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Ghazipur News: डिवाइडर तोे बना पर यातायात सुगम नहीं हुआ
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आधा- अधूरा ही हो सका है कार्य, फुटपाथ न होने से हादसे का कारण
सिंचाई विभाग तिराहे से सिंचाई विभाग चौराहे तक बनेगा डिवाईडर
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। नगर के प्रमुख स्थानों पर लग रहे जाम से लोगों को निजात दिलाने के लिए और यातायात सुगम बनाने को चित्रगुप्त चौराहे से महिला महाविद्यालय जाने वाले मार्ग स्थित सामुदायिक शौचालय तक डिवाइडर तो बनाया गया, लेकिन इससे परेशानी बढ़ गई है। स्थिति यह है कि सड़क के दोनों तरफ के फुटपाथ गायब हो चुके हैं, जो हादसे का कारण बना हुआ है। जबकि बनाया गया डिवाइडर अब तक पूर्ण भी नहीं हो चुका है। यहीं नहीं सिंचाई विभाग तिराहे से सिंचाई विभाग चौराहे तक भी डिवाइडर का निर्माण होना है।
शहर के प्रमुख स्थान महुआबाग स्थित चित्रगुप्त चौराहा से झुन्नू लाल चौराहा जाने वाला मार्ग आमघाट से आगे संकरा हो जाता है। इस मार्ग पर महिला महाविद्यालय स्थापित है और आवागमन अधिक होने से जाम की स्थिति बनी रहती थी। ऐसे में नगर पालिका की ओर से चित्रगुप्त चौराहा से महिला महाविद्यालय के आगे सामुदायिक शौचालय तक सड़क चौड़ा होने पर डिवाइडर का निर्माण तो करा दिया, लेकिन आधा- अधूरा। देखने से पता चलता है कि सीमेंट में ढालकर सांचे को सिर्फ रख दिख गया है।
यहीं नहीं इसके बन जाने से दोनों तरफ की सड़क वन-वे तो हो गई, लेकिन फुटपाथ गायब हो गया। ऐसे में वाहनों की रफ्तार बढ़ गई और हादसा की संभावना मंडराने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डिवाइडर बनना समझ से परे हैं। वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए ब्रेकर की आवश्यकता थी, लेकिन इसके बनने से वाहनों की रफ्तार बढ़ गई है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि कोई ऐसी व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे आवागमन करने वाले लोग संकेत देखकर समझ सके कि आगे डिवाइडर हैं, ऐसे में आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं।
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इस संबंध में नगर पालिका परिषद गाजीपुर के ईओ लालचंद्र सरोज ने बताया कि अभी डिवाइडर को पूर्ण कराना है। शहर में अन्य जगह मार्ग संकरा है। सिंचाई विभाग तिराहे से चौराहे तक भी डिवाइडर का निर्माण होना है।
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डिवाइडर बनाना अच्छी बात हैं, लेकिन सड़क की चौड़ाई भी देखनी चाहिए। साथ ही फुटपाथ का भी होना जरूरी है, जिससे लोग हादसों से बच सके।- आशीष मौर्या।
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नगर पालिका की ओर से कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन यातायात को सुगम बनाने की जगह परेशानी खड़ी कर दी गई है। स्थिति यह है कि दोनों तरफ अगर देखा जाए तो दुकानों के चलते काफी दिक्कत होती है।- छोटू गुप्ता।
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नगर पालिका की ओर से कई जगहों पर सड़क बनाया गया है, लेकिन फुटपाथ ही गायब है, जो हादसे का प्रमुख कारण बन गया है। सकलेनाबाद से लंका तक पटरी से सड़क ऊंची होने से लोग गिरकर घायल हो रहे हैं।- रोहित वर्मा।
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सड़क चौड़ा होने पर ही डिवाइडर बनाना चाहिए था। डिवाइडर तो बन गया, लेकिन अभी आधा-अधूरा ही है। देखने में लगता है कि सीमेंट का सांचा तैयार करके रख दिया गया है।- सलीम खान।
