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Ghazipur News: बिहार से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक राह होगी आसान, दिसंबर में खुलेगा नया रास्ता
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ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बक्सर स्पर पर चल रहा कार्य। संवाद
दुबिहां। बिहार से पूर्वी उत्तर प्रदेश होते हुए लखनऊ जाने वाले यात्रियों के लिए सड़क संपर्क की नई राह खुलने वाली है। बक्सर ग्रीनफील्ड स्पर फोरलेन परियोजना का करीब 92 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अब सबकी निगाहें करीमुद्दीनपुर के पास बन रहे रेलवे ओवरब्रिज और शेष निर्माण कार्यों पर टिकी हैं। दिसंबर 2026 तक परियोजना पूरी कर यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य है।
17.27 किलोमीटर लंबा यह मार्ग भरौली गोलंबर से शुरू होकर करीमुद्दीनपुर के पास गाजीपुर-बलिया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जुड़ेगा। इसके चालू होने से बक्सर, भोजपुर और पटना की ओर से आने वाले वाहनों को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद है।
करीब 617.89 करोड़ रुपये से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस परियोजना का निर्माण करा रहा है। गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट फोर लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के पैकेज-4 के रूप में विकसित हो रहा बक्सर स्पर बिहार के बक्सर क्षेत्र को मुख्य कॉरिडोर से जोड़ेगा। हालांकि, परियोजना का पहले जून 2025 तक पूरा होने का लक्ष्य था, जिसे संशोधित कर दिसंबर 2026 किया गया। संवाद
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सड़क तैयार, अब रेलवे ओवरब्रिज पर टिकी नजर
बक्सर स्पर की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी करीमुद्दीनपुर के पास बन रहा करीब 205 मीटर लंबा चार लेन का रेलवे ओवरब्रिज है। इसके साथ इंटरचेंज भी तैयार किया जा रहा है, जिससे वाहन स्पर से मुख्य ग्रीनफील्ड कॉरिडोर पर आसानी से आ-जा सकेंगे। सड़क के ज्यादातर हिस्सों में मिट्टी भराई, सब-बेस और डामरीकरण का काम पूरा हो चुका है। अब रेलवे ओवरब्रिज के एप्रोच, स्लैब और फिनिशिंग के साथ जल निकासी, क्रैश बैरियर तथा दिशा-सूचक बोर्ड लगाने जैसे कार्यों को पूरा करना है।
एनएच-31 पर घट सकता है वाहनों का दबाव
परियोजना का महत्व पुराने और भीड़भाड़ वाले एनएच-31 पर वाहनों का दबाव कम करने में भी बक्सर स्पर की भूमिका अहम हो सकती है। इससे भरौली, कुंडेसर और भांवरकोल जैसे इलाकों के आसपास यातायात का दबाव घटने की संभावना है। बक्सर स्पर के मुख्य ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जुड़ने के बाद पैकेज-1 के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के हैदरिया जंक्शन तक पहुंचना आसान होगी।
134 किलोमीटर के कॉरिडोर का हिस्सा है बक्सर स्पर
गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 134 किलोमीटर है। इसे चार पैकेजों में विकसित किया जा रहा है। पहला पैकेज हृदयपुर से शाहपुर तक का मार्ग, जो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। दूसरा पैकेज शाहपुर से पिंडारी तक का ग्रीनफील्ड मार्ग तक। तीसरा पैकेज पिंडारी से रिविलगंज बाईपास तक का हिस्सा, जिससे मांझीघाट के रास्ते छपरा और सारण क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और चौथा पैकेज भरौली से करीमुद्दीनपुर तक 17.27 किलोमीटर लंबा बक्सर स्पर, जो बिहार के बक्सर क्षेत्र को मुख्य कॉरिडोर से जोड़ेगा।
गंगा पर प्रस्तावित नया पुल भी दे सकता है जाम से राहत
बक्सर-भरौली सीमा पर गंगा नदी पार करने वाले पुलों पर यातायात का दबाव रहता है। पुराने वीर कुंवर सिंह सेतु पर वाहनों के संचालन की सीमाओं और नए पुल पर बढ़ते यातायात के कारण कई बार जाम की स्थिति बनती है। इस समस्या को देखते हुए करीब 3.2 किलोमीटर लंबे नए तीन लेन के गंगा पुल और एलिवेटेड एप्रोच रोड का प्रस्ताव बताया गया है। इसकी अनुमानित लागत 445 करोड़ रुपये और निर्माण पूरा करने का लक्ष्य फरवरी 2028 बताया गया है। बक्सर स्पर का कार्य 92 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। पूरा प्रोजेक्ट दिसंबर तक पूरा हो जाने की संभावना है। इससे जनपद के लोगों को यातायात के क्षेत्र में काफी सहूलियत मिलेगी। - पीयूष अग्रवाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, आजमगढ़।
