खानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 अगस्त को खानपुर क्षेत्र में गोमती नदी के बाढ़ से प्रभावित गौरी, तेतारपुर, गौरहट आदि गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया था। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद रविवार को अधिकारियों की सक्रियता नजर नहीं आई। गौरहट निवासी हरेंद्र सिंह ने बताया कि गौरहट के नाम पर आया भूसा दूसरे गांव में बांट दिया गया। वहीं, तहसीलदार सैदपुर हिमांशु सिंह ने बताया कि गौरहट में रास्ता जाने लायक नहीं था। वहा बाढ़ राहत किट वितरण किया गया था। पशुओं के चारे का वितरण नहीं किया गया था। रास्ता खाली होने के बाद भूसा का वितरण किया जाएगा। दूसरी ओर इस इलाके में बाढ़ का पानी कम हो रहा है। इससे दुश्वारियां बढ़ रही हैं। लोग दुर्गंधयुक्त वातावरण से परेशान हैं। लोगों का कहना यह है कि प्रशासन की तरफ से इस बार किसी भी प्रकार की कोई सहायता नहीं दी गई। जबकि स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि इन क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव कराए ताकि बीमारियों के प्रकोप से लोग बच सकें। चारे की खेती बाढ़ के पानी से डूबकर सड़ चुकी है। किसानों के समक्ष पशुओं के लिए चारे की समस्या बनी हुई है। औड़िहार : औड़िहार समेत पटना, गोपालपुर, शादीभादी, जौहरगंज, फुलवारी, फुलवारी कला, सैदपुर देवचंद में गंगा का बाढ़ कम हो गया है। लेकिन, अब ग्रामीणों के समक्ष दुर्गंध की समस्या बनी हुई है। पशु पालक चारे को लेकर परेशान हैं।