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सिंचाई विभाग तिराहे से सिंचाई विभाग चौराहे तक बनेगा डिवाईडर
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। नगर के प्रमुख स्थानों पर लग रहे जाम से लोगों को निजात दिलाने के लिए और यातायात सुगम बनाने को चित्रगुप्त चौराहे से महिला महाविद्यालय जाने वाले मार्ग स्थित सामुदायिक शौचालय तक डिवाइडर तो बनाया गया, लेकिन इससे परेशानी बढ़ गई है। स्थिति यह है कि सड़क के दोनों तरफ के फुटपाथ गायब हो चुके हैं, जो हादसे का कारण बना हुआ है। जबकि बनाया गया डिवाइडर अब तक पूर्ण भी नहीं हो चुका है। यहीं नहीं सिंचाई विभाग तिराहे से सिंचाई विभाग चौराहे तक भी डिवाइडर का निर्माण होना है।
शहर के प्रमुख स्थान महुआबाग स्थित चित्रगुप्त चौराहा से झुन्नू लाल चौराहा जाने वाला मार्ग आमघाट से आगे संकरा हो जाता है। इस मार्ग पर महिला महाविद्यालय स्थापित है और आवागमन अधिक होने से जाम की स्थिति बनी रहती थी। ऐसे में नगर पालिका की ओर से चित्रगुप्त चौराहा से महिला महाविद्यालय के आगे सामुदायिक शौचालय तक सड़क चौड़ा होने पर डिवाइडर का निर्माण तो करा दिया, लेकिन आधा- अधूरा। देखने से पता चलता है कि सीमेंट में ढालकर सांचे को सिर्फ रख दिख गया है।
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यहीं नहीं इसके बन जाने से दोनों तरफ की सड़क वन-वे तो हो गई, लेकिन फुटपाथ गायब हो गया। ऐसे में वाहनों की रफ्तार बढ़ गई और हादसा की संभावना मंडराने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डिवाइडर बनना समझ से परे हैं। वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए ब्रेकर की आवश्यकता थी, लेकिन इसके बनने से वाहनों की रफ्तार बढ़ गई है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि कोई ऐसी व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे आवागमन करने वाले लोग संकेत देखकर समझ सके कि आगे डिवाइडर हैं, ऐसे में आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं।
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इस संबंध में नगर पालिका परिषद गाजीपुर के ईओ लालचंद्र सरोज ने बताया कि अभी डिवाइडर को पूर्ण कराना है। शहर में अन्य जगह मार्ग संकरा है। सिंचाई विभाग तिराहे से चौराहे तक भी डिवाइडर का निर्माण होना है।
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डिवाइडर बनाना अच्छी बात हैं, लेकिन सड़क की चौड़ाई भी देखनी चाहिए। साथ ही फुटपाथ का भी होना जरूरी है, जिससे लोग हादसों से बच सके।- आशीष मौर्या।
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नगर पालिका की ओर से कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन यातायात को सुगम बनाने की जगह परेशानी खड़ी कर दी गई है। स्थिति यह है कि दोनों तरफ अगर देखा जाए तो दुकानों के चलते काफी दिक्कत होती है।- छोटू गुप्ता।
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नगर पालिका की ओर से कई जगहों पर सड़क बनाया गया है, लेकिन फुटपाथ ही गायब है, जो हादसे का प्रमुख कारण बन गया है। सकलेनाबाद से लंका तक पटरी से सड़क ऊंची होने से लोग गिरकर घायल हो रहे हैं।- रोहित वर्मा।
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सड़क चौड़ा होने पर ही डिवाइडर बनाना चाहिए था। डिवाइडर तो बन गया, लेकिन अभी आधा-अधूरा ही है। देखने में लगता है कि सीमेंट का सांचा तैयार करके रख दिया गया है।- सलीम खान।