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Ghazipur News: दो गांवों का संपर्क मार्ग टूटा, चलाई जा रही नाव
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गाजीपुर। जिले में अब बाढ़ का कहर जारी है। रेवतीपुर क्षेत्र के दो गांवों हसनपुरा और वीरऊपुर का संपर्क मार्ग बाढ़ से कट चुका है। ग्रामीण प्रशासन की ओर से मुहैया कराई गई नाव से आवागमन कर रहे हैं। दोनों गांवों की आबादी करीब तीन हजार है। रेवतीपुर क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 20 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। छह गांवों में बाढ़ का पानी है। अब रेवतीपुर के पूर्वी व उत्तरी क्षेत्र के यादव व बिंद बस्ती में भी बाढ़ पानी प्रवेश कर चुका है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार को शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 63.660 मीटर दर्ज किया गया। गंगा का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। वर्तमान में गंगा खतरे के निशान 63.105 मीटर से 56 सेमी ऊपर बह रही है। गंगा का जलस्तर सुबह सात बजे 63.630 व दोपहर दो बजे 63.650 मीटर दर्ज किया गया।
वहीं बाढ़ के कारण रेवतीपुर के निचले क्षेत्रों में लगभग 600 बीघा सब्जी, चरी की फसल जलमग्न हो चुकी है। 200 बीघा केले की फसल भी प्रभावित है। रेवतीपुर क्षेत्र के नसीरपुर, अठहठा, नगदीलपुर, वीरऊपुर, हसनपुरा, परमानंदपुर गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश किया हुआ है। इनके अलावा दुल्लहपुर, रेवतीपुर, रामपुर उर्फ साधोपुर, नरायणपुर, कल्याणपुर, गोविंदपुर बाढ़ से प्रभावित गांव हैं। बाढ़ के कारण संबंधित गांवों के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। डेरा पर रहने वाले रेवतीपुर, गोविंदपुर, कल्याणपुर, तिलवां के लोग मवेशियों संग पलायन कर रहे हैं। रेवतीपुर गांव के पूरब तरफ स्थित पानी टंकी परिसर में बाढ़ का पानी आने के कारण एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई है।
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नावों पर प्रशासन की नजर
गाजीपुर। रेवतीपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में जहां नाव प्रशासन की ओर से मुहैया कराई गई है वहां पर नजर रखी जा रही है। नावों में ओवरलोडिंग पर नजर रखी जा रही। इसके लिए ग्रामीणों को सेवराई एसडीएम संजय यादव की ओर से जागरूक किया गया। डीएम आर्यका अखौरी व एसपी डॉ. ईरज राजा ने करंडा विकासखंड के बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायत रफीपुर, तुलसीपुर, शेरपुर, महावल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्या सुनी। साथ ही बाढ़ शरणालय केंद्र प्राथमिक विद्यालय दीनापुर का जायजा लिया।
औने-पौने दाम में केला बेच रहे किसान
गाजीपुर। बाढ़ का पानी अब केले की खेती पर संकट बनकर मंडरा रहा है। रेवतीपुर क्षेत्र के नगदीलपुर में 20 बीघा में केले फसल जलमग्न हो गई है। क्षेत्र में लगभग 500 बीघा में केले की खेती होती है। केले के खेत में बाढ़ आने से नगदीलपुर के किसान केले की तोड़ाई करके व्यापारियों को औने-पौने दाम में बेच रहे हैं। जबकि केला अभी पूरी तरह से तैयार भी नहीं हुआ है।
ढाई बीघा खेत चढ़ा कटान की भेंट
भांवरकोल। क्षेत्र के शेरपुर मुबारकपुर से लेकर गहमर सिवान तक जारी कटान में ढाई बीघा कृषि योग्य भूमि गंगा में समाहित हो गई। बाढ़ का पानी भांगड़ नाले में उफनाने लगा है। इससे धर्मपुरा, कठार, जसदेवपुर, आमघाट, महेशपुर, नकटीको, रानीपुर, पखनपुरा, कबीरपुर, सुरतापुर के किसान सहमे हैं।
500 मीटर दूर हो रहा अंतिम संस्कार
