{"_id":"eec454cecd978af47d2a3918606a5e86","slug":"the-best-gift-of-yoga-sages-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"योग ऋषि-मुनियों की सर्वश्रेष्ठ देन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
योग ऋषि-मुनियों की सर्वश्रेष्ठ देन
अमर उजाला ब्यूरो/गाजीपुर
Updated Fri, 05 Feb 2016 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बीएड के प्रथम सेमेस्टर के छात्रों के पांच दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का समापन शुक्रवार को हो गया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डा. एसडी सिंह परिहार ने कहा कि योग सिर्फ विवेकशील लोगों के लिए ही नहीं बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए ऋषि-मुनियों की सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक,
प्रामाणिक एवं सार्वभौमिक देन है। आज योग के जरिए ही सच्चे अर्थों में वैश्विक युग का निर्माण हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि योग के जरिए ही विश्व में शांति का मार्ग प्रशस्त होगा।
पहली फरवरी से आयोजित शिविर में योग प्रशिक्षक शिवशंकर राय एवं विजेन्द्र कुशवाहा ने अष्टांग योग, योगकर्ता की विशेषताएं, यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षणार्थियों को अपने सीखे हुए योग को अधिकतम व्यक्तियों को सीखाने का संकल्प कराया गया।
इस अवसर पर डा. श्रीकांत पांडेय, डा. राघवेन्द्र कुमार पांडेय, डा. एसएन सिंह, डा. रमदुलारे, डा. अरुण कुमार यादव, डा. रविशंकर सिंह, अरुण कुमार सिंह, सुभाष, मुरारी तथा अशोक उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डा. एसडी सिंह परिहार ने कहा कि योग सिर्फ विवेकशील लोगों के लिए ही नहीं बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए ऋषि-मुनियों की सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक,
प्रामाणिक एवं सार्वभौमिक देन है। आज योग के जरिए ही सच्चे अर्थों में वैश्विक युग का निर्माण हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि योग के जरिए ही विश्व में शांति का मार्ग प्रशस्त होगा।
पहली फरवरी से आयोजित शिविर में योग प्रशिक्षक शिवशंकर राय एवं विजेन्द्र कुशवाहा ने अष्टांग योग, योगकर्ता की विशेषताएं, यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विज्ञापन
प्रशिक्षणार्थियों को अपने सीखे हुए योग को अधिकतम व्यक्तियों को सीखाने का संकल्प कराया गया।
इस अवसर पर डा. श्रीकांत पांडेय, डा. राघवेन्द्र कुमार पांडेय, डा. एसएन सिंह, डा. रमदुलारे, डा. अरुण कुमार यादव, डा. रविशंकर सिंह, अरुण कुमार सिंह, सुभाष, मुरारी तथा अशोक उपस्थित थे।
विज्ञापन