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बेटा ही निकला मां और बहन का कातिल

Tue, 15 Nov 2022 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 15 Nov 2022 11:15 PM IST
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The son turned out to be the murderer of the mother and sister.
मुहम्मदाबाद कोतवाली केकठऊत गांव में मकान बेचने का विरोध करने पर पुत्र ने ही वृद्ध मां की रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी थी। वहीं मां का शव छिपाने पर बहन के देख लेने की वजह से उसका गला भी घोंट कर मार डाला। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने रस्सी और पत्र बरामद किया। 24 घंटे के अंदर नवागत एसपी ओमवीर सिंह ने मुहम्मदाबाद कोतवाली के कठऊत गांव में दोहरे हत्याकांड का मंगलवार को पर्दाफाश किया।
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एसपी ने बताया कि गवाहों के बयान और अभिलेखीय साक्ष्य के पुख्ता सबूत के आधार पर गौरीशंकर को मंगलवार को गौसपुर मुख्य सड़क पर गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि13 नवंबर की रात करीब 8.15 बजे मां कौशल्या को अपने कमरे में बुलाकर मकान बेचने के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह तैयार नहीं हुई।
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इसपर उसने रस्सी से गला दबाकर मां की हत्या कर दी। शव को घसीट कर दूसरे कमरे में कर रहा था कि तभी वहां बहन मालती आ गई और शोर मचाने लगी। गौरीशंकर ने रस्सी से उसका भी गला दबा दिया। रस्सी छुपाकर एक निमंत्रण में शामिल होने चला गया। सुबह पांच बजे निमंत्रण से लौटकर पुलिस को घटना की सूचना दी।
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एसपी ने बताया कि हत्यारोपी की निशानदेही पर आलाकत्ल रस्सी और एक पत्र तकिया के नीचे से बरामद हुआ। गौरीशंकर एक शातिर किस्म का अपराधी प्रवृति का व्यक्ति है। इसका आपराधिक इतिहास भी है। एसपी ने एसओजी एवं मुहम्मदाबाद पुलिस टीम को सफलता पर 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
गौरीशंकर को लौटाने थे 11. 50 लाख रुपये
गाजीपुर । कठऊत गांव निवासी गौरीशंकर ने नौ नवंबर 2020 को अपने पड़ोस के मोहन राजभर की साढ़े सात मंडा (15 विस्वा) जमीन उसके परिवार के रजामंदी के बिना गांव के ही मुसाफिर राम को 23 लाख में बेचने के लिए मना लिया था। वर्तमान ग्राम प्रधान संजय राय के माध्यम से रजिस्ट्री भी करा दी। गौरीशंकर ने दस लाख रुपये संजय राय के खाते में और दस लाख रुपया अपने खाते में डलवा दिया था। रजिस्ट्री के बाद संजय राय ने तीन-तीन लाख के दो चेक मोहन के नाम और चार लाख का चेक गौरीशंकर के नाम काट कर दिया गया।
मोहन एवं गौरीशंकर यूबीआई, शाहबाजकुली में जाकर पैसा निकाल लाए। गौरीशंकर ने मोहन को कहा कि पैसा मैं रखा हूं, बाद में दे दूंगा नहीं तो तुम्हारे घर वाले जान जाएंगे। इसके बाद गौरी अपनी पत्नी एवं बच्चों को लेकर अपने ससुराल चला गया। तब से उसकी पत्नी एवं बच्चे ससुराल में ही है। इधर गौरी शंकर की वृद्ध मां की तबीयत खराब होने पर उसकी बहन मालती करीब एक वर्ष से यही रह रही थी।

इधर रजिस्ट्री की जानकारी मोहन के लड़के को हुई तो पंचायत हुई और तय हुआ कि 11.50 लाख गौरी पर और 11.50 लाख संजय राय पर हैं। संजय राय अपने हिस्से का बचा डेढ लाख देने को तैयार थे। मुसाफिर राम से मुकदमे में बयान देकर जमीन वापस कर देने की बात तय हुई थी। लेकिन गौरी शंकर हीलाहवाली करता चला आ रहा था। 24 जनवरी 2021 को पुन: पंचायत हुई तो गौरीशंकर ने कहा कि अपना घर बेचकर अक्टूबर 2022 तक रुपये लौटाने की बात कही। तब से लेकर अब तक वह हीलाहवाली कर रहा था। इधर गौरीशंकर की मां क ौशल्या देवी घर बेचने को तैयार नहीं थी और गौरीशंकर उनपर दबाव डाल रहा था। इसी वजह से पहले उसने मां की और फिर बहन की हत्या कर दी।
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