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मुख्तार अंसारी पर हमला मामला: कोर्ट में गवाही दर्ज, आरोपी त्रिभुवन सिंह की कड़ी सुरक्षा में हुई पेशी

Tue, 30 Aug 2022 05:20 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 30 Aug 2022 05:20 PM IST
सार

गाजीपुर जिले के उसरी चट्टी में 15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी के काफिले पर पर हमला हुआ था। जिसमें मुख्तार के सरकारी गनर रामचंदर समेत दो लोगों की मौत हुई थी। 
 

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Usri Chatti attack on Mukhtar Ansari case Witness testimony recorded in ghazipur court Tribhuvan Singh appeare
मिर्जापुर जेल से कड़ी सुरक्षा में आया आरोपी त्रिभुवन सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम /एमपी एमएलए कोर्ट (गाजीपुर) रामसुध सिंह की अदालत में 21 वर्ष पुराने बहुचर्चित उसरी चट्टी हत्याकांड में सोमवार को गवाह रमेश राम की गवाही दर्ज की गई। इस दौरान आरोपी त्रिभुवन सिंह मिर्जापुर जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश हुए। जिरह के लिए छह सितंबर की तिथि नियत की गई है। 

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15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। दोपहर करीब 12.30 बजे मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के उसरी चट्टी पर उनके काफिले पर  स्वचालित हथियारों से फायरिंग की गई थी। जिसमें मुख्तार के सरकारी गनर रामचंदर उर्फ प्रदीप की मौके पर मौत हो गई थी, वहीं रुस्तम उर्फ बाबू घायल हो गया था।

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बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह दर्ज हुआ था नामजद मुकदमा

बाद में इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई थी। इस दौरान हमलावरों में से एक की मौत हो गई थी। मुख्तार अंसारी के साथ चलने वाले पुलिस टीम को भी चोटें आईं थी। इस मामले में मुख्तार  ने बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को नामजद करते अन्य 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।

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विवेचना के बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित किया, जिसमें से दो आरोपियों की विचारण के दौरान मौत हो गई। इस मामले में गवाह रमेश राम ही गवाही हुई। इसी दौरान गवाह ने अपने सुरक्षा के बाबत प्रार्थना पत्र दिया, जिसे न्यायालय ने मंजूर करते हुए कोतवाली प्रभारी मुहम्मदाबाद को गवाह को समुचित सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है।

पप्पू यादव का मामला: गवाह नहीं आए, पांच सितंबर को होगी सुनवाई

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/एमपी- एमएलए कोर्ट शरद कुमार चौधरी की अदालत में सोमवार को बिहार के तत्कालीन सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव सहित कुल 8 लोगों के विरुद्ध लंबित मामले में गवाह के न आने से अगली तिथि पांच सितंबर नियत की है।     

मालूम हो कि 8 नवंबर 1993 को सुबह साढ़े 10 बजे मुहम्मदाबाद थाने के शाहनिंदा चौराहे पर पप्पू यादव ने नारेबाजी व फायरिंग करते हुए चक्का जाम कर दिया था। रोकने पर उनकी तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक बीएन शर्मा के साथ हाथापाई हुई थी। जिससे 127 लोगों को नामजद किया गया था। विवेचना के बाद पप्पू यादव, दीपक यादव, मनोज भारती, सुकेश राय, समसुल्हक, असरारुलहक उर्फ लाडल, भरत यादव उर्फ फेकन व मंजेलाल राय पर आरोप तय किए गए। उक्त मामले में गवाही के लिए तिथि नियत थी लेकिन गवाह के न आने से पांच सितंबर नियत तारीख तय की गई है। 

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