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17.27 किलोमीटर लंबा यह मार्ग भरौली गोलंबर से शुरू होकर करीमुद्दीनपुर के पास गाजीपुर-बलिया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जुड़ेगा। इसके चालू होने से बक्सर, भोजपुर और पटना की ओर से आने वाले वाहनों को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद है।
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करीब 617.89 करोड़ रुपये से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस परियोजना का निर्माण करा रहा है। गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट फोर लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के पैकेज-4 के रूप में विकसित हो रहा बक्सर स्पर बिहार के बक्सर क्षेत्र को मुख्य कॉरिडोर से जोड़ेगा। हालांकि, परियोजना का पहले जून 2025 तक पूरा होने का लक्ष्य था, जिसे संशोधित कर दिसंबर 2026 किया गया। संवाद
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सड़क तैयार, अब रेलवे ओवरब्रिज पर टिकी नजर
बक्सर स्पर की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी करीमुद्दीनपुर के पास बन रहा करीब 205 मीटर लंबा चार लेन का रेलवे ओवरब्रिज है। इसके साथ इंटरचेंज भी तैयार किया जा रहा है, जिससे वाहन स्पर से मुख्य ग्रीनफील्ड कॉरिडोर पर आसानी से आ-जा सकेंगे। सड़क के ज्यादातर हिस्सों में मिट्टी भराई, सब-बेस और डामरीकरण का काम पूरा हो चुका है। अब रेलवे ओवरब्रिज के एप्रोच, स्लैब और फिनिशिंग के साथ जल निकासी, क्रैश बैरियर तथा दिशा-सूचक बोर्ड लगाने जैसे कार्यों को पूरा करना है।
एनएच-31 पर घट सकता है वाहनों का दबाव
परियोजना का महत्व पुराने और भीड़भाड़ वाले एनएच-31 पर वाहनों का दबाव कम करने में भी बक्सर स्पर की भूमिका अहम हो सकती है। इससे भरौली, कुंडेसर और भांवरकोल जैसे इलाकों के आसपास यातायात का दबाव घटने की संभावना है। बक्सर स्पर के मुख्य ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जुड़ने के बाद पैकेज-1 के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के हैदरिया जंक्शन तक पहुंचना आसान होगी।
134 किलोमीटर के कॉरिडोर का हिस्सा है बक्सर स्पर
गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 134 किलोमीटर है। इसे चार पैकेजों में विकसित किया जा रहा है। पहला पैकेज हृदयपुर से शाहपुर तक का मार्ग, जो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। दूसरा पैकेज शाहपुर से पिंडारी तक का ग्रीनफील्ड मार्ग तक। तीसरा पैकेज पिंडारी से रिविलगंज बाईपास तक का हिस्सा, जिससे मांझीघाट के रास्ते छपरा और सारण क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और चौथा पैकेज भरौली से करीमुद्दीनपुर तक 17.27 किलोमीटर लंबा बक्सर स्पर, जो बिहार के बक्सर क्षेत्र को मुख्य कॉरिडोर से जोड़ेगा।
गंगा पर प्रस्तावित नया पुल भी दे सकता है जाम से राहत
बक्सर-भरौली सीमा पर गंगा नदी पार करने वाले पुलों पर यातायात का दबाव रहता है। पुराने वीर कुंवर सिंह सेतु पर वाहनों के संचालन की सीमाओं और नए पुल पर बढ़ते यातायात के कारण कई बार जाम की स्थिति बनती है। इस समस्या को देखते हुए करीब 3.2 किलोमीटर लंबे नए तीन लेन के गंगा पुल और एलिवेटेड एप्रोच रोड का प्रस्ताव बताया गया है। इसकी अनुमानित लागत 445 करोड़ रुपये और निर्माण पूरा करने का लक्ष्य फरवरी 2028 बताया गया है। बक्सर स्पर का कार्य 92 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। पूरा प्रोजेक्ट दिसंबर तक पूरा हो जाने की संभावना है। इससे जनपद के लोगों को यातायात के क्षेत्र में काफी सहूलियत मिलेगी। - पीयूष अग्रवाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, आजमगढ़।