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चौथे दिन भी नहीं छंट पाया दहशत का साया
संवाददाता/ अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Wed, 19 Aug 2015 12:08 AM IST
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स्वतंत्रता दिवस के दिन बिजली, सड़क निर्माण जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अनशन पर बैठक छात्रनेता विवेकानंद पांडेय को जबरन उठाने को लेकर हुए बवाल के चौथे दिन भी दहशत का छाया छंट नहीं पाया है। जंगीपुर के लोग पुलिस
के बर्बर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के लिए दरवाजा तोड़कर की गई बदसलूकी को भूल नहीं पाए हैं। चौथे दिन भी कई स्कूलों में ताले लटके रहे। इक्का-दूक्का दूकानें ही खुली रहीं।
जंगीपुर में पुलिस और पीएसी की तैनाती से लोग खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। भयभीत दूकानदारों ने चौथे दिन भी अपनी दूकानें बंद रखी जिससे उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। घटना के चलते क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय
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बंद चल रहे हैं। मंगलवार को 11 से 12 बजे के बीच प्राथमिक विद्यालय जंगीपुर प्रथम और कन्या प्राथमिक विद्यालय पर ताला लगा हुआ था। लोगों के घर छोड़कर भाग जाने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। कारोबार पूरी तरह से बाधित
है। यूनियन बैंक की बाजार स्थित शाखा में लेन-देन का कार्य भी प्रभावित है। बैंक के शाखा प्रबंधक सुबल घड़ाई की माने तो बाजार बंद होने के कारण सोमवार को बैंक जल्दी बंद कर दिया। जहां सामान्य दिनों में 200 खाताधारक आते थे वहीं
अब गिनती के लोग आ रहे हैं। मंगलवार को खाताधारकों की संख्या पहले से कुछ बेहतर थी।
उधर, गुरुसेवक नगर के लोगों में पुलिस कार्रवाई का भय अब भी समाया हुआ है। यहां की लक्खी देवी पत्नी विजयी ने
बताया कि 15 अगस्त की रात पुलिस ने दरवाजा तोड़कर महिलाओं से बदसलूकी की। दो मोबाइल को पटक कर तोड़ दिया। मीरा ने बताया कि उस रात हम सो नहीं पाए। पुलिस का भय सताता रहा। फातिमा बेगम का कहना है कि वह
अपने अंधे पति और बेटियों के साथ खेत में जाकर रात बिता रही है। पुलिस की कार्रवाई से किदवईनगर, गंज मुहल्ला, निहालनगर में सन्नाटा पसरा है। बहुत से लोग घरों में ताला बंद कर रिश्तेदारियों में रह रहे हैं।
सर्वदलीय युवा संघर्ष समिति की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें भरत शर्मा ने कहा कि यदि बेगुनाह व्यापारियों और आम लोगों का उत्पीड़न नहीं रुका तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का पथराव से कोई लेना देना नहीं है,
उन्हें भी पुलिस परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री को खून से लिखा पत्र भेजकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा।
भाकपा नेता हृदयनारायण पांडेय ने जंगीपुर में पुलिस की बर्बर कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि जनता की बुनियादी समस्याओं को लेकर अनशन कर रहे विवेकानंद पांडेय को जबरन उठाने और लाठीचार्ज कर लोगों की पिटाई करना
अलोकतांत्रिक है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी से दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कहा कि जंगीपुर में हुए बवाल में पकड़े गए बेगुनाहों के घर चूल्हे नहीं जल रहे हैं। लोगों में दहशत है। इसमें प्रशासन को
हस्तक्षेप करना चाहिए।
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के बर्बर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के लिए दरवाजा तोड़कर की गई बदसलूकी को भूल नहीं पाए हैं। चौथे दिन भी कई स्कूलों में ताले लटके रहे। इक्का-दूक्का दूकानें ही खुली रहीं।
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जंगीपुर में पुलिस और पीएसी की तैनाती से लोग खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। भयभीत दूकानदारों ने चौथे दिन भी अपनी दूकानें बंद रखी जिससे उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। घटना के चलते क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय
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बंद चल रहे हैं। मंगलवार को 11 से 12 बजे के बीच प्राथमिक विद्यालय जंगीपुर प्रथम और कन्या प्राथमिक विद्यालय पर ताला लगा हुआ था। लोगों के घर छोड़कर भाग जाने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। कारोबार पूरी तरह से बाधित
है। यूनियन बैंक की बाजार स्थित शाखा में लेन-देन का कार्य भी प्रभावित है। बैंक के शाखा प्रबंधक सुबल घड़ाई की माने तो बाजार बंद होने के कारण सोमवार को बैंक जल्दी बंद कर दिया। जहां सामान्य दिनों में 200 खाताधारक आते थे वहीं
अब गिनती के लोग आ रहे हैं। मंगलवार को खाताधारकों की संख्या पहले से कुछ बेहतर थी।
उधर, गुरुसेवक नगर के लोगों में पुलिस कार्रवाई का भय अब भी समाया हुआ है। यहां की लक्खी देवी पत्नी विजयी ने
बताया कि 15 अगस्त की रात पुलिस ने दरवाजा तोड़कर महिलाओं से बदसलूकी की। दो मोबाइल को पटक कर तोड़ दिया। मीरा ने बताया कि उस रात हम सो नहीं पाए। पुलिस का भय सताता रहा। फातिमा बेगम का कहना है कि वह
अपने अंधे पति और बेटियों के साथ खेत में जाकर रात बिता रही है। पुलिस की कार्रवाई से किदवईनगर, गंज मुहल्ला, निहालनगर में सन्नाटा पसरा है। बहुत से लोग घरों में ताला बंद कर रिश्तेदारियों में रह रहे हैं।
सर्वदलीय युवा संघर्ष समिति की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें भरत शर्मा ने कहा कि यदि बेगुनाह व्यापारियों और आम लोगों का उत्पीड़न नहीं रुका तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का पथराव से कोई लेना देना नहीं है,
उन्हें भी पुलिस परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री को खून से लिखा पत्र भेजकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा।
भाकपा नेता हृदयनारायण पांडेय ने जंगीपुर में पुलिस की बर्बर कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि जनता की बुनियादी समस्याओं को लेकर अनशन कर रहे विवेकानंद पांडेय को जबरन उठाने और लाठीचार्ज कर लोगों की पिटाई करना
अलोकतांत्रिक है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी से दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कहा कि जंगीपुर में हुए बवाल में पकड़े गए बेगुनाहों के घर चूल्हे नहीं जल रहे हैं। लोगों में दहशत है। इसमें प्रशासन को
हस्तक्षेप करना चाहिए।