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अब तक 73 हेल्थवेलनेस सेंटर नहीं हुए पूर्ण, ढाई माह शेष

Thu, 13 Oct 2022 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2022 11:24 PM IST
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Till now 73 health wellness centers have not been completed, two and a half months left
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने की शासन की मंशा पूर्ण होती नहीं दिख रही है। 73 हेल्थवेलनेस सेंटर का निर्माण अभी भी अधूरा है, जबकि इन्हें पूर्ण करने के लिए मात्र ढाई महीने बचे हैं। यहीं नहीं जिले के 41 सेंटरों पर सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ अफसर) की तैनाती भी नहीं हो सकी है। ऐसे में इन इलाकों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए झोलाछाप डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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प्रदेश सरकार गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने की कोशिश में लगी हुई है। ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित लोगों को शुगर, हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर सहित अन्य जांच कराने के लिए गांव से बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में वित्तीय वर्ष 2019 से 23 तक 254 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का चयन किया गया, जिनकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से दूरी अधिक है।
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इसी तरह 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी चयन हुआ। इसके तहत स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थवेलनेस सेंटर में परिवर्तित करने के लिए नए सिरे से निर्माण कार्य कराया जाना था। जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उच्चीकृत एवं सुदृढ़ करना था। इसको पूर्ण करने के लिए दिसंबर माह निर्धारित किया गया है। इधर स्थिति यह है कि निर्धारित समय समाप्त होने मात्र ढाई महीने शेष हैं, लेकिन 60 उपकेंद्रों को सेंटर में परिवर्तित करने का कार्य अधर में लटका हुआ है। वहीं उच्चीकृत के नाम पर अभी 13 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्य चल रहा है।
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इसके अलावा हेल्थवेलनेस सेंटर में परिवर्तित हो चुके 194 स्वास्थ्य उपकेंद्र में से 41 पर सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ अफसरों) की तैनाती नहीं हो सकी है। जबकि 153 हेल्थवेलनेस सेंटर क्रियाशील हैं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जो हेल्थवे लनेस सेंटर बन चुके हैं। इसमें 39 वर्तमान समय में क्रियाशील हैं। बाकी में हेल्थवेलनेस सेंटर के इलाकों के लोगों को चिकित्सकीय सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। इस संबंध में नोडल एसीएमओ डा. उमेश कुमार ने बताया कि कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया गया है कि निर्धारित समय के अंदर पूर्ण करके सुपुर्द कर दें। सेंटरों पर सीएचओ की तैनाती शासन स्तर से हो रही है।
काउंसलिंग कर सीएचसी रेफर होंगे मरीज
हेल्थ वेलनेस सेंटर पर आए मरीजों की जांच एवं काउंसलिंग कर सीएचसी भेजा जाएगा, जिससे गंभीर बीमारी होने पर उन्हें जिला स्तरीय अस्पतालों के लिए भेजा जा सके। सेंटरों पर मरीजों को सात प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। साथ ही ब्लड ग्लूकोज, हीमोग्लोबिन, मलेरिया व कालाजार के रैपिड टेस्ट की भी सुविधा उपलब्ध होगी। मधुमेह, टायफाइड, मलेरिया, टीबी सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों की जांच की सुविधा के अलावा सामान्य बीमारियों के उपचार की सुविधा मुहैया होगी।

घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य का कराएंगी परीक्षण
वेलनेस सेंटर में नियुक्त महिला स्टाफ अपने क्षेत्र के प्रत्येक गांव में घर-घर जाकर परिवार के हर सदस्य की स्वास्थ्य जांच करवाएंगी और उनका डिजिटल और फिजिकल रिकार्ड रखेगी। डिजिटल रिकार्ड तैयार करने के लिए सुविधा भी दी गई है। जरूरत के अनुसार उनको दवा और परामर्श दिया जाएगा। बीमारी के आधार पर तीन केटेगरी बनाई जाएगी जिसमें परहेज और दवा की जरूरत के आधार पर बीमारियों का इलेक्ट्रानिक एवं फिजिकल रिकार्ड मेंटेन किया होगा।
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