Ghazipur News: मुहल्ला देवकी बल्लभ दास की संपत्ति पाने के लिए उमर ने की जालसाजी, मदद करने वाले वकील की तलाश
Ghazipur News: गाजीपुर जिले में 10 करोड़ की जमीन के लिए उमर अंसारी ने अपनी मां आफ्शा अंसारी का फर्जी हस्ताक्षर किया था। उसे गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। फिर उसे जेल भेज दिया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गाजीपुर के एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि उमर अंसारी ने गैंगस्टर एक्ट में जब्त शहर कोतवाली क्षेत्र के बीचोबीच स्थित मुहल्ला देवकी बल्लभ दास की संपत्ति को पाने के लिए जालसाजी की थी।
संपत्ति की वर्तमान कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है। जालसाजी में उमर अंसारी की मदद अधिवक्ता लियाकत अली ने की थी इसलिए दोनों के खिलाफ तीन जुलाई 2025 को मोहम्मदाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। लियाकत अली की तलाश की जा रही है।
एसपी के मुताबिक तत्कालीन जिलाधिकारी ने पुलिस की रिपोर्ट पर 6 दिसंबर 2021 को संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया था। इस पर आरोपी ने प्रत्यावेदन दिया लेकिन जिलाधिकारी ने उसे खारिज कर दिया था। 21 सितंबर 2023 संपत्ति जब्त कर ली गई।
जिलाधिकारी के इस आदेश के खिलाफ आरोपी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया फिर भी कोई राहत नहीं मिल सकी। अदालत ने संपत्ति जब्त करने के आदेश को बरकरार रखा।
इसे भी पढ़ें; Ghazipur Flood: 116 गांव बाढ़ से प्रभावित, 20 गांव का संपर्क टूटा, 80 सरकारी स्कूलों में भरा पानी; तस्वीरें
एसपी के मुताबिक, अनुचित लाभ लेने के उद्देश्य से मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी ने अपने वकील लियाकत अली के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया सोची-समझी रणनीति के तहत उमर अंसारी ने अपनी मां और 50 हजार की इनामी आफ्शा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर बनाए और अदालत में एक नई याचिका दाखिल कर दी।
इस मामले की जांच कराई गई तो जालसाजी खुलकर सामने आ गई। जालसाजी के जरिये अदालत को गुमराह करने की कोशिश की गई थी इसलिए मामले में मुकदमा दर्ज करके उमर अंसारी को गिरफ्तार किया गया है।
अदालत ने आख्या मांगी तो जालसाजी का पता चला
मुहम्मदाबाद थाने में दर्ज मुकदमे के मुताबिक 9 जुलाई 2025 को सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) से अपर सत्र न्यायाधीश/ एमपी-एमएलए कोर्ट ने आख्या मांगी थी। इसपर 11 जुलाई को संबंधित प्रपत्रों की नकल प्राप्त की गई। दाखिल प्रपत्रों के देखने से पता चला कि अदालत से फरार घोषित आफ्शा अंसारी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से याचिका दायर की है। अदालत में जो प्रपत्र दाखिल किए गए उनमें आफ़्शा अंसारी के हस्ताक्षर भी थे। आफ्शा अंसारी लंबे समय से फरार है। गाजीपुर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है फिर आफ्शा ने कैसे हस्ताक्षर कर दिए।