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जयंती विशेष: वीर अब्दुल हमीद...एक जांबाज जिसने मैदान ए जंग में जीप पर बैठकर पाकिस्तान टैंकों को किया बर्बाद

Sat, 01 Jul 2023 10:55 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 01 Jul 2023 10:55 PM IST
सार

1965 के युद्ध का जिक्र आते ही अब्दुल हमीद की वीरता का जिक्र जरूर आता है। भारत के इस वीर सपूत ने अपनी वीरता के बल पर पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को ध्वस्त कर दिया था। 

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Veer Abdul Hameed jayanti braveheart who destroyed Pakistan tanks by sitting on jeep
वीर अब्दुल हामीद - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दुनिया का हर युद्ध हार-जीत के साथ ही अपने पीछे उन सैनिकों की कहानियां भी छोड़ जाता है जिसे सुनने के लिए वे हमारे बीच मौजूद नहीं रहते। वीर अब्दुल हमीद भारत के ऐसे ही शूरवीरों में से एक थे जिनके बलिदान की कहानी आज हमें प्रेरणा देती है। वीर अब्दुल हमीद यूपी के अकेले ऐसे शहीद हैं, जिन्हें सर्वोच्च सैनिक सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया जा चुका है।

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उनके जयंती दिवस पर शनिवार को उनकी जन्म स्थली गाजीपुर जिले के धामूपुर में उनकी माटी को लोगों ने नमन किया। परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की जयंती शनिवार को धूमधाम से शहीद पुत्र जैनुल हसन के नेतृत्व में मनाई गई। प्रतिमा पर थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र और भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज यादव ने केक काटकर पुष्पांजलि अर्पित की।
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अजेय माना जाता था पैटन टैंक

1965 के युद्ध का जिक्र आते ही अब्दुल हमीद की वीरता का जिक्र जरूर आता है। भारत के इस वीर सपूत ने अपनी वीरता के बल पर पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को ध्वस्त कर दिया था। तब पाकिस्तान इस मुगालते में था कि उसके मुकाबले भारत की सैन्य क्षमता काफी कमजोर है। यह युद्ध भारत के एक 'परमवीर' की जांबाजी के लिए भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया।

जी हां, वह जांबाज जिसने जीप पर बैठकर पाकिस्तान के एक-दो नहीं सात-आठ पैटन टैंकों को बर्बाद कर दिया। अब्दुल हमीद की वीरता की इसलिए भी मिसाल दी जाती है, क्योंकि उस वक्त पैटन टैंकों को अजेय माना जाता था। हमीद ने मैदान ए जंग में पाकिस्तानी पैटन टैंकों की कब्रगाह बना दी। युद्धक्षेत्र में ही 10 सितंबर, 1965 को अब्दुल हमीद शहीद हुए, लेकिन तब तक वह अप्रतिम शौर्य की अविस्मरणीय दास्तां लिख चुके थे।

अखबार से मिली थी घरवालों को शहादत की खबर

Veer Abdul Hameed jayanti braveheart who destroyed Pakistan tanks by sitting on jeep
शहीद वीर अब्दुल हमीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते थानाध्यक्ष - फोटो : अमर उजाला

शहीद अब्दुल हमीद के बेटे जैनुल हसन ने कहा कि पिता के शहादत की खबर 19 सितंबर 1965 को एक अखबार में प्रकाशित खबर से पता चली थी। मेरी आंखों में आंसू देखकर मां रसूलन समझ गई और फफक कर रो पड़ी थीं। लेकिन पिता शहीद वीर अब्दुल हमीद की शहादत पर गांव-घर ही नहीं पूरे देश को फख्र है।

थानाध्यक्ष ने कहा कि वीर योद्धा शहीद वीर अब्दुल हमीद की वीर गाथा इतिहास के पन्ने में पढ़ते रहे। आज उनके जन्मभूमि पर आकर हम धन्य हो गए। शहीद हमीद ने 1965 के युद्ध का पासा ही पलट दिया था। उन्होंने अजेय पैटर्न टैंक को बर्बाद कर पाकिस्तानी फौज को पीछे भागने को मजबूर कर दिया था।

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