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अब तक संचालित नहीं हो सके जिले के दो ट्रामा सेंटर
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गाजीपुर। गोराबाजार सीएमओ कार्यालय परिसर में करोड़ों की लागत से बना ट्रामा सेंटर दवा भंडारण के काम आ रहा है। मुहम्मदाबाद का ट्रामा सेंटर टीकाकरण केंद्र बन गया है। ऐसा नहीं कि जिले में दुर्घटना के शिकार नहीं आते हैं लेकिन इन केंद्रों को संचालित करने की फिक्र किसी को नहीं है।
गोराबाजार स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर में करीब दो करोड़ की लागत से ट्रामा सेंटर बनकर वर्ष 2021 में ही तैयार हो गया। कार्यदायी संस्था ने इसे स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द भी कर दिया था लेकिन संचालन को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधिकारी कभी सर्जन की तैनाती का नहीं होने तो कभी उपकरणों के अभाव की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इस केंद्र में अब दवा का भंडारण शुरू कर दिया गया है।
वर्ष 2020 मुहम्मदाबाद ट्रामा सेंटर का उद्घाटन कर दिया गया, लेकिन सर्जन न होने की बात बताकर इसे जच्चा-बच्चा केंद्र में बदल दिया गया। दोनों ट्रामा सेंटरों को छह-छह बेड का बनाया गया। शासन ने इसे सड़क दुर्घटनाओं एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को तत्काल उपचार देने के उदेश्य से स्थापित कराया था, जिससे अत्याधुनिक चिकित्सकीय व्यवस्थाएं प्रदान की जा सके। साथ ही इसकालाभ देकर गंभीर मरीजों को बचाया जा सके। जरूरत पड़ने पर उन्हें गैर जिलों के अस्पतालों में भेजा जा सके। जबकि स्थिति यह है कहने को तो जनपद में दो ट्रामा सेंटर हैं, लेकिन बेमतलब साबित हो रहे हैं। इस संबंध में सीएमओ डॉ हरगोविंद सिंह ने बताया कि शहर का ट्रामा सेंटर मेडिकल कालेज में अधीन हो गया है। मुहम्मदाबाद स्थिति ट्रामा सेंटर मैन पावर बढ़ने पर संचालित होगा। वहीं ट्रामा सेंटर संचालन को लेकर अप्रैल माह में लखनऊ में बैठक होगी।
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गोराबाजार स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर में करीब दो करोड़ की लागत से ट्रामा सेंटर बनकर वर्ष 2021 में ही तैयार हो गया। कार्यदायी संस्था ने इसे स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द भी कर दिया था लेकिन संचालन को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधिकारी कभी सर्जन की तैनाती का नहीं होने तो कभी उपकरणों के अभाव की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इस केंद्र में अब दवा का भंडारण शुरू कर दिया गया है।
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वर्ष 2020 मुहम्मदाबाद ट्रामा सेंटर का उद्घाटन कर दिया गया, लेकिन सर्जन न होने की बात बताकर इसे जच्चा-बच्चा केंद्र में बदल दिया गया। दोनों ट्रामा सेंटरों को छह-छह बेड का बनाया गया। शासन ने इसे सड़क दुर्घटनाओं एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को तत्काल उपचार देने के उदेश्य से स्थापित कराया था, जिससे अत्याधुनिक चिकित्सकीय व्यवस्थाएं प्रदान की जा सके। साथ ही इसकालाभ देकर गंभीर मरीजों को बचाया जा सके। जरूरत पड़ने पर उन्हें गैर जिलों के अस्पतालों में भेजा जा सके। जबकि स्थिति यह है कहने को तो जनपद में दो ट्रामा सेंटर हैं, लेकिन बेमतलब साबित हो रहे हैं। इस संबंध में सीएमओ डॉ हरगोविंद सिंह ने बताया कि शहर का ट्रामा सेंटर मेडिकल कालेज में अधीन हो गया है। मुहम्मदाबाद स्थिति ट्रामा सेंटर मैन पावर बढ़ने पर संचालित होगा। वहीं ट्रामा सेंटर संचालन को लेकर अप्रैल माह में लखनऊ में बैठक होगी।
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