गाजीपुर। जिले के पारंपरिक कारीगरों के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य सरकार की ओर से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना लागू की गई है। उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र ने बताया कि यह योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता बिंदुओं में से एक है। इस योजना में पारंपरिक कारीगरी जैसे-मोची, कुम्हार, सोनार, टोकरी बुनकर, राजमिस्त्री, हलवाई, लोहार, बढ़ई, दर्जी एवं नाई की आजीविका के साधनों का सुदृढ़ीकरण करते हुए उनके जीवन स्तर को उन्नत किया जाना है।
इस योजनांतर्गत आच्छादित पारंपरिक कारीगरों एवं दस्तकारों को उद्यम के आधार पर कौशल वृद्धि के लिए छह दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम नि:शुल्क एवं आवासीय होगा। उन्होंने बताया कि जिले को आवंटित ट्रेड मोची, कुम्हार, सोनार, टोकरी बुनकर, राजमिस्त्री, हलवाई, लोहार, बढ़ई, दर्जी एवं नाई के इच्छुक अभ्यर्थियों से प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र वेबसाइट www.diupmsme.upsdc.gov.in पर 30 मई तक आमंत्रित है। आवेदन के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष है। बताया कि अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।