदी, मोहन तिवारी, अनंत, मुकेश, विपिन सिंह, अमित, मुकेश राजभर, नीरज तिवारी, संतोष तिवारी, बबुआ, अशोक तिवारी, सोनू, भोला राजभर, रामअवध राजभर, गिरिजा, नगीना राजभर, पूनम प्रजापति, मीरा देवी, सीता, सुमन, गीता आदि मौजूद रही।