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Ghazipur News: चारों भाइयों का मिलन देख छलक उठीं आंखें
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शहर के सकलेनाबाद में भरत मिलाप की लीला करते कलाकार। स्रोत- आयोजक
- फोटो : udhampur news
गाजीपुर। प्रभु श्रीराम और उनके भाइयों के मिलन का भावपूर्ण दृश्य, श्रद्धालुओं की आंखों में छलकते आंसू और गूंजता जय श्रीराम का उद्घोष। बुधवार की देर रात शहर के सकलेनाबाद में आयोजित भरत मिलाप में भक्ति और भाईचारे का ऐसा ही संगम देखने को मिला। चारों भाइयों के स्नेहपूर्ण मिलन का दृश्य देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। अति प्राचीन श्री रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम रात करीब एक बजे संपन्न हुआ।
बुधवार शाम छह बजे हरिशंकरी स्थित श्रीराम सिंहासन से भरत जी की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भरत, शत्रुघ्न और गुरु वशिष्ठ रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। शोभायात्रा महाजन टोली, झुन्नू लाल चौराहा, आमघाट, राजकीय महिला महाविद्यालय, ददरी घाट चौक और महुआबाग चौराहे से होते हुए देर रात सकलेनाबाद पहुंची। यहां प्रभु श्रीराम और उनके भाइयों के मिलन का दृश्य देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। मिलन होते ही मेला स्थल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
हनुमान ने भरत को दिया श्रीराम के आगमन का संदेश
रामलीला के प्रसंग के अनुसार, लंका में रावण का वध कर विजय प्राप्त करने के बाद प्रभु श्रीराम माता सीता, महाराज विभीषण, सुग्रीव, जामवंत और हनुमान जी के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या के लिए रवाना होते हैं। मार्ग में वे भारद्वाज मुनि के आश्रम पर विश्राम करते हैं। इसी दौरान श्रीराम हनुमान जी को ब्राह्मण का वेश धारण कर अयोध्या जाने और भरत को उनके आगमन की सूचना देते हैं। हनुमान जी अयोध्या पहुंचकर भरत को श्रीराम के सकुशल लौटने और लंका विजय का समाचार सुनाते हैं। प्रभु के आगमन की सूचना मिलते ही भरत की प्रसन्नता का ठिकाना नहीं रहता। वे तत्काल पूरे राज्य में संदेश भिजवाते हैं। इसके बाद अयोध्या में उत्सव का माहौल बन जाता है।
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ये पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, संयुक्त मंत्री लक्ष्मी नारायण, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल, अजय पाठक, ओमप्रकाश पांडेय, राजेश प्रसाद और कृष्णांश त्रिवेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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बुधवार शाम छह बजे हरिशंकरी स्थित श्रीराम सिंहासन से भरत जी की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भरत, शत्रुघ्न और गुरु वशिष्ठ रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। शोभायात्रा महाजन टोली, झुन्नू लाल चौराहा, आमघाट, राजकीय महिला महाविद्यालय, ददरी घाट चौक और महुआबाग चौराहे से होते हुए देर रात सकलेनाबाद पहुंची। यहां प्रभु श्रीराम और उनके भाइयों के मिलन का दृश्य देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। मिलन होते ही मेला स्थल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
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हनुमान ने भरत को दिया श्रीराम के आगमन का संदेश
रामलीला के प्रसंग के अनुसार, लंका में रावण का वध कर विजय प्राप्त करने के बाद प्रभु श्रीराम माता सीता, महाराज विभीषण, सुग्रीव, जामवंत और हनुमान जी के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या के लिए रवाना होते हैं। मार्ग में वे भारद्वाज मुनि के आश्रम पर विश्राम करते हैं। इसी दौरान श्रीराम हनुमान जी को ब्राह्मण का वेश धारण कर अयोध्या जाने और भरत को उनके आगमन की सूचना देते हैं। हनुमान जी अयोध्या पहुंचकर भरत को श्रीराम के सकुशल लौटने और लंका विजय का समाचार सुनाते हैं। प्रभु के आगमन की सूचना मिलते ही भरत की प्रसन्नता का ठिकाना नहीं रहता। वे तत्काल पूरे राज्य में संदेश भिजवाते हैं। इसके बाद अयोध्या में उत्सव का माहौल बन जाता है।
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ये पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, संयुक्त मंत्री लक्ष्मी नारायण, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल, अजय पाठक, ओमप्रकाश पांडेय, राजेश प्रसाद और कृष्णांश त्रिवेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।