गाजीपुर। नगर के ददरीघाट, कलक्टर घाट, रामघाट, चीतनाथ, स्टीमरघाट सहित डीएम आवास के पास स्थित नाले में बाढ़ का पानी अब भरने लगा है। जब ये नाले ओवरफ्लो होकर बैक होंगे तो नगर में भी बाढ़ का पानी पसरने लगेगा। जिला मुख्यालय स्थित श्मशान घाट पर बाढ़ का पानी भरने से तय जगह से 500 मीटर दूर अंतिम संस्कार हो रहा है।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार को शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 63.660 मीटर दर्ज किया गया। गंगा का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। वर्तमान में गंगा खतरे के निशान 63.105 मीटर से 56 सेमी ऊपर बह रही है। गंगा का जलस्तर सुबह सात बजे 63.630 व दोपहर दो बजे 63.650 मीटर दर्ज किया गया।
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वहीं बाढ़ के कारण रेवतीपुर के निचले क्षेत्रों में लगभग 600 बीघा सब्जी, चरी की फसल जलमग्न हो चुकी है। 200 बीघा केले की फसल भी प्रभावित है। रेवतीपुर क्षेत्र के नसीरपुर, अठहठा, नगदीलपुर, वीरऊपुर, हसनपुरा, परमानंदपुर गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश किया हुआ है। इनके अलावा दुल्लहपुर, रेवतीपुर, रामपुर उर्फ साधोपुर, नरायणपुर, कल्याणपुर, गोविंदपुर बाढ़ से प्रभावित गांव हैं। बाढ़ के कारण संबंधित गांवों के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। डेरा पर रहने वाले रेवतीपुर, गोविंदपुर, कल्याणपुर, तिलवां के लोग मवेशियों संग पलायन कर रहे हैं। रेवतीपुर गांव के पूरब तरफ स्थित पानी टंकी परिसर में बाढ़ का पानी आने के कारण एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई है।
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नावों पर प्रशासन की नजर
गाजीपुर। रेवतीपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में जहां नाव प्रशासन की ओर से मुहैया कराई गई है वहां पर नजर रखी जा रही है। नावों में ओवरलोडिंग पर नजर रखी जा रही। इसके लिए ग्रामीणों को सेवराई एसडीएम संजय यादव की ओर से जागरूक किया गया। डीएम आर्यका अखौरी व एसपी डॉ. ईरज राजा ने करंडा विकासखंड के बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायत रफीपुर, तुलसीपुर, शेरपुर, महावल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्या सुनी। साथ ही बाढ़ शरणालय केंद्र प्राथमिक विद्यालय दीनापुर का जायजा लिया।
औने-पौने दाम में केला बेच रहे किसान
गाजीपुर। बाढ़ का पानी अब केले की खेती पर संकट बनकर मंडरा रहा है। रेवतीपुर क्षेत्र के नगदीलपुर में 20 बीघा में केले फसल जलमग्न हो गई है। क्षेत्र में लगभग 500 बीघा में केले की खेती होती है। केले के खेत में बाढ़ आने से नगदीलपुर के किसान केले की तोड़ाई करके व्यापारियों को औने-पौने दाम में बेच रहे हैं। जबकि केला अभी पूरी तरह से तैयार भी नहीं हुआ है।
ढाई बीघा खेत चढ़ा कटान की भेंट
भांवरकोल। क्षेत्र के शेरपुर मुबारकपुर से लेकर गहमर सिवान तक जारी कटान में ढाई बीघा कृषि योग्य भूमि गंगा में समाहित हो गई। बाढ़ का पानी भांगड़ नाले में उफनाने लगा है। इससे धर्मपुरा, कठार, जसदेवपुर, आमघाट, महेशपुर, नकटीको, रानीपुर, पखनपुरा, कबीरपुर, सुरतापुर के किसान सहमे हैं।
500 मीटर दूर हो रहा अंतिम संस्कार
गाजीपुर। नगर के ददरीघाट, कलक्टर घाट, रामघाट, चीतनाथ, स्टीमरघाट सहित डीएम आवास के पास स्थित नाले में बाढ़ का पानी अब भरने लगा है। जब ये नाले ओवरफ्लो होकर बैक होंगे तो नगर में भी बाढ़ का पानी पसरने लगेगा। जिला मुख्यालय स्थित श्मशान घाट पर बाढ़ का पानी भरने से तय जगह से 500 मीटर दूर अंतिम संस्कार हो रहा है।