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Ghazipur News: एक पखवाड़े में तीन हत्याएं, इतने ही प्रयास

Sun, 03 Sep 2023 11:49 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Sep 2023 11:49 PM IST
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Three murders in a fortnight, same number of attempts
किसान हत्याकांड नहीं हुआ खुलासा, पकड़ना तो दूर चिह्नित नहीं हो सके हमलावर
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पुरानी रंजिश को लेकर हुईं अधिकांश वारदात, दिन में ही तड़तड़ाईं शहर में गोलियां
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। एक पखवाड़े में अपराधियों ने हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर वाररातों को अंजाम दिया है। कहीं पुरानी रंजिश तो कहीं प्रेम में रोड़ा बने पुराने आशिक तो किसी को भूमि विवाद में मौत के घाट उतार दिया गया। यहीं नहीं दिनदहाड़े शहर सहित ग्रामीण इलाकों में ताबड़तोड़ फायरिंग कर जानलेवा हमले को अंजाम देने में हमलावर तनिक भी नहीं चूके।
जान से मारने की नियत से हुई घटनाओं ने आस-पास के लोगों को जहां दहशत में ला दिया, वहीं हत्या की घटनाओं से मृतक के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया। हालांकि पुलिस ने दो हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया, लेकिन किसान हत्याकांड का अब तक खुलासा करने में सफलता नहीं मिल सकी है। जबकि गोलियां तड़तड़ाने वाले अपराधी भी अभी तक सलाखों के पीछे नहीं पहुंच सके हैं। इधर पुलिस के उच्चाधिकारी जल्द दबोचने का दावा कर दबोचने के लिए हाथ-पैर मार रहे हैं, लेकिन चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
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बीते अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में एक से दो दिन के अंतराल पर हत्या और जानलेवा की घटनाओं को अपराधियों ने अंजाम दिया। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जो घटनाएं दिनदहाड़े हुईं, उनका पुलिस खुलासा करने में अब तक सफल नहीं हो सकी। तेज- तर्रार पुलिस कर्मी, एसओजी और अधिकारी भी शातिर हमलावरों को दबोचने में कामयाब नहीं हो सके।
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जबकि ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने और शातिरों को चिन्हित कर दबोचने के लिए थानावार दूर- दराज इलाकों को सीसीसीटीवी कैमरों से लैस भी किया जा चुका है, लेकिन चुनौतियां बरकरार हैं। कुछ मामलों में तो पुलिस नामजद आरोपियों को दबोचने के जगह छानबीन और विवेचना की बात कहकर चुप्पी साधे हुए हैं तो किसी मामले में छापा और दबिश के बावजूद भी हाथ खाली हैं।

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केस डायरी:
1- पुरानी रंजिश में बीते 16 अगस्त को ताबड़तोड़ फायरिंग कर बदमाशों ने बस्तपुर गांव निवासी शिवमूरत राजभर की हत्या कर दी थी। हालांकि पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया और हत्यारों को सलाखों के पीेछे भेज दिया।

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2- रॉड से वारकर दिनदहाड़े बीते 28 अगस्त को नंदगंज थाना क्षेत्र में भांवरकोल के तरांव गांव निवासी मनीष यादव की हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर प्रेमी और प्रेमिका को जेल भेज दिया।

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3- 31 अगस्त की रात मकान में सो रहे दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के तिरछी गांव में किसान रामनाथ चौहान के सिर पर धारदार हथियार से वारकर हत्या कर दी गई, लेकिन पुलिस आज तक पर्दाफाश करना तो दूर हत्यारों को चिन्हित कर दबोच नहीं सकी।

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4- बीते 29 अगस्त को पैसे न देने पर दिनहाड़े कासिमाबाद कोतवाली के सिधागरघाट में जनसेवा केंद्र संचालक अजीत साहनी के सीने में बदमाशों ने गोली मार दी। उधर, रात में करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के कमसड़ी गांव में पुरानी रंजिश को लेकर सतीश राय को गोली बदमाशों ने मार दी।
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5-30 अगस्त को मुकदमा दर्ज कराने गए सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अंसल कुमार और वरिष्ठ सहायक तेज प्रताप सिंह पर शहर के लंका तिराहे के पास बाइक सवार बदमाशों ने ईंट-पत्थर से हमला कर दिया।

6- एक सितंबर को बाकइ सवार बदमाशों ने जमानिया तिराहे से पहले एक पेट्रोल पंप के सामने एक स्कार्पियो पर जमकर दिनदाहाड़े फायरिंग की और तमंचा लहराते फरार हो गए।
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