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पूर्वांचल के विकास के लिए मनोयोग से करें प्रयास
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sat, 04 Jul 2015 11:35 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कारपोरेट से प्रभावित हैं। वे काशी को क्योटो की तरह बनाना चाहते हैं, मगर काशी को अगर क्योटो बनाया गया तो उसकी महिमा और गरिमा दोनों समाप्त हो जाएगी। जहां तक पूर्वांचल की बात है तो यहां के लोगों ने
आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर भाग लिया, लेकिन यहां का उतना विकास नहीं हुआ जितना होना चाहिए था। पूर्वांचल की तुलना में पश्चिम का सर्वाधिक विकास हुआ। पूर्वांचल को जो मिलना चाहिए वह नहीं मिला। इसलिए यहां के विकास के
लिए सभी को मिल-जुलकर पूरे मनोयोग से प्रयास करना होगा। ये विचार हैं समाजवादी चिंतक एवं सपा के राष्ट्रीय महासचिव कुंवर रेवतीरमण सिंह के। वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं गाजीपुर के पूर्व सांसद विश्वनाथ सिंह गहमरी की
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पुण्यतिथि पर शनिवार को लंका स्थित रामलीला मैदान के सभागार में आयोजित पूर्वांचल विकास संगोष्ठी में बोल रहे थे। विश्वनाथ सिंह गहमरी सेवा न्यास की ओर से आयोजित इस संगोष्ठी में उन्होंने इलाहाबाद में लगने वाले बिजली के
कारखानों की चर्चा करते कहा कि जल्द ही वहां 42 सौ मेगावाट बिजली पैदा होने से लोगों को लाभ मिलेगा। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इलाहाबाद में स्किल डेवलपमेंट संस्थान की स्थापना कराई जा रही है। उन्होंने पूर्वांचल में भी
ऐसे संस्थान की जरूरत जताई। विश्वनाथ सिंह गहमरी को स्मरण करते कहा कि कहा कि संसद में जो उन्होंने बयां किया उससे संसद ही नहीं पूरा देश स्तब्ध रह गया था। आज के नेताओं में त्याग-तपस्या और सेवाभाव का अभाव है। गहमरी
जैसे नेता कभी-कभी पैदा होते हैं। गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए उन्होंने युवाओं के साथ ही महिलाओं से भी आगे आने का आह्वान किया और कहा कि गंगा को साजिश के तहत समाप्त किया जा रहा है। अंत में उन्होंने स्व. गहमरी
को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री से मिलकर ताड़ीघाट-बारा मार्ग का निर्माण कराने का आश्वासन दिया।
शिक्षाविद प्रो. हरिकेश सिंह ने गहमरी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता कर रहे समाजवादी चिंतक डा.
पीएन सिंह ने कहा कि पूर्वांचल का विकास हुआ है लेकिन जिस तरह पश्चिम का हुआ उस तरह नहीं। इससे पहले संयोजक युवा समाजसेवी विवेक कुमार सिंह शम्मी और अजय सिंह ने अतिथियों को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया।
संचालन मिथिलेश गहमरी ने किया। संगोष्ठी में पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह, प्रो. केएन सिंह, पूर्व मंत्री लल्लन राय, राममोहन, दीनानाथ शास्त्री, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका प्रसाद दुबे, डा.
मारकंडेय सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए। समारोह में वीके त्रिपाठी, रत्नेश, वीपी सिंह, बलवंत सिंह, कौशलेंद्र सिंह, अखिलेश्वर प्रसाद सिंह, राजनारायण आदि उपस्थित थे।
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आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर भाग लिया, लेकिन यहां का उतना विकास नहीं हुआ जितना होना चाहिए था। पूर्वांचल की तुलना में पश्चिम का सर्वाधिक विकास हुआ। पूर्वांचल को जो मिलना चाहिए वह नहीं मिला। इसलिए यहां के विकास के
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लिए सभी को मिल-जुलकर पूरे मनोयोग से प्रयास करना होगा। ये विचार हैं समाजवादी चिंतक एवं सपा के राष्ट्रीय महासचिव कुंवर रेवतीरमण सिंह के। वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं गाजीपुर के पूर्व सांसद विश्वनाथ सिंह गहमरी की
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पुण्यतिथि पर शनिवार को लंका स्थित रामलीला मैदान के सभागार में आयोजित पूर्वांचल विकास संगोष्ठी में बोल रहे थे। विश्वनाथ सिंह गहमरी सेवा न्यास की ओर से आयोजित इस संगोष्ठी में उन्होंने इलाहाबाद में लगने वाले बिजली के
कारखानों की चर्चा करते कहा कि जल्द ही वहां 42 सौ मेगावाट बिजली पैदा होने से लोगों को लाभ मिलेगा। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इलाहाबाद में स्किल डेवलपमेंट संस्थान की स्थापना कराई जा रही है। उन्होंने पूर्वांचल में भी
ऐसे संस्थान की जरूरत जताई। विश्वनाथ सिंह गहमरी को स्मरण करते कहा कि कहा कि संसद में जो उन्होंने बयां किया उससे संसद ही नहीं पूरा देश स्तब्ध रह गया था। आज के नेताओं में त्याग-तपस्या और सेवाभाव का अभाव है। गहमरी
जैसे नेता कभी-कभी पैदा होते हैं। गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए उन्होंने युवाओं के साथ ही महिलाओं से भी आगे आने का आह्वान किया और कहा कि गंगा को साजिश के तहत समाप्त किया जा रहा है। अंत में उन्होंने स्व. गहमरी
को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री से मिलकर ताड़ीघाट-बारा मार्ग का निर्माण कराने का आश्वासन दिया।
शिक्षाविद प्रो. हरिकेश सिंह ने गहमरी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता कर रहे समाजवादी चिंतक डा.
पीएन सिंह ने कहा कि पूर्वांचल का विकास हुआ है लेकिन जिस तरह पश्चिम का हुआ उस तरह नहीं। इससे पहले संयोजक युवा समाजसेवी विवेक कुमार सिंह शम्मी और अजय सिंह ने अतिथियों को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया।
संचालन मिथिलेश गहमरी ने किया। संगोष्ठी में पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह, प्रो. केएन सिंह, पूर्व मंत्री लल्लन राय, राममोहन, दीनानाथ शास्त्री, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका प्रसाद दुबे, डा.
मारकंडेय सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए। समारोह में वीके त्रिपाठी, रत्नेश, वीपी सिंह, बलवंत सिंह, कौशलेंद्र सिंह, अखिलेश्वर प्रसाद सिंह, राजनारायण आदि उपस्थित थे।