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Ghazipur News: एक माह में अत्याधुनिक मशीनों से लैस हो जाएगा सर्जरी कक्ष
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गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल काॅलेज का नवनिर्मित 300 बेड का अस्पताल एक महीने में दो नए सर्जरी कक्ष से लैस हो जाएगा।
एक कक्ष में जहां आर्थो तो दूसरे कक्ष में सामान्य और गंभीर बीमारियों की सर्जरी होगी। यही नहीं कक्ष अत्याधुनिक मशीनों से लैस होगा। ऐसे में यहां उपचार कराने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मिलेगी।
पूर्व में अस्पताल में गंभीर बीमारी तो दूर सामान्य बीमारियों की सर्जरी के लिए भी गैर जनपद एवं प्रांतों तक दौड़ लगानी पड़ती थी। स्थिति यह थी कि छोटी सी छोटी सर्जरी के लिए इधर-उधर भटकने के साथ निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था। ऐसे में आर्थिक दंश झेलना पड़ता था।
मेडिकल काॅलेज के स्थापित होने के साथ ही 200 बेड के पुरुष और 100 बेड के महिला अस्पताल को संबंद्ध किया गया। इसके बाद उपचार शुरू हुआ। कुछ दिन बाद ही सामान्य एवं गंभीर बीमारियों की सर्जरी शुरू हो गई।
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आर्थोपेडिक सर्जरी भी शुरू हो गई। नवनिर्मित 300 बेड के अस्पताल में सर्जरी कक्ष के संचालन को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी गई।
वर्तमान समय में दो सर्जरी कक्षों को संचालित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं, जिससे सामान्य एवं गंभीर बीमारियों की सर्जरी को एक कक्ष तो आर्थोपेडिक सर्जरी के लिए दूसरे कक्ष का प्रयोग किया जाएगा।
यहीं नहीं मरीजों को सर्जरी के बाद क्रिटिकल कक्ष में रखने के लिए इसको भी स्थापित कराने का कार्य शुरू हो चुका है।
जिससे 24 से 48 घंटे तक मरीज सर्जरी के बाद डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे। इसके बाद मरीज वार्ड में भर्ती होंगे।
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एक कक्ष में जहां आर्थो तो दूसरे कक्ष में सामान्य और गंभीर बीमारियों की सर्जरी होगी। यही नहीं कक्ष अत्याधुनिक मशीनों से लैस होगा। ऐसे में यहां उपचार कराने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मिलेगी।
पूर्व में अस्पताल में गंभीर बीमारी तो दूर सामान्य बीमारियों की सर्जरी के लिए भी गैर जनपद एवं प्रांतों तक दौड़ लगानी पड़ती थी। स्थिति यह थी कि छोटी सी छोटी सर्जरी के लिए इधर-उधर भटकने के साथ निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था। ऐसे में आर्थिक दंश झेलना पड़ता था।
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मेडिकल काॅलेज के स्थापित होने के साथ ही 200 बेड के पुरुष और 100 बेड के महिला अस्पताल को संबंद्ध किया गया। इसके बाद उपचार शुरू हुआ। कुछ दिन बाद ही सामान्य एवं गंभीर बीमारियों की सर्जरी शुरू हो गई।
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आर्थोपेडिक सर्जरी भी शुरू हो गई। नवनिर्मित 300 बेड के अस्पताल में सर्जरी कक्ष के संचालन को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी गई।
वर्तमान समय में दो सर्जरी कक्षों को संचालित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं, जिससे सामान्य एवं गंभीर बीमारियों की सर्जरी को एक कक्ष तो आर्थोपेडिक सर्जरी के लिए दूसरे कक्ष का प्रयोग किया जाएगा।
यहीं नहीं मरीजों को सर्जरी के बाद क्रिटिकल कक्ष में रखने के लिए इसको भी स्थापित कराने का कार्य शुरू हो चुका है।
जिससे 24 से 48 घंटे तक मरीज सर्जरी के बाद डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे। इसके बाद मरीज वार्ड में भर्ती होंगे।